पंजाब में अगले कुछ दिनों तक धान की फसल की कटाई चलने वाली है. मगर इसी बीच भारी बारिश के अनुमान की वजह से किसान अब बीच मझधार में फंसते नजर आ रहे हैं. इस समय अगर बारिश हुई तो धान की कटाई में देरी होगी. इससे गेहूं की बुवाई के लिए किसानों को वक्त बहुत कम मिलेगा और फिर मजबूरन पराली को आग लगाने की घटनाएं बढ़ सकती हैं.
पंजाब में मूसलधार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ ने भयानक रूप ले लिया है. 23 जिलों के 1200 से अधिक गांव प्रभावित हैं. राज्य सरकार ने पूरे पंजाब को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित कर राहत कार्य तेज कर दिए हैं.
28 फरवरी तक जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश में, 27 और 28 फरवरी को उत्तराखंड में बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है. 27 और 28 फरवरी को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में और 27 और 28 फरवरी को हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है.
राजस्थान में शनिवार को पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. फलोदी में अधिकतम तापमान 50 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके बाद बाड़मेर में 48.8 डिग्री, जैसलमेर में 48 डिग्री सेल्सियस, बीकानेर में 47.2 डिग्री सेल्सियस, चुरू में 47 डिग्री सेल्सियस, जोधपुर में 46.9 डिग्री सेल्सियस, गंगानगर में 46.5 डिग्री सेल्सियस, कोटा में 46.3 डिग्री सेल्सियस और जयपुर में पारा 43.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.
आईएमडी के अनुसार, न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस के साथ हिसार हरियाणा में सबसे ज्यादा ठंडा रहा. वहीं पंजाब में सबसे कम न्यूनतम तापमान अमृतसर में 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. राजधानी चंडीगढ़ में भी कड़ाके की ठंड पड़ी, जहां न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
हरियाणा में, हिसार में कड़ाके की ठंड पड़ी, जहां न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. करनाल में भी ठंड की स्थिति बनी रही, जहां न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
सरकारी विभागों को भी स्पष्ट निर्देश है कि निर्माण कार्यों के लिए रेत मिट्टी आदि को ढक कर रखें और पानी का छिड़काव करते रहें. करनाल में हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने कहा कि बोर्ड की टीमों द्वारा जिले भर में लगातार चैकिंग की जा रही है.
हरियाणा के अंबाला में तीन शव पाए गए, जबकि जिले में बाढ़ के पानी से गुजरते समय बिजली का झटका लगने से एक और व्यक्ति की मौत हो गई." भारी बारिश अपने पीछे तबाही का मंजर छोड़ गई है, करोड़ों की संपत्ति बर्बाद हो गई है और खेत डूब गए हैं.
देश के कई राज्य अभी भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं. इस बीच पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बारिश ने लोगों को राहत दिलाई है. इन राज्यों में बारिश से लोगों को तपती गर्मी और बढ़ते तापमान से राहत मिली है. दिल्ली एनसीआर में भी बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात में बारिश दर्ज की गई.
पंजाब के फाजिल्का जिले का बुकैनवाला गांव आज देर शाम एक चक्रवाती तूफान या बवंडर की चपेट में आ गया, जिससे 50 से अधिक घरों को भारी नुकसान पहुंचा है और 10 लोग घायल हो गए हैं.
मौसम विभाग की मानें तो पंजाब में इस तरह के मौसम का असर आने वाले 24 से 48 घंटे तक रहने की संभावना है. इससे दिन और रात का तापमान भी गिरेगा, जो गेहूं के लिए फायदेमंद होगा. किसानों से अपील करते हुए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने कहा कि इस दौरान गेहूं की फसल की सिंचाई नहीं होनी चाहिए और न ही उस पर स्प्रे किया जाना चाहिए.
सोनीपत के किसानों का कहना है कि जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी, वैसे-वैसे गेहूं की फसल तेजी से बढ़ेगी. गेहूं की बालियों में फुटाव अधिक होगा. गेहूं की अच्छी फसल के लिए फरवरी महीने तक अच्छी ठंड रहनी चाहिए, जो अभी चल रही है. इससे आगे बंपर पैदावार मिलने की उम्मीद रहती है.
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