उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गन्ना किसानों के हित में बड़ी पहल की है. इसी क्रम में प्रदेश के गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने बताया कि इस नई डिजिटल व्यवस्था के तहत गन्ना क्रय केंद्रों से लेकर चीनी मिल गेट तक गन्ने का परिवहन करने वाले सभी वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग की जाएगी. इसके लिए केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से अधिकारी गन्ने से लदे वाहनों की आवाजाही पर 24 घंटे नजर रखेंगे. वहीं, समय से गन्ना चीनी मिलों तक पहुंचने से प्रदेश के 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी. इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने में गन्ना किसानों का महत्वपूर्ण योगदान होगा.
उन्होंने बताया कि इस रियल-टाइम निगरानी से वाहनों के रास्ते में अनावश्यक रुकावट, अनधिकृत ठहराव या किसी भी प्रकार की हेराफेरी पर पूरी तरह से लगाम लगेगी. यह कदम चीनी उद्योग में गन्ना आपूर्ति में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है. इस पूरी प्रणाली का प्रत्यक्ष लाभ गन्ना किसानों को मिलेगा. गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने बताया कि गन्ना आपूर्ति श्रृंखला को डिजिटल तकनीक से जोड़ते हुए विभाग ने वाहनों की लाइव ट्रैकिंग के लिए व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम पर विचार कर रहा है.
गन्ना आयुक्त ने बताया कि अक्सर खेत से गन्ने की कटाई के बाद मिल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता था, जिससे धूप और हवा के कारण गन्ना सूखने लगता था. अब व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने से गन्ने की कटाई के बाद 24 घंटे के भीतर चीनी मिलों तक आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. समयबद्ध परिवहन से गन्ने की ताज़गी और प्राकृतिक वजन बरकरार रहेगा, जिससे किसानों को वजन में होने वाली कटौती और वित्तीय नुकसान से पूरी सुरक्षा मिलेगी.
बता दें कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत और सहारा साबित हुई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किसानों को समयबद्ध और नियमित गन्ना मूल्य भुगतान किया जा रहा है.पेराई सत्र 2025-26 में अब तक गन्ना किसानों को 30,831.81 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है.
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