सिहोरा में किसानों ने फसल विविधीकरण अभियान के तहत तिल की खेती को अपनाकर नई उम्मीद जगाई है.कृषि विभाग के अधिकारियों ने खेतों का अवलोकन कर किसानों को तिल की खेती के फायदे और संभावनाओं की जानकारी दी.
किसानों के लिए खाद खरीदना अब आसान होगा. ई-विकास 2.0 के तहत जबरन कॉम्बो की बाध्यता खत्म, टोकन की सीमा हटाई गई और जल्द WhatsApp से खाद का टोकन व स्टॉक की जानकारी मिलेगी. जानिए नई व्यवस्था में किसानों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी.
पाटन के ग्राम केमोरी में कृषि अधिकारियों ने उड़द की नई किस्म IPU-13-01 का खेत निरीक्षण किया. इस दौरान किसानों को किस्म की विशेषताओं के साथ फसल प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण और बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई.
मध्य प्रदेश में रबी सीजन के लिए किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘हर किसान हर घर, हर खेत खाद’ अभियान 20 अगस्त से शुरू होगा. सरकार की योजना किसानों को रबी फसलों के लिए जरूरी उर्वरक पहले से उपलब्ध कराने की है. पढ़ें डिटेल...
नरसिंहपुर में खाद वितरण के लिए नई हाईब्रिड व्यवस्था लागू कर दी गई है. अब किसान टोल-फ्री नंबर या डबल लॉक केंद्रों से टोकन लेकर निर्धारित समय पर उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे.प्रशासन का दावा है कि इससे खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबी कतारों से राहत मिलेगी.
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक दल ने किसानों के मुद्दों पर जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खाद संकट, MSP, खरीदी में अनियमितता और मुआवजे को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
प्रदेश में किसानों को नकली बीज, खाद और कीटनाशकों से बचाने के लिए कृषि विभाग ने गुणवत्ता नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। लगातार निरीक्षण, सैंपल जांच और सख्त कार्रवाई के जरिए किसानों तक प्रमाणित कृषि आदान पहुंचाने तथा कृषि उत्पादकता और आय बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ किया. किसान कल्याण वर्ष के तहत 16 विभागों के समन्वय से किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू किया गया. इस दौरान डेयरी पर 10 लाख रुपये तक अनुदान, दिन में कृषि बिजली, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार समेत कई बड़ी घोषणाएं की गईं.
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी के दौरान सामने आई कमी के मामले पर सरकार ने सफाई दी है.खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि तुलाई, परिवहन और भंडारण के दौरान कुछ कमी आना सामान्य प्रक्रिया है. सभी जिलों में जांच के निर्देश दिए गए हैं और जहां वास्तविक कमी मिलेगी, वहां संबंधित समितियों व परिवहनकर्ताओं से वसूली की जाएगी.
मध्य प्रदेश में सरकारी उपार्जन केंद्रों से खरीदा गया करीब 86 हजार क्विंटल गेहूं गोदामों तक नहीं पहुंचा। करीब 23 करोड़ रुपये मूल्य के इस मामले में सरकार ने सभी जिलों में जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
विदिशा के किसान शिशुपाल सिंह ने एनएमईओ-ऑयलसीड्स योजना के तहत RH-761 उन्नत सरसों बीज से एक हेक्टेयर में 22.5 क्विंटल उत्पादन लेकर 1 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ कमाया. जानिए उनकी सफलता की पूरी कहानी.
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भेरूंदा में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का बड़ा प्रदर्शन हुआ.2 हजार से अधिक ट्रैक्टरों और 10 हजार किसानों ने 100% मूंग खरीदी की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. किसानों ने ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने की मांग की और 9 जुलाई को भोपाल-नागपुर हाईवे जाम व विधानसभा घेराव की चेतावनी दी.
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। 25% खरीदी के फैसले के खिलाफ 6 जुलाई को हरदा में रेल रोको और भैरुंदा में ट्रैक्टरों के साथ बड़े आंदोलन की तैयारी है। किसान 100% समर्थन मूल्य पर खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने और अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
सिवनी के बबरिया गांव में आयोजित धान महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कीचड़ में उतरकर महिलाओं के साथ धान का रोपा लगाया. उन्होंने किसान परिवार के साथ आत्मीय संवाद किया, पारंपरिक 'सिदोरी' का स्वाद लिया और महिला किसानों के लिए सोलर पैनल लगाने के निर्देश भी दिए.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today