Goat Care: अभी बकरियों को बहुत परेशान करेंगी ये तीन बीमारियां, ऐसे करें देखभाल 

Goat Care: अभी बकरियों को बहुत परेशान करेंगी ये तीन बीमारियां, ऐसे करें देखभाल 

Goat Care बाढ़-बरसात के दौरान बकरियों को खासतौर पर होने वाली तीन तरह की बीमारियों से बचाया जा सकता है. लेकिन जरूरी है कि वक्त रहते कुछ खास उपाय अपनाए जाएं. बीमारियों के लक्षणों को पहचान कर उनकी रोकथाम की जाए. साथ ही पानी पिलाने के तरीकों में बदलाव भी किया जा सकता है. 

यूपी की महिलाओं ने बकरी के दूध से साबुन बनाकर अपनी आय में भारी वृद्धि की है (फोटो क्रेडिट-किसान तक)यूपी की महिलाओं ने बकरी के दूध से साबुन बनाकर अपनी आय में भारी वृद्धि की है (फोटो क्रेडिट-किसान तक)
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Aug 06, 2026,
  • Updated Aug 06, 2026, 5:39 PM IST

बारिश के चलते कई जगहों पर पानी भरना शुरू हो गया है. यमुना में भी पानी का जलस्तर बढ़ने लगा है. वहीं अभी और बारिश की संभावना जताई जा रही है. और जैसे ही बारिश ज्यादा होगी तो नादियों में भी उफान आएगा और पानी घुसना शुरू हो जाएगा. ऐसे में जहां नादियों का पानी भरेगा तो वहां सिर्फ इंसान ही नहीं किसानों के पशु भी परेशान होंगे. बीमारियां जहां इंसानों को चपेट में लेती हैं तो पशु भी बीमारियों की चपेट में आ जाती हैं. अगर छोटे पशु बकरियों की बात करें तो तीन खास बीमारियां बाढ़-बरसात के दौरान बहुत परेशान करती हैं. 

इसमे दो बीमारी तो बकरियों के पेट से जुड़ी हुई हैं. गोट एक्सपर्ट की मानें तो अगर बरसात के दौरान बकरियों की खास तरह से देखभाल की जाए तो उन्हें बीमारियों और संक्रमण से बचाया जा सकता है. एक्सपर्ट के मुताबिक तय वैक्सीन लगवाकर भी बकरियों की बीमारियों को कंट्रोल किया जा सकता है. बकरियों की रोजाना की दिनचर्या पर नजर रखी जाए तो बीमारियों को फैलने से पहले ही कंट्रोल किया जा सकता है.  

ऐसे होती है पेट के कीड़ों की पहचान 

  • यह जरूरी नहीं कि डॉक्टर के पास ले जाने पर ही बकरी की हर एक बीमारी का पता चलेगा.
  • बकरी की आंखें देखकर पेट में होने वाले कीड़ों के बारे में पता किया जा सकता है. 
  • बकरी में होने वाले बदलावों को देखकर भी बीमार होने का पता लगा सकते हैं. 
  • भेड़-बकरी में पलने वाले हिमोकस पैरासाइड का पता आंखों से लगाया जा सकता है. 
  • हिमोकस पैरासाइड होते ही भेड़-बकरी की आंखों में बदलाव होने लगता है. 
  • हिमोकस भेड़-बकरी का खून चूसता है जिसका असर आंखों पर होने लगता है. 
  • खून चूसने के चलते हिमोकस पैरासाइड संख्या भी बढ़ने लगती है. 
  • हेल्दी भेड़-बकरी की आंखें चमकीली और लाल-गुलाबी होती हैं. 
  • पेट में हिमोकस है तो आंख हल्की गुलाबी हो जाती है. 
  • हिमोकस की संख्या बढ़ने पर आंख सफेद पड़ने लगती है. 
  • सफेद आंख का मतलब है कि भेड़-बकरी में खून की कमी हो रही है. 

ऐसे पता चल जाता है डायरिया हुआ है 

  • बदलती मेंगनी से पता चल जाता है कि बकरी को डायरिया है. 
  • एक हेल्दी बकरी गोल, चमकदार और सॉलिड मेंगनी करती है. 
  • बकरी की चिपकी हुई और गुच्छे वाली मेंगनी का आना बीमारी का अलर्ट है. 
  • मेंगनी पेस्ट जैसी आ रही है तो इसका मतलब बकरी की आंत में इंफेक्शन है. 
  • पेस्ट जैसी मेंगनी बकरी को डायरिया होने पर भी होती है.  

यूरिन से करें डायरिया की पहचान

  • बकरी के यूरिन पर भी हर रोज नजर रखनी चाहिए.  
  • बकरी का यूरिन अगर भूरे यानि हल्के पीले रंग का है तो वो सामान्य है. 
  • गहरे पीले रंग का यूरिन आ रहा है तो बकरे-बकरी ने कम पानी पिया है. 
  • कम पानी पीने से बकरी को डिहाइड्रेशन हो जाता है. 
  • यूरिन का रंग गहरा पीला हो और उसमे लालपन हो तो बकरी को यूरिन की जगह चोट लगी है. 
  • अगर कभी यूरिन कॉफी कलर का आने लगे तो समझिए कि बकरी के खून में इंफेक्शन है. 

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