PM Modi New Zealand Visit: भारत-न्‍यूजीलैंड के बीच कृषि, बागवानी और डेयरी सेक्‍टर में बढ़ेगा तकनीकी सहयोग

PM Modi New Zealand Visit: भारत-न्‍यूजीलैंड के बीच कृषि, बागवानी और डेयरी सेक्‍टर में बढ़ेगा तकनीकी सहयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड ने कृषि, बागवानी, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. एग्रीकल्चरल प्रोडक्टिविटी पार्टनरशिप के तहत एग्रीटेक, कीवी, सेब, शहद उत्पादन, पशुपालन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए संयुक्त कार्ययोजनाओं पर काम होगा.

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PM Modi New Zealand Visit: भारत-न्‍यूजीलैंड के बीच कृषि, बागवानी और डेयरी सेक्‍टर में बढ़ेगा तकनीकी सहयोगप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्‍यूजीलैंड के पीएम क्र‍िस्‍टोफर लक्‍सन (फोटो- X@narendramodi)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कृषि, बागवानी, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में सहयोग को लेकर अहम पहलें की है. दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत एग्रीकल्चरल प्रोडक्टिविटी पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है. इसके माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों के आदान-प्रदान, बागवानी फसलों की गुणवत्ता सुधारने और डेयरी क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर काम किया जाएगा. 

आधुनिक एग्रीटेक से किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी

विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्‍ट) रुद्रेंद्र टंडन ने बताया कि भारत में डेयरी क्षेत्र छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है और यहां डेयरी व्यवस्था मुख्य रूप से सहकारी मॉडल पर आधारित है. उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल है. ऐसे में दोनों देशों के बीच आधुनिक एग्रीटेक, नवाचार और तकनीकी सहयोग से भारतीय कृषि और डेयरी क्षेत्र को लाभ पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार नई तकनीकों को अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने पर भी जोर दे रही है. 

कीवी, सेब और शहद की उत्पादकता बढ़ाने पर फोकस

भारत और न्यूजीलैंड ने बागवानी, वानिकी, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने का फैसला किया है. संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों देश कीवी, सेब और शहद की उत्पादकता बढ़ाने के लिए साझा वर्कप्‍लान तैयार करेंगे. 

इसके अलावा नगालैंड और उत्तराखंड में कीवी उत्पादन के लिए दो उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) बनाए जाएंगे, जहां किसानों को मॉडर्न उत्पादन तकनीक, ट्रेनिंग और बेहतर मैनेजमेंट की जानकारी दी जाएगी. 

डेयरी, खाद्य सुरक्षा और वैल्यू चेन पर भी होगा सहयोग

दोनों देशों ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में सहयोग संबंधी समझौता भी किया है. इसके तहत तकनीकी सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और बेहतर प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाएगा. साथ ही खाद्य सुरक्षा, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, टिकाऊ कृषि और वैल्यू चेन विकास जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है, जिससे कृषि क्षेत्र को आधुनिक और ज्‍यादा प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिल सकेगी. 

कृषि अनुसंधान और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा

दोनों देशों ने कृषि अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और जलवायु-अनुकूल कृषि प्रणालियों पर मिलकर काम करने का भी फैसला किया है. इसके लिए दोनों देशों के शैक्षणिक संस्थानों और शोध संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा, ताकि टिकाऊ और अधिक उत्पादक कृषि प्रणाली विकसित की जा सके. 

2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई. दोनों नेताओं ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर (करीब 35,000 करोड़ रुपये) तक पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया. इस साझेदारी में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, शिक्षा, नवाचार और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को अहम स्थान दिया गया है. (एजेंसी इनपुट के साथ)

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