जगजीत सिंह डल्लेवाल ने SKM को आंदोलन के लिए लिखा पत्र (फाइल फोटो)साल 2020-2021 के दौरान 3 कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के बाद एक बार फिर किसान संगठनों के बीच एकजुटता की कोशिश तेज हो गई है. इस बार भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते और पंजाब लैंड पूलिंग जैसे मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के संयोजक जगजीत सिंह डल्लेवाल ने संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) को पत्र लिखकर सभी किसान संगठनों से साझा मंच पर आने और देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की अपील की है. जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में किसानों के हितों की रक्षा के लिए एकता दिखाना जरूरी है.
जगजीत सिंह डल्लेवाल ने SKM को लिखे पत्र में कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें डब्ल्यूटीओ, विश्व बैंक, आईएमएफ और बड़े कॉर्पोरेट समूहों के प्रभाव में किसान विरोधी फैसले ले रही हैं. संगठन ने भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते पर चिंता जताते हुए दावा किया कि अगर यह समझौता लागू हुआ तो इसका असर किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर गंभीर रूप से पड़ सकता है. यह भारत के किसानों के लिए एक तरह का ‘डेथ वारंट’ है. डल्लेवाल नेपत्र में पंजाब में मान सरकार की ओर से प्रस्तावित लैंड पूलिंग नीति का भी जिक्र किया और इसके विरोध के लिए साथ आने का आग्रह किया.
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने कहा कि विभिन्न किसान संगठनों के बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में साझा मुद्दों पर साथ आने की जरूरत है. संगठन ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार कर आपसी सहमति और तालमेल के आधार पर आंदोलन शुरू करने का प्रस्ताव रखा है. डल्लेवाल ने कहा कि एक मजबूत और दीर्घकालिक एकता के लिए साझा नियम, सिद्धांत और कार्यप्रणाली तय करना भी जरूरी होगा.
डल्लेवाल ने कहा कि किसान संगठनों के बीच व्यापक एकता बनाने के उद्देश्य से SKM गैर-राजनीतिक ने 25 जून और 1 जुलाई को चंडीगढ़ में बैठकें आयोजित की थीं. इन बैठकों से सकारात्मक संकेत मिले हैं और विभिन्न पक्षों के बीच संवाद आगे बढ़ा है.
डल्लेवाल ने संयुक्त किसान मोर्चा से सकारात्मक प्रतिक्रिया देने की उम्मीद जताई है.
इससे पहले शुक्रवार को जगजीत सिंह डल्लेवाल ने ऐलान किया कि 14 जुलाई को पंजाब के सभी टोल प्लाजा किसानों की ओर से मुफ्त कर दिए जाएंगे. यह विरोध प्रदर्शन पंजाब सरकार की प्रस्तावित लैंड पूलिंग नीति, लैंड मॉर्गेज बैंक में कथित अनियमितताओं और भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में किया जाएगा.
डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित लैंड पूलिंग नीति के जरिए उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण कर उसे कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने नीति को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि किसान अपनी जमीन बचाने के लिए आंदोलन तेज करेंगे.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today