अमेरिका-चीन में बड़ा आर्थिक समझौतादुनिया की दो बड़ी ताकतें अमेरिका और चीन एक बार फिर व्यापार को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. दोनों देशों के बीच हुई बड़ी बैठक के बाद चीन ने अमेरिका से बड़ी मात्रा में कृषि उत्पाद खरीदने का फैसला किया है. व्हाइट हाउस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार चीन साल 2026, 2027 और 2028 में हर साल कम से कम 17 अरब डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदेगा. इस खबर के बाद अमेरिका के किसानों और व्यापार से जुड़े लोगों में खुशी देखी जा रही है.
यह फैसला अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पिछले सप्ताह हुई मुलाकात के दौरान लिया गया. दोनों नेताओं ने व्यापार और खेती से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर बात की. व्हाइट हाउस ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार को मजबूत करेगा और दुनिया में आर्थिक स्थिरता बढ़ाने में मदद करेगा.
अमेरिका का कहना है कि इस समझौते से वहां के किसानों, मजदूरों और उद्योगों को फायदा मिलेगा. वहीं चीन को भी अच्छी गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद मिल सकेंगे.
पिछले कुछ सालों में अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को लेकर कई बार तनाव देखने को मिला. दोनों देशों ने एक-दूसरे पर ज्यादा टैक्स लगाए थे. इसकी वजह से कृषि व्यापार पर बड़ा असर पड़ा. अमेरिका के कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार साल 2025 में चीन को होने वाला अमेरिकी कृषि निर्यात करीब 65 प्रतिशत तक घट गया था.
पहले चीन अमेरिका से बड़ी मात्रा में सोयाबीन खरीदता था. लेकिन धीरे-धीरे चीन ने दूसरे देशों से भी कृषि सामान खरीदना शुरू कर दिया. साल 2016 में चीन अपनी जरूरत का करीब 41 प्रतिशत सोयाबीन अमेरिका से खरीदता था, लेकिन साल 2024 तक यह आंकड़ा घटकर करीब 20 प्रतिशत रह गया.
नई डील के बाद उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच कृषि व्यापार फिर से बढ़ेगा. चीन अमेरिका से सोयाबीन, मक्का, गेहूं, मांस और दूसरे कृषि उत्पाद खरीदेगा. इससे अमेरिका के किसानों को बड़ा बाजार मिलेगा और उनकी कमाई बढ़ सकती है.
व्हाइट हाउस ने यह भी बताया कि चीन अमेरिकी बीफ यानी गोमांस उत्पादकों को फिर से बाजार में जगह देगा. चीन ने 400 से ज्यादा अमेरिकी बीफ फैक्ट्रियों की मंजूरी दोबारा शुरू कर दी है. इसके अलावा चीन उन अमेरिकी राज्यों से चिकन और पोल्ट्री उत्पाद भी खरीदेगा जिन्हें बर्ड फ्लू से मुक्त माना गया है.
अमेरिका और चीन ने व्यापार को आसान बनाने के लिए दो नए बोर्ड बनाने का भी फैसला किया है. इनमें एक होगा “यूएस-चाइना बोर्ड ऑफ ट्रेड” और दूसरा “यूएस-चाइना बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट”.
इन बोर्डों का काम दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़ी समस्याओं को सुलझाना होगा. खासकर खेती और कृषि उत्पादों के बाजार को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा. दोनों देश चाहते हैं कि व्यापार आसान हो और दोनों को बराबर फायदा मिले.
कृषि उत्पादों के अलावा चीन ने अमेरिका से बोइंग कंपनी के 200 विमान खरीदने की भी मंजूरी दी है. इससे अमेरिका में विमान बनाने वाली इंडस्ट्री को भी फायदा होगा और वहां रोजगार बढ़ने की उम्मीद है.
व्हाइट हाउस का कहना है कि यह समझौता सिर्फ व्यापार ही नहीं बल्कि दोनों देशों के रिश्तों को भी मजबूत करेगा.
इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा अमेरिका के किसानों को होगा. जब कोई देश ज्यादा मात्रा में कृषि उत्पाद खरीदता है तो किसानों की फसल की मांग बढ़ती है. इससे उन्हें अपनी फसल का अच्छा दाम मिल सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच व्यापार सही तरीके से चलता रहा, तो दुनिया की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा. साथ ही आने वाले समय में कृषि बाजार में स्थिरता देखने को मिल सकती है.
अभी पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि यह नया समझौता कितनी तेजी से लागू होता है और इससे दोनों देशों के किसानों और व्यापारियों को कितना फायदा मिलता है.
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