
ओडिशा सरकार ने खरीफ सीजन में धान खरीद के लिए किसानों के रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा बढ़ा दी है. पहले किसानों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया था. लेकिन अब धान किसान 7 सितंबर तक अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. सरकार ने यह फैसला बाढ़, भारी बारिश और ऑनलाइन सर्वर में आ रही तकनीकी समस्याओं को देखते हुए लिया है. दरअसल, राज्य के खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री के.सी. पात्रा ने रविवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कई इलाकों में हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण कुछ किसान समय पर अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए. किसानों की मांग को देखते हुए सरकार ने रजिस्ट्रेशन की तारीख सात दिन बढ़ाने का फैसला किया है.
मंत्री के.सी. पात्रा ने कहा कि सरकार के सामने यह बात आई थी कि बारिश और बाढ़ से प्रभावित कई किसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं. इसके अलावा, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान कई किसानों को सर्वर की समस्या का भी सामना करना पड़ा. इससे उन्हें आवेदन जमा करने में परेशानी हुई. उन्होंने बताया कि तकनीकी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने संबंधित तकनीकी टीम के साथ चर्चा की है. सिस्टम में आ रही दिक्कतों को जल्द ठीक करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि किसान आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकें.
सरकार के मुताबिक, अब तक 17 लाख से ज्यादा किसान अपना धान सरकार को बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद किसान सरकारी खरीद व्यवस्था के तहत अपना धान बेच सकेंगे. हालांकि, विपक्षी दल बीजू जनता दल (BJD) ने सरकार के इस फैसले को पर्याप्त नहीं बताया है. BJD नेता संजय दास बर्मा ने मांग की है कि रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा कम से कम 20 दिन और बढ़ाई जाए. उनका कहना है कि बड़ी संख्या में किसान अभी भी रजिस्ट्रेशन से बाहर हैं और उन्हें भी सरकारी धान खरीद प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलना चाहिए.
वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता रामा चंद्र कदम ने भी किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान किसानों को जिन तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, उनका तुरंत समाधान किया जाना चाहिए. ऐसे में अब किसानों के पास 7 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन कराने का मौका है. सरकार की कोशिश है कि बारिश, बाढ़ या तकनीकी समस्या के कारण कोई भी पात्र किसान धान बेचने की सरकारी व्यवस्था से बाहर न रह जाए. (PTI)