Herbicide Ban: जहरीले केमिकल पर रोक की तैयारी, तेलंगाना ने उठाई बैन की मांग

Herbicide Ban: जहरीले केमिकल पर रोक की तैयारी, तेलंगाना ने उठाई बैन की मांग

तेलंगाना सरकार ने पैराक्वाट हर्बीसाइड पर बैन की मांग की है. यह जहरीला केमिकल किसानों और कृषि मजदूरों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है, जिससे सांस और स्किन की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. सरकार ने केंद्र से इसके इस्तेमाल पर रोक लगाने और सुरक्षित विकल्प अपनाने की अपील की है.

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Herbicide Ban: जहरीले केमिकल पर रोक की तैयारी, तेलंगाना ने उठाई बैन की मांगपैराक्वाट हर्बिसाइड पर बैन की मांग

तेलंगाना सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए विधानसभा में पैराक्वाट नाम के खतरनाक हर्बीसाइड पर बैन लगाने की मांग की है. सरकार का कहना है कि यह केमिकल किसानों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है. खासकर जब इसका इस्तेमाल बिना सुरक्षा उपकरणों के किया जाता है, तो इससे सांस से जुड़ी बीमारियां और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.

विधानसभा में पेश किया गया प्रस्ताव

इस मुद्दे को लेकर राज्य के कृषि मंत्री Tummala Nageswara Rao ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया. उन्होंने कहा कि पैराक्वाट एक बेहद जहरीला केमिकल है और इसके कारण कई लोगों की जान भी जा चुकी है. ऐसे में इसके इस्तेमाल को तुरंत रोकना जरूरी है ताकि लोगों की जान बचाई जा सके.

पैराक्वाट के खतरनाक प्रभाव

पैराक्वाट डाइक्लोराइड 24% SL एक ऐसा हर्बीसाइड है, जिसका इस्तेमाल खेतों में खरपतवार खत्म करने के लिए किया जाता है. लेकिन इसके संपर्क में आने से यह जानलेवा साबित हो सकता है. मंत्री ने बताया कि यह केमिकल शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक है और इसके ज्यादा इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है. बिना मास्क, दस्ताने या अन्य सुरक्षा साधनों के इसका उपयोग करना और भी ज्यादा खतरनाक हो जाता है.

पूरी तरह से बैन की मांग

तेलंगाना सरकार ने इस हर्बीसाइड के निर्माण, आयात, भंडारण, परिवहन, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की है. सरकार का मानना है कि जब तक इस केमिकल पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगेगा, तब तक किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पाएगी.

प्राकृतिक खेती के खिलाफ है यह केमिकल

सरकार ने यह भी कहा कि पैराक्वाट जैसे जहरीले केमिकल का इस्तेमाल टिकाऊ और प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों के खिलाफ है. आज के समय में जब देश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, ऐसे में इस तरह के खतरनाक केमिकल का उपयोग चिंता का विषय है.

कई देशों में पहले ही लग चुका है बैन

कृषि मंत्री ने बताया कि यूरोप सहित कई देशों में पैराक्वाट पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है या इसके इस्तेमाल पर सख्त नियम बनाए गए हैं. इससे साफ है कि यह केमिकल कितना खतरनाक है और भारत में भी इस पर जल्द कार्रवाई की जरूरत है.

बाजार में मौजूद हैं सुरक्षित विकल्प

सरकार का कहना है कि पैराक्वाट के अलावा बाजार में कई अन्य सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल करके किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं. इसलिए इस खतरनाक केमिकल पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है.

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