बरसात के दौरान वैसे तो गाय-भैंस को कई तरह के संक्रमण का सामना करना पड़ता है. लेकिन इस दौरान जो सबसे ज्यादा परेशान करती हैं वो है चिचड़ और मक्खी. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो बेशक देखने में ये दो छोटे से कीट हैं, लेकिन इनकी वजह से कई बड़ी बीमारियां पशुओं को होती हैं. ये तीन खास बीमारियों एनाप्ताज्मोसिस, थाइलेरियोसिस और बबेसियोसिस के बड़े वाहक हैं. कई बार इन बीमारियों के चलते पशुओं की मौत तक हो जाती है. लेकिन एक्सपर्ट के बताए गए टिप्स का पालन एनिमल शेड में किया जाता है तो गाय-भैंस चिचड़ और मक्खी के प्रकोप से बचे रहेंगे.
अगर काटने वाली मक्खियों और चिचड़ों को दूर भगाने के लिए प्राकृतिक मक्खी निरोधक नीम के तेल का नियमित इस्तेमाल किया जाए तो. इसका कोई रासायनिक प्रभाव पशु में सामने नहीं आता है. वहीं चिचड़-मक्खी प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित होने की संभावना भी खत्म हो जाती है.
चिचड़ और मक्खी से नुकसान
- चिचड़ से एनाप्ताज्मोसिस, थाइलेरियोसिस और बबेसियोसिस बीमारियां पशुओं में फैलने लगती हैं.
- काटने बाली मक्खियों से पशुओं को सर्रा बीमारी होने के साथ ही मियादी बुखार हो जाता है.
- पशु शेड में अगर इनकी संख्या ज्यादा हो तो संक्रमण के चलते पशुओं में खून की कमी हो जाती है.
- चिचड़ और काटने वाली मक्खियों से पशु तनाव में आ जाते हैं.
- चिचड़ और मक्खी पशुओं को जिस जगह पर काटते हैं वहां एलर्जी हो सकती है.
- ये बड़ी संख्या में अण्डे देती हैं जिसके चलते इनकी संख्या लगातार बढ़ती रहती है.
चिचढ़ को कैसे करें कंट्रोल
- किसी भी पशु को खरीदने के बाद उसे दूसरे पशुओं के साथ रखने से पहले चिचड़ रहित कर लें.
- समय-समय पर चिचड़ों को मारने की दवा पशुओं पर लगानी चाहिए.
- एक वयस्क चिचड़ करीब 3000 अंडे देती है.
- चिचड़ का लार्वा बिना भोजन के दो से सात महीने तक जिंदा रह सकता है.
- चिचड़ दोबारा ना हो इसके लिए दवाई का इस्तेमाल पशु संग शेड की दीवार की दरारों में भी करें.
- चिचड़ नाशक दवा को समय-समय पर प्रतिरोधक विकसित होने से रोकने के लिए बदलते रहना चाहिए.
- पशुचिकित्सक से सही चिचड़ नाशक दवा और उसकी खुराक के बारे में सलाह जरूर लें.
मक्खी कंट्रोल करने के उपाय
- हर रोज गोबर और पशु मूत्र का सही जगह पर निपटारा करें.
- जहां गोबर और पशु मूत्र निपटारा करें वो गौशाला से दूर होनी चाहिए.
- पशु शेड में गोबर-मूत्र के जमाव से बचना चाहिए.
- खासतौर पर बरसात के मौसम में पशुओं के शेड में धुआं करना चाहिए.
- पशु शेड से चिचड़-मक्खी भगाने के लिए शाम के वक्त नीम की पत्तियां जलाएं.
- मक्खियों को भगाने वाले पदार्थ को एक्सपर्ट के मुताबिक सही मात्रा में इस्तेमाल करें.
- पशुओं में दवा बालों की विपरित दिशा में लगानी बाहिए.
- दवा पूरे शरीर खासकर नीचे के हिस्सों और पैरों पर जरूर लगाएं.
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