Placenta Problem: बच्चा देने के बाद रुक जाती है गाय-भैंस की जेर, ऐसे निकालें फंसी हुई जेर 

Placenta Problem: बच्चा देने के बाद रुक जाती है गाय-भैंस की जेर, ऐसे निकालें फंसी हुई जेर 

बच्चेदानी के अंदर जिस थैली में बच्चा रहता है वो बच्चे के जन्म के साथ फट जाती है. और जब गाय-भैंस बच्चा दे देती है तो उसके तीन से आठ घंटे में जेर खुद ही बाहर निकल आती है और गिर जाती है. लेकिन कई बार जेर 12 से 15 घंटे बाद भी नहीं गिरती है. इसी को जेर का रुकना या फंसना कहते हैं. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Feb 06, 2026,
  • Updated Feb 06, 2026, 12:42 PM IST

पशुपालक को जहां गाय-भैंस से बछड़ा मिलने की खुशी होती है तो वहीं जेर उनकी परेशानी को बढ़ा देती है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो अक्सर बच्चा देने के बाद गाय-भैंस की जेर फंस जाती है. हालांकि ये कोई बहुत बड़ी परेशानी नहीं है, अगर कुछ छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखा जाए तो आसानी से बछड़े का जन्म भी हो जाएगा और जेर भी नहीं फंसेगी. प्रजनन के बाद जेर का गिरना एक प्राकृतिक प्रक्रिेया है, लेकिन अधूरी और जानकारी न होने के चलते पशुपालक इसे जटिल बना देते हैं. 

इसलिए अगर तय वक्त तक जेर न गिरे और जेर गिरने का मामला बिगड़ जाए तो फौरन ही पशु चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए. एक भैंस का गर्भकाल 310 दिन का होता है. भैंस के गाभि‍न होते ही उसे शुरुआत में तो देखभाल की जरूरत होती ही है, साथ में गर्भकाल के आखि‍री तीन महीने में भी बहुत जरूरत पड़ती है. लेकिन उससे भी खास देखभाल होती है जब बच्चा देने के बाद उसकी जेर गिरती है. 

बच्चा होने के बाद इसलिए फंसती है जेर 

  1. भैंस के समय से पहले बच्चा देना की वजह से.
  2. गाय-भैंस का गर्भपात होने के चलते. 
  3. खुराक में कैल्शियम की कमी होने पर. 
  4. भैंस को संतुलित खुराक ना मिलने पर बच्चे का कमजोर होना. 
  5. गर्भ में पल रहे बच्चे का आकार काफी बड़ा होने पर. 

जेर रुक जाए तो फौरन करें ये काम 

  • जेर रूकने पर गाय-भैंस को साफ जगह बांधना चाहिए.
  • जेर बाहर आने पर भैंस जमीन पर बैठती है तो उसके साथ गंदगी लग जाती है. 
  • कई बार जेर के साथ लगी गंदगी की वजह से गर्भाशय में संक्रमण हो जाता है. 
  • जब तीन से छह घंटे बाद जेर ना गिरे तो पशु चिकित्सक की सलाह लें. 
  • जेर हमेशा 24 घंटे बाद ही डाक्टर से निकलवानी चाहिए. 
  • 24 घंटे बाद जेर की पकड़ गर्भाशय से कमजोर पड़ जाती है. 
  • निकालने से पहले, भैंस का पिछला हिस्सा, जेर साबुन और साफ पानी से धो लें.
  • जेर निकलवाने में आधा घंटे से अधिक का समय नहीं लगना चाहिए.
  • जेर निकालते समय हाथ साफ और नाखून कटे होने चाहिए.
  • डाक्टर से भी जेर पूरी नहीं निकले तो उस पर जोर नहीं डालें. 
  • कई बार अंदर चिपकी जेर अपने आप थोड़ी-थोड़ी कटकर बाहर आती रहती है.
  • जेर निकालने के बाद डाक्टर से बच्चेदानी में उचित गोलियां रखवा लें.
  • बच्चेदानी में रखी जाने वाली गोलियां तीन से पांच दिन रखवाएं. 
  • जेर रूक जाए तो उस पर ईट-पत्थर नहीं बांधे.
  • जेर पर ईट-पत्थर बांधने से बच्चेदानी पलट सकती है. 

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