MP: पन्ना में जमीन-मुआवजे को लेकर किसानों का ‘मिट्टी सत्याग्रह’, 10 अक्टूबर तक भुगतान के निर्देश

MP: पन्ना में जमीन-मुआवजे को लेकर किसानों का ‘मिट्टी सत्याग्रह’, 10 अक्टूबर तक भुगतान के निर्देश

मध्य प्रदेश के पन्ना में मझगवां और रुंज सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित किसान और आदिवासी जमीन के उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर ‘मिट्टी सत्याग्रह’ कर रहे हैं. प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को 10 अक्टूबर तक मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं.

Panna Mitti SatyagrahaPanna Mitti Satyagraha
क‍िसान तक
  • पन्ना,
  • Sep 21, 2026,
  • Updated Sep 21, 2026, 6:31 PM IST

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में निर्माणाधीन मझगवां और रुंज मध्यम सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित किसान और आदिवासी अपनी मांगों को लेकर पिछले 10 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. प्रभावित परिवारों ने अब ‘मिट्टी सत्याग्रह’ शुरू किया है. उनका कहना है कि जमीन का उचित मुआवजा और प्रभावित परिवारों का पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए.

अजयगढ़ क्षेत्र के मझगवां बांध के बनहरीकला टपरियन में चल रहे आंदोलन के दौरान किसानों ने इससे पहले सांकेतिक चिता प्रदर्शन और जल सत्याग्रह भी किया था. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन आंदोलनों के बाद भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्होंने मिट्टी सत्याग्रह शुरू किया. रविवार देर रात तक प्रदर्शनकारियों ने मशालों के साथ भी प्रदर्शन किया.

आंदोलन को केन-बेतवा लिंक परियोजना और ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन से प्रभावित लोगों का भी समर्थन मिला है.

जमीन और पुनर्वास की मांग

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने आरोप लगाया कि प्रशासन नोटिस और दूसरी कार्रवाइयों के जरिए आंदोलन खत्म कराने का दबाव बना रहा है. उन्होंने कहा कि दबाव के बावजूद प्रभावित परिवार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे.

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग जमीन का उचित मुआवजा और विस्थापित होने वाले परिवारों का सही तरीके से पुनर्वास करना है. इसके साथ ही मझगवां परियोजना के निर्माण, मुआवजा वितरण और पुनर्वास प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग की गई है.

प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि ‘मिट्टी सत्याग्रह’ अपनी पुश्तैनी जमीन से उनके रिश्ते को दिखाने का तरीका है. प्रभावित परिवारों के मुताबिक वे पीढ़ियों से इसी जमीन पर निर्भर रहे हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.

आदिवासी महिला की मौत की जांच की मांग

आंदोलन के दौरान एक आदिवासी महिला की मौत का मामला भी उठाया गया है. प्रदर्शनकारियों के अनुसार 75 वर्षीय रमिया बाई ने 12 और 13 सितंबर को आंदोलन में हिस्सा लिया था. घर लौटने के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्या के चलते उनकी मौत हो गई. आंदोलनकारियों ने मामले की जांच की मांग की है. हालांकि अधिकारियों ने इसे प्राकृतिक मौत बताया है.

10 अक्टूबर तक मुआवजा देने के निर्देश

इस बीच प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को राहत देने की प्रक्रिया तेज कर दी है. सागर कमिश्नर दिलीप कुमार ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि मझगवां और रुंज मध्यम सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों को 10 अक्टूबर तक मुआवजा दिया जाए. इसमें बलूपुर और कुंवरपुर के प्रभावित परिवार भी शामिल हैं.

निर्देश के बाद पन्ना जिला प्रशासन ने विस्थापित ग्रामीणों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों से चर्चा के बाद आंदोलन जारी रखने या खत्म करने पर फैसला लिया जाएगा.(PTI)

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