बलराम कृषि महोत्सव में CM मोहन यादव ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और कृषि यंत्रों के इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने और 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जाने की जानकारी दी.
मुरैना के किसानों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई बड़े ऐलान किए हैं.कैलारस शुगर फैक्ट्री को फिर शुरू कराने, दिन में 10 घंटे बिजली देने के प्रयास, 30 लाख सोलर पंप की योजना और दुग्ध समितियों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया.
सिहोरा में किसानों ने फसल विविधीकरण अभियान के तहत तिल की खेती को अपनाकर नई उम्मीद जगाई है.कृषि विभाग के अधिकारियों ने खेतों का अवलोकन कर किसानों को तिल की खेती के फायदे और संभावनाओं की जानकारी दी.
किसानों के लिए खाद खरीदना अब आसान होगा. ई-विकास 2.0 के तहत जबरन कॉम्बो की बाध्यता खत्म, टोकन की सीमा हटाई गई और जल्द WhatsApp से खाद का टोकन व स्टॉक की जानकारी मिलेगी. जानिए नई व्यवस्था में किसानों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी.
पाटन के ग्राम केमोरी में कृषि अधिकारियों ने उड़द की नई किस्म IPU-13-01 का खेत निरीक्षण किया. इस दौरान किसानों को किस्म की विशेषताओं के साथ फसल प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण और बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई.
मध्य प्रदेश में रबी सीजन के लिए किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘हर किसान हर घर, हर खेत खाद’ अभियान 20 अगस्त से शुरू होगा. सरकार की योजना किसानों को रबी फसलों के लिए जरूरी उर्वरक पहले से उपलब्ध कराने की है. पढ़ें डिटेल...
नरसिंहपुर में खाद वितरण के लिए नई हाईब्रिड व्यवस्था लागू कर दी गई है. अब किसान टोल-फ्री नंबर या डबल लॉक केंद्रों से टोकन लेकर निर्धारित समय पर उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे.प्रशासन का दावा है कि इससे खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबी कतारों से राहत मिलेगी.
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक दल ने किसानों के मुद्दों पर जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खाद संकट, MSP, खरीदी में अनियमितता और मुआवजे को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
प्रदेश में किसानों को नकली बीज, खाद और कीटनाशकों से बचाने के लिए कृषि विभाग ने गुणवत्ता नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। लगातार निरीक्षण, सैंपल जांच और सख्त कार्रवाई के जरिए किसानों तक प्रमाणित कृषि आदान पहुंचाने तथा कृषि उत्पादकता और आय बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ किया. किसान कल्याण वर्ष के तहत 16 विभागों के समन्वय से किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू किया गया. इस दौरान डेयरी पर 10 लाख रुपये तक अनुदान, दिन में कृषि बिजली, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार समेत कई बड़ी घोषणाएं की गईं.
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी के दौरान सामने आई कमी के मामले पर सरकार ने सफाई दी है.खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि तुलाई, परिवहन और भंडारण के दौरान कुछ कमी आना सामान्य प्रक्रिया है. सभी जिलों में जांच के निर्देश दिए गए हैं और जहां वास्तविक कमी मिलेगी, वहां संबंधित समितियों व परिवहनकर्ताओं से वसूली की जाएगी.
मध्य प्रदेश में सरकारी उपार्जन केंद्रों से खरीदा गया करीब 86 हजार क्विंटल गेहूं गोदामों तक नहीं पहुंचा। करीब 23 करोड़ रुपये मूल्य के इस मामले में सरकार ने सभी जिलों में जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
विदिशा के किसान शिशुपाल सिंह ने एनएमईओ-ऑयलसीड्स योजना के तहत RH-761 उन्नत सरसों बीज से एक हेक्टेयर में 22.5 क्विंटल उत्पादन लेकर 1 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ कमाया. जानिए उनकी सफलता की पूरी कहानी.
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भेरूंदा में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का बड़ा प्रदर्शन हुआ.2 हजार से अधिक ट्रैक्टरों और 10 हजार किसानों ने 100% मूंग खरीदी की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. किसानों ने ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने की मांग की और 9 जुलाई को भोपाल-नागपुर हाईवे जाम व विधानसभा घेराव की चेतावनी दी.
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। 25% खरीदी के फैसले के खिलाफ 6 जुलाई को हरदा में रेल रोको और भैरुंदा में ट्रैक्टरों के साथ बड़े आंदोलन की तैयारी है। किसान 100% समर्थन मूल्य पर खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने और अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
सिवनी के बबरिया गांव में आयोजित धान महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कीचड़ में उतरकर महिलाओं के साथ धान का रोपा लगाया. उन्होंने किसान परिवार के साथ आत्मीय संवाद किया, पारंपरिक 'सिदोरी' का स्वाद लिया और महिला किसानों के लिए सोलर पैनल लगाने के निर्देश भी दिए.
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के हित में ‘सूचनादाता प्रोत्साहन योजना-2026’ लागू की है. इस योजना के तहत नकली खाद, उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध बिक्री और मिलावटी उर्वरकों की सूचना देने वाले व्यक्ति को सफल कार्रवाई होने पर ₹1000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. शिकायत सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 पर दर्ज कराई जा सकती है.
खरीफ सीजन 2026 में मध्य प्रदेश सरकार ने खाद वितरण के लिए ई-विकास प्रणाली लागू कर दी है। अब किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए पहले ऑनलाइन ई-टोकन बुक करना होगा। फार्मर आईडी अनिवार्य होने से बिना आईडी वाले किसानों को खाद मिलने में परेशानी हो सकती है।
धान रोपाई का सीजन शुरू होने से पहले किसानों की चिंता बढ़ गई है। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, खाद की सीमित उपलब्धता और संभावित बिजली संकट के कारण खेती की लागत में इजाफा होने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन परिस्थितियों में धान की खेती पर प्रति हेक्टेयर करीब 1,500 रुपये तक अतिरिक्त खर्च आ सकता है, जिससे किसानों का मुनाफा प्रभावित होगा।
नरसिंहपुर जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर! खरीफ फसलों की बोनी से पहले कृषि विभाग ने आश्वासन दिया है कि जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी सहित सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है.
मध्य प्रदेश की डिंडोरी जिले की लहरी बाई का नाम मिलेट क्वीन के तौर पर लिया जाता है .उन्होंने अब तक 150 से ज्यादा देसी किस्म के विलुप्त हो रहे मिलेट के बीज का संरक्षण किया है. उन्होंने पूरा जीवन संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया.
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