पीएम मोदीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की. इस बैठक में ग्रामीण विकास, कृषि, सामाजिक कल्याण और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में चल रही योजनाओं और सुधारों की प्रगति की समीक्षा की गई. बैठक का मुख्य फोकस भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य यानी ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में तेज गति से काम करने पर रहा.
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि सरकार की हर नीति और हर सुधार के केंद्र में आम नागरिकों का कल्याण होना चाहिए. उन्होंने कहा कि केवल सरकारी व्यवस्था को बेहतर बनाना ही सुधारों का उद्देश्य नहीं है, बल्कि ऐसे बदलाव लाना जरूरी है, जिनसे देश के लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार दिखाई दे.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि समय तेजी से बदल रहा है और इसके साथ शासन व्यवस्था में भी बदलाव की जरूरत है. उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि आने वाले समय की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मंत्रालयों और विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाए.
उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी, जो बदलते सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी माहौल के अनुसार लोगों की जरूरतों को पूरा कर सके. इसके लिए नए विचारों और आधुनिक तरीकों को अपनाने पर जोर दिया गया.
बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार का लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे देश के हर नागरिक का संकल्प बनाना होगा. उन्होंने कहा कि विकसित भारत का अभियान एक जन आंदोलन बनना चाहिए और इसमें देश के युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका होगी.
प्रधानमंत्री ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा, कौशल और सोच भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है. उन्होंने युवाओं को केंद्र में रखकर योजनाओं और नीतियों को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई.
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए अलग-अलग विभागों को मिलकर काम करना होगा.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाले मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाए. नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए एक मजबूत संस्थागत व्यवस्था तैयार करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया.
प्रधानमंत्री ने खेल क्षेत्र के विकास को लेकर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि भारत को खेलों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करनी चाहिए.
उन्होंने खेलों को पर्यटन और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि देश एक वैश्विक खेल केंद्र के रूप में उभर सके. इसके साथ ही उन्होंने खेल क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल और स्टार्टअप के जरिए नए इनोवेशन को बढ़ावा देने की बात कही.
कृषि क्षेत्र पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM Scheme) का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि किसानों के बीच इस योजना का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है. पीएम-कुसुम योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई और ऊर्जा से जुड़े विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद कर सकती हैं. उन्होंने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए दुनिया भर में कौशल की मांग का आकलन करने और भारत के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया.
प्रधानमंत्री ने बैठक में ‘Whole of Government Approach’ यानी सरकार के सभी विभागों के साथ मिलकर काम करने की रणनीति पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए अलग-अलग मंत्रालयों के बीच तालमेल बेहद जरूरी है.
उन्होंने कहा कि विभागों के बीच अलग-अलग काम करने की सोच को खत्म कर एक साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना होगा. इससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा और उनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंच सकेगा.
बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों ने अपनी योजनाओं की प्रगति, अनुभवों और सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी दी. प्रधानमंत्री ने अधिकारियों के सुझाव सुने और भविष्य की रणनीति को लेकर दिशा-निर्देश दिए. बैठक में इस बात पर विशेष जोर रहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और तेज फैसले ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेंगे. इस बैठक में कैबिनेट सचिव, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
ये भी पढ़ें:
Indian Dairy: स्वाद में दुनिया को लुभा रहा भारतीय देसी घी, रेट और डिमांड दोनों ही बढ़ रहे
बिहार विधानसभा में गूंजा जहरीली सब्जियों का मुद्दा, नाले के पानी से सिंचाई पर सरकार से बड़े सवाल
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today