
महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहिन योजना से बाहर की गई महिलाओं को लेकर ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन (AIDWA) ने राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है. संगठन का दावा है कि हालिया प्रक्रिया में करीब 1 करोड़ महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया है और इसके पीछे उचित आधार नहीं दिए गए. अभियान के पहले दिन रविवार को पालघर जिले के डहाणू तालुका में महिलाओं की एक बड़ी सभा आयोजित की गई. इसमें 3,000 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया. संगठन ने बताया कि पालघर जिले के सभी तालुकों में 27 सितंबर तक इसी तरह की सभाएं आयोजित की जाएंगी. इसके बाद अभियान को महाराष्ट्र के सभी जिलों तक ले जाया जाएगा.
संगठन ने योजना से बाहर की गई महिलाओं को एकजुट करने के बाद मुंबई स्थित मंत्रालय तक संघर्ष मार्च निकालने का भी ऐलान किया है. AIDWA का कहना है कि इस मार्च में महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से हजारों महिलाएं शामिल होंगी. 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना शुरू की थी. योजना के तहत करीब 2.63 करोड़ पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाते थे.
AIDWA का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के बाद सरकार ने योजना के लाभार्थियों का 'सत्यापन' अभियान शुरू किया. इसी प्रक्रिया के दौरान जुलाई 2026 में करीब 1 करोड़ लाभार्थी महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया और उन्हें मिलने वाली राशि रोक दी गई. संगठन ने कहा कि इसके बाद करीब 1.66 करोड़ महिलाएं ही योजना में रह गईं और इनमें से भी कई महिलाओं को राशि नियमित रूप से नहीं मिल रही है.
AIDWA ने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर उसने 20 सितंबर से राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है. अभियान के तहत योजना से बाहर की गई महिलाओं के हजारों फॉर्म भरे जा रहे हैं और महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी महिला सभाएं आयोजित की जा रही हैं. संगठन का उद्देश्य बाहर की गई महिलाओं की समस्याओं को सामने लाना और उन्हें योजना में फिर से शामिल कराने की मांग उठाना है.
बता दें कि राज्य सरकार के इस एक्शन के बाद विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) ने भी सवाल उठाए थे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र की बीजेपी नीत महायुति सरकार ने चुनावी लाभ के लिए महिलाओं का इस्तेमाल किया और सत्ता में आने के बाद उन्हें योजना से बाहर कर दिया. उन्होंने दावा किया था कि ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ के लाभार्थियों की संख्या ई-केवाईसी और सत्यापन के बाद 2.48 करोड़ से घटकर 1.65 करोड़ रह गई थी. वडेट्टीवार ने कहा था कि करीब 92.10 लाख लाभार्थियों को योजना से हटा दिया गया था. (एजेंसी)