महाराष्ट्र का मराठवाड़ा क्षेत्र इस वक्त सबसे भीषण बारिश और बाढ़ का प्रकोप झेल रहा है. 1 जून से लेकर अब तक मानसून से संबंधित घटनाओं में टोटल 104 लोगों की जानें जा चुकी हैं. 1 जून से अब तक कुल 2838 जानवर मारे गए हैं.
महाराष्ट्र में आने वाले तीन बहुत भारी होने वाले हैं क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है. सरकार ने इसको लेकर एडवाइजरी जारी की है और लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया है. मौसम विभाग ने शनिवार के लिए नांदेड़, लातूर, बीड, हिंगोली, परभणी और धाराशिव जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
Maharashtra Rains: महाराष्ट्र के जलगांव जिले की एक तहसील में मंगलवार को बादल फटने से दर्जनभर गांवों की फसलें जलमग्न हो गईं. अचानक हुई तेज बारिश से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और कई एकड़ के फसलें चौपट हो गईं. इतना ही नहीं इस बारिश में एक व्यक्ति की जान भी चली गई.
चंद्रपुर के नंदोरी गांव में शीर नदी उफान पर आने से इंदिरा नगर की 40 घरों की बस्ती गांव से कट गई है. पुल न बनने से ग्रामीण हर बार जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं. बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज और किसानों की खेती सब प्रभावित है, हालात टापू जैसे हो जाते हैं.
Maharashtra Flood News: महाराष्ट्र में भारी बारिश से भीमा और कृष्णा नदी उफान पर हैं. उजानी बांध के 16 गेट खोलकर 76,600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. पुणे, सांगली और अन्य जिलों में नदी किनारे के खेत जलमग्न हो गए और फसलें डूब गई हैं.
Akola Flood: अकोला के ग्रामीण इलाकों में 10 दिन के बाद भारी बारिश का कहर देखने को मिला है. मन नदी पुल के ऊपर से पानी बह रहा है. वहीं, 17 वर्षीय बाइक सवार युवक की बाढ़ के पानी में बह जाने से मौत हो गई. जिले के पारस में बादल फटने वाली स्थिति जैसी बारिश से लोगों के घरों और किसानों के खेतों में पानी घुस गया.
Wardha News: महाराष्ट्र के वर्धा जिले में मॉनसून की पहली बारिश से यशोदा नदी में आई बाढ़ से हालात बिगड़े. करीब 2000 हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई, कई गांव प्रभावित हुए और एक स्कूली छात्र समेत तीन लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया.
Mumbai Monsoon Update: मुंबई में मॉनसून का आगमन हो गया है. इसी के साथ यहां के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. यहां तक कि कई इलाकों में बारिश शुरू भी हो चुकी है. बारिश के असर को देखते हुए यहां के बीएमसी ने राहत के लिए अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं.
Maharashtra Heavy Rain: महाराष्ट्र में कई जिलों में बारिश के बीच सांगली के चिकुर्डे गांव में पिछले आठ दिनों से जारी बारिश से किसान भगवान सुतार की मूंगफली की फसल बर्बाद हो गई. वहीं, जालना के एक गांव में मोसंबी के बाग को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसान चिंतित हैं और मुआवजे की मांग उठाई है.
महराष्ट्र के अमरावती में तिवसा तहसील समेत जिले के अन्य भागों में दिनभर तेज धूप और लू चलने के बाद शाम को मौसम में अचानक बदलाव आया. तेज हवाओं के साथ काले बादल छा गए और गरज के साथ जोरदार बारिश शुरू हुई. कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई .
हिंगोली में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ के कारण तबाही की तस्वीर नजर आ रही है. घर पानी में डूबे हुए हैं. यहां लोगों को बचाने के लिए लगातार बचाव कार्य जारी है. बाढ़ की कई तस्वीरें सामने आ रही हैं जिसमें लोग पेड़ों पर चढ़कर तो कहीं कहीं गले तक पानी में डूबकर बाढ़ से बचने का प्रयास कर रहे हैं.
मुंबई और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश के कारण उपनगरीय ट्रेन सेवाओं पर असर पड़ा है. इसके साथ ही विमान सेवाएं बाधित हुईं. बारिश के कारण शहर में सामान्य जन-जीवन प्रभावित हुआ है. आईएमडी की तरफ से जारी रेड अलर्ट को देखते हुए बीएमसी ने 9 जुलाई को मुंबई के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है.
मौसम की मार से किसानों का काफी नुकसान हो रहा है. पिछले 15 दिनों में चार बार बेमौसम बारिश के कारण किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है, जिसमें हजारों हेक्टेयर खड़ी फैसलें बर्बाद हुई हैं.इस समय कई जिलों में किसानों की खड़ी फसल तेज धूप के कारण जलती नजर आ रही है तो दूसरी ओर बेमौसम तूफानी हवा के बाद मूसलाधार बारिश के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं.
महाराष्ट्र में पहले खरीफ़ सीजन में बारिश नहीं होने से किसानों को नुकसान हुआ और अब रबी सीजन में बेमौसम बारिश से नुकसान हो रहा है. संकट में फंसे किसानों ने सरकार से तत्काल मदद की मांग शुरू कर दी है. बागवानी फसलों और पशुओं को बहुत नुकसान हुआ है.
मौसम विभाग के अनुसार विदर्भ रीजन में 27 नवंबर को सामान्य से 7459 प्रतिशत अधिक बारिश हुई. जबकि मराठवाडा में सामान्य से 3672 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. जोरदार बारिश होने अरहर और गेहूं आदि फसलों को काफी नुकसान हुआ है.
मराठवाड़ा के परभणी जिले में रबी सीजन के दौरान 17 नवंबर तक सामान्य से 99 प्रतिशत कम हुई बारिश. जबकि विदर्भ रीजन के तहत आने वाले सभी 11 जिलों में भयंकर सूखा. खेती-किसानी बुरी तरह से प्रभावित. अभी तक किसानों को खरीफ सीजन के सूखे की भी नहीं मिली राहत.
चक्रवाती तूफान की संभावना को देखते हुए विभाग ने महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम के नवीनतम बदलाव से अपडेट रहने के लिए कहा गया है. साथ ही उन्हें कहा गया है कि वो स्थानीय अधिकारियों के सलाह और निर्देश का पालन करें.
आईएमडी की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने कहा अक्टूबर में सबसे गर्म दिन 17 अक्टूबर 2015 था, जब पारा 38.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. इस साल उससे थोड़ा कम तापमान है. बहरहाल, तापमान और आर्द्रता बढ़ने से लोग परेशान हैं. रात ठंडी और दिन गर्म हो रहा है.
इस साल उम्मीद से कम बारिश के कारण छत्रपति संभाजीनगर डिवीजन को सबसे ज्यादा संकट का सामना करना पड़ सकता है. कम बारिश के कारण मिट्टी में नमी खत्म हो गई है. ऐसे में रबी सीजन की फसलें प्रभावित होने का अनुमान जताया जा रहा है. बुवाई के लिए मिट्टी में नमी का होना बहुत जरूरी है.
बीड जिले में एक जून से 21 सितंबर तक सामान्य से 45 फीसदी कम बारिश हुई है. यहां पर इस दौरान 506.7 एमएम के मुकाबले सिर्फ 280.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई. ऐसे में खेती बुरी तरह से प्रभावित हुई है. उत्पादन में भारी गिरावट का अनुमान लगाया गया है.
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