आंध्र प्रदेश में इंसानों के लिए खतरनाक पैराक्वाट डाइक्लोराइड पर बैन, सरकार ने दिया बड़ा तर्क

आंध्र प्रदेश में इंसानों के लिए खतरनाक पैराक्वाट डाइक्लोराइड पर बैन, सरकार ने दिया बड़ा तर्क

आंध्र प्रदेश सरकार ने जहरीले खरपतवारनाशी पैराक्वाट डाइक्लोराइड 24% एसएल पर बड़ा एक्शन लिया है. बढ़ते स्वास्थ्य खतरे और मौतों के मामलों के बीच राज्य में इसकी खरीद, बिक्री और इस्तेमाल पर 60 दिनों की रोक लगा दी गई है.

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आंध्र प्रदेश में इंसानों के लिए खतरनाक पैराक्वाट डाइक्लोराइड पर बैन, सरकार ने दिया बड़ा तर्कखतरनाक खरपतवारनाशी पर अस्‍थायी बैन (सांकेतिक तस्‍वीर)

आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य में पैराक्वाट डाइक्लोराइड 24% एसएल नामक खरपतवारनाशी केमिकल की खरीद, बिक्री, वितरण और इस्तेमाल पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है. राज्‍य के कृषि एवं सहकारिता विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर यह जानकारी दी. दरअसल, यह केमिकल मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है और इसके इस्तेमाल से जुड़े मामलों ने प्रदेश में चिंताजनक स्थित‍ि पैदा कर दी है. राज्‍य सरकार ने कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत कार्रवाई करते हुए यह फैसला लिया है. 

मौतों और पॉइजनि‍ंंग के मामलों के बाद बढ़ी सख्ती

सरकारी आदेश के मुताबिक, हाल के समय में ऐसे कई मामले सामने आए जिनमें लोगों ने पैराक्वाट डाइक्लोराइड 24% एसएल का सेवन किया और इसकी वजह से मौतें हुईं. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह रसायन अत्यधिक जहरीला है और इसकी थोड़ी मात्रा भी इंसानी शरीर के लिए घातक साबित हो सकती है. खासतौर पर ग्रामीण और कृषि आधारित क्षेत्रों में इसके दुष्प्रभाव अधिक देखे गए हैं. 

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के बाद फैसला

आंध्र प्रदेश पुलिस महानिदेशक ने सरकार को भेजे पत्र में इस कीटनाशक पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की थी. इसके बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने भी मामले की समीक्षा की और मेडिकल विशेषज्ञों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी. विजयवाड़ा के गवर्नमेंट सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पैराक्वाट विषाक्तता तेजी से पूरे शरीर को प्रभावित करती है और इसकी वजह से मृत्यु दर काफी अधिक रहती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इसका कोई निश्चित एंटीडोट फिलहाल उपलब्ध नहीं है. 

60 दिनों तक लागू रहेगा प्रतिबंध

राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी करते हुए पूरे आंध्र प्रदेश में पैराक्वाट डाइक्लोराइड 24% एसएल और इसके सभी फॉर्मूलेशन पर 60 दिनों की रोक लगाई है. इस दौरान इसकी बिक्री, भंडारण, वितरण और उपयोग पूरी तरह बंद रहेगा. सरकार ने साफ किया है कि आगे की जांच पूरी होने तक यह प्रतिबंध लागू रहेगा और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कड़ी निगरानी की जाएगी. 

डीलरों और किसानों को तत्काल पालन के निर्देश

सरकार ने सभी निर्माता कंपनियों, वितरकों, डीलरों, रिटेलरों और उपयोगकर्ताओं को आदेश का तत्काल पालन करने को कहा है. साथ ही कृषि आयुक्त, जिला प्रशासन और संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों को सख्ती से कार्रवाई करने और प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार ने इस फैसले को जनहित और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा कदम बताया है.

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