ओम बिरलागेहूं खरीद में आ रही समस्याओं और किसानों की बढ़ती नाराजगी के बीच शनिवार को राजस्थान के कोटा सर्किट हाउस में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई. बैठक में कोटा के सांसद और लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला और हीरालाल नागर ने अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की और सख्त नाराजगी जताई कि मामूली क्वालिटी खामियों के आधार पर बड़ी मात्रा में गेहूं रिजेक्ट किया जा रहा है. बैठक में यह फैसला लिया गया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित गेहूं को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जाएगा. इसके लिए क्वालिटी मानकों में ढील देने के निर्देश केंद्र स्तर पर दे दिए गए हैं, और अगले दो-तीन दिनों में इसके आदेश जारी होने की उम्मीद है.
ओम बिरला ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सोमवार से सभी खरीद केंद्र पूरी क्षमता के साथ संचालित हों और किसानों का 100 प्रतिशत गेहूं MSP पर खरीदा जाए. साथ ही अगले सात दिनों में अतिरिक्त बारदाने की व्यवस्था, अवकाश के दिनों में भी वेयरहाउस खुले रखने, रेलवे रैक की समय पर उपलब्धता और हर किसान को स्लॉट देने के निर्देश दिए गए. भामाशाह मंडी में कंट्रोल रूम स्थापित करने को भी कहा गया.
बैठक के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब हीरालाल नागर खुद बूंदी से रिजेक्ट किए गए गेहूं के सैंपल लेकर पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि 25 में से 11 सैंपल फेल क्यों किए गए. मंत्री ने दो टूक कहा कि किसान पहले ही मौसम की मार झेल रहा है, ऐसे में तकनीकी कारणों से उसे परेशान करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने मौके पर ही दोबारा सर्वे कराने के निर्देश दिए और खरीद लक्ष्य को 6 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर दोगुना करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजने की बात कही.
बैठक के बाद मंत्री नागर खुद मंडी पहुंचे और किसानों से बातचीत की. किसानों ने शिकायत की कि मामूली दाने काले या हल्की सफेदी होने पर भी गेहूं खारिज किया जा रहा है. इस पर मंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बरती जाए. वहीं, प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश में है कि मौसम की मार झेल रहे किसानों को राहत मिले और उनका गेहूं बिना अनावश्यक बाधाओं के MSP पर खरीदा जा सके.
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