सरकारी खरीद में किसानों को शुल्क से छूट (सांकेतिक तस्वीर)हरियाणा में MSP पर गेहूं, धान, मक्का, बाजरा, सरसों समेत दूसरी फसलें बेचने वाले किसानों के लिए जरूरी जानकारी सामने आई है. मंडियों में अक्सर अनलोडिंग, तुलाई, लोडिंग, सिलाई और मजदूरी के नाम पर किसानों से पैसे मांगे जाते हैं, लेकिन केंद्र सरकार के फरवरी 2020 के आदेश के मुताबिक, MSP खरीद में कोई भी इंसिडेंटल चार्ज (मौके पर लगने वाले खर्च) किसान से नहीं वसूले जा सकते. इन खर्चों का भुगतान खरीद एजेंसी, खरीदार पक्ष, कमीशन एजेंट या कच्चे आढ़तियों को करना होता है. नियमों के अनुसार, MSP खरीद में भराई, प्लेटफॉर्म पर रखना, तुलाई, कांटे से उतारना, सिलाई, लोडिंग और नीलामी शुल्क जैसे कई संचालन खरीदार पक्ष के जिम्मे तय किए गए हैं. यानी इन मदों में किसान से वसूली नियमों के खिलाफ मानी जाएगी.
सरकारी गेहूं खरीद के लिए जारी कैटेगरी ‘A’ नियमों में मंडी शुल्क और अधिकांश संचालन खर्च खरीदार के हिस्से में रखे गए हैं. इसमें भराई, तुलाई, लोडिंग, सिलाई और कमीशन एजेंट से जुड़े संचालन शामिल हैं. हालांकि, सफाई और ड्रेसिंग को अलग श्रेणी में रखा गया है. नियमों में साफ कहा गया है कि अगर उपज पहले से साफ है तो सफाई शुल्क नहीं लिया जाएगा. ज्यादा कचरा होने पर आढ़तिये किसान को उपज साफ करके लाने के लिए कह सकते हैं.
अनलोडिंग - 2.24 रुपये प्रति 50 किलो बैग
हाथ से सफाई और ड्रेसिंग - 2.11 रुपये प्रति बैग
मशीन से सफाई और ड्रेसिंग - 3.67 रुपये प्रति बैग
भराई और प्लेटफॉर्म पर रखना - 3.36 रुपये प्रति बैग
तुलाई - 2.24 रुपये प्रति बैग
लोडिंग - 3 रुपये प्रति बैग
कमीशन - 2.50 रुपये प्रति 100 रुपये
ब्रोकरेज - 0.16 रुपये प्रति 100 रुपये
सरकारी धान खरीद के तहत नियमों में अनलोडिंग, तुलाई, लोडिंग और मजदूरी से जुड़े खर्च सरकारी खरीद एजेंसी के जिम्मे बताए गए हैं. 50 किलो बैग के लिए अनलोडिंग, तुलाई और लोडिंग की अलग-अलग दरें तय हैं, लेकिन MSP खरीद में यह राशि किसान से नहीं ली जानी चाहिए. 35 और 37.5 किलो बैगों के लिए भी अलग दरें निर्धारित हैं.
अनलोडिंग - 2.93 रुपये प्रति 50 किलो बैग
हाथ से सफाई और ड्रेसिंग - 2.55 रुपये प्रति बैग
मशीन से सफाई और ड्रेसिंग - 4.06 रुपये प्रति बैग
भराई और प्लेटफॉर्म पर रखना - 3.56 रुपये प्रति बैग
तुलाई - 2.42 रुपये प्रति बैग
लोडिंग - 3.37 रुपये प्रति बैग
कमीशन - निजी खरीद में 2.50 रुपये प्रति 100 रुपये
मक्का, बाजरा, मूंग, सरसों, जौ, चना और अरहर जैसी फसलों की MSP खरीद में भी अधिकतर इंसिडेंटल फीस खरीदार पक्ष को वहन करनी होती है. इसमें अनलोडिंग, तुलाई, लोडिंग, सिलाई और नीलामी शुल्क जैसी मदें शामिल हैं.
इन फसलों पर तय प्रमुख चार्ज
अनलोडिंग - 2.70 रुपये प्रति 50 किलो बैग
हाथ से सफाई और ड्रेसिंग - 2.35 रुपये प्रति बैग
मशीन से सफाई और ड्रेसिंग - 3.74 रुपये प्रति बैग
भराई और प्लेटफॉर्म पर रखना - 3.28 रुपये प्रति बैग
तुलाई - 2.23 रुपये प्रति बैग
लोडिंग - 3.10 रुपये प्रति बैग
कमीशन - निजी खरीद में 2.50 रुपये प्रति 100 रुपये
ब्रोकरेज - 0.16 रुपये प्रति 100 रुपये
गेहूं के लिए जारी कैटेगरी ‘A’ नियमों के मुताबिक, प्राइवेट खरीद की स्थिति में कुछ शुरुआती संचालन खर्च विक्रेता यानी किसान के हिस्से में आते हैं. ये चार्ज 50 किलो प्रति बैग के हिसाब से तय किए गए हैं.
धान खरीद के नियमों में प्राइवेट खरीद के दौरान कुछ शुल्क किसान यानी विक्रेता के जिम्मे तय किए गए हैं. इनमें मुख्य रूप से अनलोडिंग और सफाई से जुड़े खर्च शामिल हैं.
50 किलो बैग पर तय चार्ज
35 और 37.5 किलो बैग पर तय चार्ज
अनलोडिंग - 2.44 रुपये प्रति बैग
हाथ से सफाई और ड्रेसिंग - 1.96 रुपये प्रति बैग
मशीन से सफाई और ड्रेसिंग - 3.59 रुपये प्रति बैग
धान के नियमों में भी यह स्पष्ट किया गया है कि अगर फसल पहले से साफ है तो सफाई शुल्क नहीं लिया जाएगा. ज्यादा कचरा होने पर आढ़तिये किसान को साफ उपज लाने के लिए कह सकते हैं.
कमोडिटी नंबर 3 में मक्का, बाजरा, मूंग, चना, सरसों, जौ, ज्वार, अरहर, तिल, ग्वार, सूरजमुखी बीज समेत कई फसलों को शामिल किया गया है. इन फसलों की प्राइवेट खरीद में भी कुछ शुरुआती खर्च किसान यानी विक्रेता को देने होंगे.
फसलों पर तय प्रमुख चार्ज
अनलोडिंग - 2.70 रुपये प्रति 50 किलो बैग
हाथ से सफाई और ड्रेसिंग - 2.35 रुपये प्रति बैग
मशीन से सफाई और ड्रेसिंग - 3.74 रुपये प्रति बैग
मंडी में कई किसान जानकारी के अभाव में मजदूरी या तुलाई के नाम पर कटौती करा देते हैं. जबकि सरकारी नियमों में इन खर्चों की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से खरीद एजेंसी, कमीशन एजेंट या कच्चे आढ़तियों पर तय की गई है. ऐसे में किसानों के लिए जरूरी है कि वे मंडी में होने वाली कटौतियों की जानकारी रखें और नियमों के खिलाफ वसूली होने पर संबंधित अधिकारियों से शिकायत करें.
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