Analog Paneer: एनालॉग पनीर एक्शन में आया मदर डेयरी का बड़ा बयान

Analog Paneer: एनालॉग पनीर एक्शन में आया मदर डेयरी का बड़ा बयान

Analog Paneer खाद्य उत्पाद मानक और खाद्य योजक (FSSAI) एनालॉग पनीर बेचने के मानक तय किए हैं. लेकिन असल खेल ये है कि आम जनता को एनालॉग पनीर खिलाकर दूध से बने पनीर के पैसे वसूले जाते हैं. जबकि एनालॉग और दूध से बने पनीर के स्वाद में भी काफी फर्क होता है.

Analog Paneer Banned in GujaratAnalog Paneer Banned in Gujarat
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Aug 07, 2026,
  • Updated Aug 07, 2026, 4:24 PM IST

एनालॉग पनीर की लड़ाई में अब मदर डेयरी भी कूद गई है. मदर डेयरी ने डेयरी प्रोडक्ट को लेकर एक बयान जारी किया है. बयान में मदर डेयरी ने हाल ही में एनालॉग पनीर के खि‍लाफ हुई कार्रवाई को स्वागत-योग्य कदम बताया है. उसका कहना है कि एनालॉग पनीर के प्रोडक्शन और बिक्री को रोकने के लिए अलग-अलग राज्यों की हालिया पहल को इस कैटेगरी में फूड सेफ्टी और उसकी सच्चाई को मजबूत करने वाला बताया है. वहीं मदर डेयरी का ये भी कहना है कि पनीर हमेशा से भारत के खान-पान का एक अहम हिस्सा रहा है, जिसे इसके स्वाद, कई तरह से इस्तेमाल होने की खूबी और पोषण के गुणों के लिए पसंद किया जाता है. 

इसलिए जब ग्राहक पनीर चुनते हैं, तो उन्हें पूरा भरोसा होना चाहिए कि जो प्रोडक्ट वो खरीद रहे हैं वो असली है और उसके बारे में सही जानकारी दी गई है. वहीं उनका ये भी कहना है कि प्रोडक्ट के साफ और ऊंचे स्टैंडर्ड्स, सही लेबलिंग और डेयरी प्रोडक्ट्स की सही जानकारी देना आज ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है. और हमें उम्मीद है कि बेहतर स्टैंडर्ड्स और उनके सही तरीके से लागू होने का यह सिलसिला बाजारों में जारी रहेगा. 

जानें कैसे बनता है एनालॉग पनीर 

जानकारों की मानें तो दूध से बने पनीर में सिर्फ दूध का ही इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि ये बहुत ही सॉफ्ट होता है. मुंह में रखने के बाद इसे ज्यादा चबाने की जरूरत नहीं पड़ती है. जबकि एनालॉग पनीर को खाते वक्त दूध वाले पनीर के मुकाबले ज्यादा चबाना पड़ता है. कुछ होटल वाले एनालॉग पनीर को दूध से बना पनीर साबित करने के लिए उसकी डिश बनाते वक्त ग्रेवी की मदद से उसे मुलायम करने की कोशिश करते हैं.

अगर एनालॉग पनीर को बनाने की बात करें तो इसमे वनस्पति तेल के साथ दूध पाउडर इस्तेमाल किया जाता है. साथ ही सोया, नारियल तेल और जड़ वाली सब्जियों समेत प्लांट बेस्ड सामग्री भी मिलाई जाती है. टैपिओका, खमीर और एसिड जैसी गाढ़ी चीजों का इस्तेमाल भी एनालॉग पनीर बनाने में किया जाता है.  

FSSAI ने बताया कैसे बिकेगा एनालॉग पनीर 

दिल्ली में दूध से बने पनीर की कीमत 350 से 450 रुपये किलो तक है. वहीं एनालॉग पनीर 250 रुपये किलो से 275 रुपये की कीमत का होता है. खाद्य उत्पाद मानक और खाद्य योजक (FSSAI) के मुताबिक अगर किसी को एनालॉग पनीर बेचना है तो उसे पैकिंग पर बताना होगा कि ये एनालॉग पनीर है. साथ ही इंग्रीडेंटस (किससे बना है) और रेट भी लिखने होंगे.

अगर कोई खुले में बेचता है तो उसे दूध से बने पनीर की कीमत से कम पर बेचना होगा. अपने ग्राहक को जानकारी देनी होगी कि एनालॉग पनीर दूध से बने पनीर से सस्ता है. इसके अलावा, होटल, रेस्तरां में पका हुआ भोजन बेचने वालों को भी नोटिस बोर्ड पर एनालॉग पनीर के बारे में जानकारी देनी होगी.

ये भी पढ़ें-

सूअरों के जानलेवा बुखार का मिला पक्का समाधान, वैज्ञानिकों ने बनाई पहली स्वदेशी वैक्सीन!

योगी सरकार ने किसानों के लिए अनुपूरक बजट में खोला खजाना, खेती से लेकर डेयरी सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार

MORE NEWS

Read more!