Mango Orchards: 'विंडो ओपनिंग' तकनीक से नए होंगे पुराने आम के पेड़, मिलेगी बंपर पैदावार

Mango Orchards: 'विंडो ओपनिंग' तकनीक से नए होंगे पुराने आम के पेड़, मिलेगी बंपर पैदावार

पुराने और बड़े आम के बागों में कैनोपी घनी होने से सूरज की रोशनी और हवा अंदर तक नहीं पहुंच पाती, जिससे पैदावार घटती है और बीमारियाँ बढ़ती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए फल तुड़ाई के तुरंत बाद 'विंडो ओपनिंग'तकनीक अपनानी चाहिए। इसमें आपस में उलझी टहनियों की सही छंटाई करके पेड़ों के बीच खुला रास्ता बनाया जाता है,जिससे धूप और हवा अंदर तक पहुंचती है। इससे कीट नियंत्रण आसान होता है और आम की बंपर पैदावार मिलती है,ऐसा सुझाव भा (CISH), लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एच. एस. सिंह ने दिया

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Mango Orchards: 'विंडो ओपनिंग' तकनीक से नए होंगे पुराने आम के पेड़, मिलेगी बंपर पैदावारआम में 'विंडो ओपनिंग' से बंपर पैदावार -फोटो सौजन्य - ICAR- CISH

हमारे देश में पुराने और बड़े आम के बागों में सबसे बड़ी समस्या घनी कैनोपी य़ानि पेड़ों के ऊपरी हिस्से का फैलाव की होती है. जब आम के पेड़ बहुत पुराने और बड़े हो जाते हैं, तो उनकी शाखाएँ आपस में उलझ जाती हैं और पूरा बाग एक घने जंगल की तरह छुप जाता है. इस वजह से सूरज की रोशनी पेड़ों के अंदरूनी हिस्सों और बाग की ज़मीन तक बिल्कुल नहीं पहुंच पाती. धूप न मिलने के कारण पेड़ की अंदर की डालियाँ कमज़ोर हो जाती हैं और उन पर बौर तथा फल आना पूरी तरह बंद हो जाता है. इसका सीधा असर फल की पैदावार पर पड़ता है और आम के बागवानों को हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. पेड़ केवल पत्तियां उगाने में अपनी ताकत खर्च करते हैं,जबकि फल सिर्फ बाहरी छतरी पर ही बचते हैं. इस गंभीर नुकसान से बागवानों को उबारने के लिए भाकृअनुप–केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH), लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एच. एस. सिंह के अनुसार, ‘विंडो ओपनिंग’ (Window Opening) तकनीक को बेहद आसान, वैज्ञानिक और सटीक समाधान बताया है, जिससे पुराने बागों में फिर से नई जान फूंकी जा सकती है.

विंडो ओपनिंग' का आसान मंत्र

 डॉ. एच. एस. सिंह बताते हैं कि विंडो ओपनिंग कोई अंधाधुंध छंटाई नहीं है, बल्कि यह एक योजनाबद्ध तरीका है. इसमें पास-पास स्थित आम के पेड़ों की एक-दूसरे पर चढ़ी हुई, क्रॉसिंग और अत्यधिक घनी टहनियों के कुछ हिस्सों को चुनकर काटा जाता है. इससे पेड़ों की कतारों के बीच ऊपर से नीचे तक एक निरंतर खुला रास्ता या ‘विंडो’ बन जाता है. इसे करने का सबसे बेहतरीन समय फल तुड़ाई के तुरंत बाद का होता है. इस प्रक्रिया का मुख्य मकसद फालतू डालियों को हटाकर पेड़ों की बनावट को ऐसा रूप देना है, जिससे सूरज की सीधी किरणें और ताज़ी हवा बाग की ज़मीन तथा पत्तियों की अंदरूनी परतों तक आसानी से दाखिल हो सकें.

घनी कैनोपी से नुकसान 

डॉ. सिंह के अनुसार, अगर  समय पर विंडो ओपनिंग न की जाए, तो पेड़ों की साइड वाली टहनियाँ एक-दूसरे को ढंक लेती हैं. जब पेड़ों के अंदर धूप नहीं पहुँचती, तो पत्तियों की भोजन बनाने की क्षमता खत्म होने लगती है. घने और छायादार माहौल में हवा का बहाव रुक जाता है, जिससे बाग में नमी का माहौल बनता है. यह नमी फंगस और हानिकारक कीटों को न्योता देती है.घने पेड़ों में बीमारियों और कीड़ों की निगरानी करना मुमकिन नहीं हो पाता. इसके अलावा, जब आप कीटनाशक या कवकनाशक का छिड़काव करते हैं,तो दवा की बूँदें अंदर की डालियों तक नहीं पहुँच पातीं, जिससे छिड़काव का पूरा खर्चा और मेहनत बेकार चली जाती है.

आम के बूढ़े पेड़ों में फिर लौटेगी जवानी 

जब बाग में विंडो ओपनिंग की जाती है, तो सूरज का उजाला सीधे ज़मीन तक पहुंचता है, जिससे बाग का अंदरूनी वातावरण पूरी तरह ताज़ा हो जाता है.डॉ. एच. एस. सिंह का कहना है कि सही रोशनी और हवा के बहाव से परागण करने वाले मित्र कीड़ों जैसे मधुमक्खियों की आवाजाही बढ़ जाती है, जिससे फूलों का परागण बहुत बेहतर ढंग से होता है. खुली कैनोपी होने की वजह से जब दवाओं का छिड़काव किया जाता है, तो दवा की बूंदें पेड़ के कोने-कोने तक पहुंचती हैं. इससे कीट व रोग प्रबंधन बहुत आसान और असरदार हो जाता है. साथ ही, पेड़ों के बीच खाली जगह बनने से श्रमिकों और आधुनिक मशीनों की आवाजाही भी आसान हो जाती है.

अपनाएं 'विंडो ओपनिंग' तकनीक 

विंडो ओपनिंग का एक बड़ा फायदा फल बैगिंग यानि फलों को लिफाफे से ढंकनाऔर तुड़ाई के दौरान देखने को मिलता है.खुली हुई कैनोपी में फल साफ-साफ नज़र आते हैं, जिससे फलों की पहचान, उनकी गुणवत्ता की निगरानी और सही समय पर तुड़ाई करना बहुत आसान हो जाता है. हालाँकि, डॉ. सिंह यह हिदायत भी देते हैं कि छंटाई के दौरान संतुलन बनाए रखना बेहद ज़रूरी है. एक साथ बहुत ज़्यादा डालियों को काट देने से पेड़ तनाव में आ सकता है,जिससे उस पर सनबर्न  और फालतू की नई पत्तियों का फुटाव शुरू हो सकता है. इसलिए हर पेड़ की उम्र,उसकी किस्म और बाग की दूरी के हिसाब से ही बहुत समझदारी से विंडो ओपनिंग करनी चाहिए.

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