
गोबर अब गोबरधन बन चुका है. पहले की तरह से अब गोबर को फेंका नहीं जा रहा है. अगर एक्सपर्ट की बात मानी तो गोबर का दोहरा इस्तेमाल करने से पशुपालकों की दोगुना इनकम हो रही है. गोबर के इस नए मॉडल को अपनाकर पशुपालक दूध के साथ-साथ गोबर से भी मुनाफा कमा रहे हैं. बाजार में दूध के साथ गोबर भी बिक रहा है. पीएम नरेन्द्र मोदी खुद गोबर से होने वाली इनकम के बारे में बात कर चुके हैं. वहीं नेशनल डेयरी डवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के चेयरमैन का कहना है कि गोबर अब ऊर्जा और उर्वरक का बेहतर विकल्प साबित हो रहा है.
गोबर से एक नहीं कई-कई प्रोडक्ट बन रहे हैं. इसके लिए एनडीडीबी ने तीन मॉडल्स तैयार किए हैं. तीनों ही कामयाबी के साथ काम कर रहे हैं. इन मॉडल्स के जरिए जहां किसानों की इनकम डबल हो रही है तो मिट्टी और पर्यावरण की सेहत भी सुधर रही है.
एनडीडीबी चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह का कहना है कि 15 राज्यों के अलग दुग्ध महासंघ और संघों के साथ कुल 25 समझौते किए गए हैं. समझौते के तहत जकरियापुरा (विकेन्द्रीकृत), वाराणसी (केंद्रीकृत बायोगैस) और बनास प्लांट (बायो-CBG) मॉडल पर काम किया जाएगा. साथ ही डेयरी सेक्टर को सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलैरिटी के लिए आगे ले जाया जाएगा. कई और नए विकेंद्रीकृत और केंद्रीकृत बायो गैस प्लांट की स्थापना की जाएगी. यह एक बहुआयामी पहल हैं जिसके कई लाभ होंगे.
मीनेश शाह का कहना है कि केन्द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सहयोग से एनडीडीबी के नेतृत्व में गोबर को ऊर्जा और उर्वरक के एक प्रमुख संसाधन के रूप में प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसके लिए एनडीडीबी द्वारा बायोगॅस और गोबर प्रबंधन के लिए कई मॉडल्स विकसित किए गए है. इसमे होता ये है कि किसानों को रसोई गैस, खेतों में मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए स्लरी मिल जाती है. जरूरत के बाद जो स्लरी बचती है उसे किसान बेच देते हैं. इसके कई फायदे हैं. जैसे किसानों की एक्सट्रा इनकम तो हो रही रही है साथ में ऑर्गेनिक उर्वरक मिलते हैं और पर्यावरण की सुरक्षा भी हो रही है.
मीनेश शाह ने बताया कि गोबरधन के तहत एनडीडीबी के तीन मॉडल्स काम कर रहे हैं. तीनों के काम करने का तरीका अलग है. जैसे किसानों के घर पर रसोई गैस और खेतों में स्लरी-उर्वरक के लिए जकरियापुरा मॉडल काम करता है. डेयरी संचालन के लिए ऊर्जा और ऑर्गेनिक उर्वरक के लिए वाराणसी मॉडल काम कर रहा है. वहीं केंद्रीकृत बायो-CBG के उत्पादन और ऑर्गेनिक उर्वरक के लिए बनास मॉडल समेत सभी मॉडल कामयाबी के साथ काम कर रहे हैं.
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