Gardening Tips: चिलचिलाती गर्मी में भी नहीं झुलसेगा टमाटर का पौधा, आज ही अपना लें ये टिप्स

Gardening Tips: चिलचिलाती गर्मी में भी नहीं झुलसेगा टमाटर का पौधा, आज ही अपना लें ये टिप्स

टमाटर के पौधों को तेज धूप और गर्मी से सबसे ज्यादा नुकसान होता है. गर्म हवा चलने पर पत्तियां मुरझा जाती हैं, फल गिरने लगते हैं या फिर टमाटर छोटे रह जाते हैं. ऐसे में अगर आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है.

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Gardening Tips: चिलचिलाती गर्मी में भी नहीं झुलसेगा टमाटर का पौधा, आज ही अपना लें ये टिप्सटमाटर का पौधा

गर्मी का मौसम आ गया है. इस समय पौधों की देखभाल करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. तेज धूप और ज्यादा गर्मी की वजह से खेत या गमले की मिट्टी जल्दी सूख जाती है और उसमें नमी कम हो जाती है. ऐसे में पौधों की पत्तियां पीली होकर झड़ने लगती हैं और उनकी बढ़वार भी रुक जाती है. यह समस्या खासकर टमाटर के पौधों में ज्यादा देखने को मिलती है. क्योंकि टमाटर के पौधों को तेज धूप और गर्मी से सबसे ज्यादा नुकसान होता है. गर्म हवा चलने पर पत्तियां मुरझा जाती हैं, फल गिरने लगते हैं या फिर टमाटर छोटे रह जाते हैं. ऐसे में अगर आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है. आज हम आपको कुछ ऐसे आसान टिप्स बताएंगे, जिनकी मदद से आप गर्मियों में टमाटर के पौधों की अच्छी देखभाल कर सकते हैं.

गर्मी में क्यों सूखते हैं टमाटर के पौधे

गर्मी के मौसम में जब तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और तेज धूप पड़ती है तो टमाटर का पौधा जल्द ही मुरझाने और सूखने लगता है. इसकी सबसे बड़ी वजह मिट्टी में नमी की कमी होती है. तेज धूप के कारण मिट्टी जल्दी सूख जाती है, जिससे पौधों को जड़ से सही मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है, जिसके बाद पौधे सूखने लगते हैं और पैदावार में कमी आती है.

टमाटर के पौधे की कैसे करें देखभाल?

गर्मी के मौसम में टमाटर के पौधों की अच्छी देखभाल के लिए घर पर एक खास खाद बनाई जा सकती है. यह खाद पौधों को ठंडक देती है और जड़ों को जरूरी पोषण भी पहुंचाती है. इस आसान खाद को बनाने के लिए आपको चाय पत्ती, चावल का बचा हुआ पानी और छाछ लेना है. इन तीनों चीजों को मिलाकर एक मिश्रण तैयार करना है.

पौधों के लिए कैसे तैयार करें खाद

टमाटर के पौधों की अच्छी देखभाल के लिए, सबसे पहले 2-3 चम्मच चायपत्ती डालकर उबाल लें. फिर चायपत्ती के इस पानी को ठंडा करके कम से कम आधा कप छाछ और आधा कप चावल का पानी डालें. इन तीनों चीजों को अच्छी तरह से मिलाकर एक बॉटल या फिर बर्तन में छान लें. इसके बाद आपका घोल बनकर तैयार हो जाएगा. आप इसका इस्तेमाल 15-20 दिन में एक बार टमाटर के पौधों पर कर सकते हैं. लेकिन इसका इस्तेमाल कभी भी डायरेक्ट नहीं करना चाहिए. पहले इसे पानी में मिलाएं, फिर पौधे की जड़ों में डालें. इसके अलावा इस बात का ध्यान भी रखें कि ज़्यादा फ़ायदा लेने के चक्कर में खाद का अधिक इस्तेमाल न करें.

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