अप्रैल महीने करें ये कामअप्रैल का महीना खेती-बाड़ी में काफी अहम माना जाता है. इस महीने में किसानों को अपनी खेतों में कई सारे काम होते हैं. गेहूं की कटाई से लेकर जायद फसलों की खेती तक. इसके अलावा कई राज्यों में इस महीने में अंत तक किसान अपने खेतों में गरमा धान की बुवाई की भी तैयारी करने लगते हैं. वहीं. इस महीने किसानों को क्या करना चाहिए इस बात का भी ध्यान रखना काफी जरूरी होता है. ऐसे में बिहार कृषि विभाग की ओर से इस महीने किन फसलों में क्या करना है, उसकी जानकारी दी गई है. आइए जानते हैं कि किसान अप्रैल में क्या करें.
1. गरमा धान और सब्जियों की खेती: अप्रैल महीने में गरमा धान और सब्जियों में आवश्यकतानुसार निराई-गुड़ाई और सिंचाई करें. साथ ही यूरिया से उपनिवेशन करें. गरमा धान के बिचड़ों पर प्रति हेक्टेयर 25 कार्बोफ्यूरान 3 जी डालें. तत्पश्चात एक सप्ताह बाद रोपाई करें. बिचड़ा स्थल में 3 से 4 सेमी पानी लगा रहने दें.
2. गेहूं की कैसे करें कटनी: इस महीने ध्यान दें की गेहूं की कटनी सुबह में करें. वहीं, गेहूं को बीज रखने के लिए स्वस्थ फसल की कटनी अलग से करें.
3. रबी मक्का की कटाई करें: रबी मक्का की कटाई करें. इसके अलावा फसल की निगरानी करते रहें. खड़ी फसल में धड़ छेदक का नियंत्रण गत पक्ष के संदेशानुसार करें. इसके अलावा गरमा मक्का की बुआई बीज उपचार के बाद करें.
4. प्याज में निराई-गुड़ाई करें: इस महीने प्याज में निराई-गुड़ाई करें. इसके अलावा सिंचाई करें और थ्रिप्स का नियंत्रण करें. इसके अलावा गरमा सब्जियों में निराई-गुड़ाई करके खरपतवार का प्रबंधन करें.
5. शलजम की खेती करें: शलजम की खेती के लिए उपजाऊ मिट्टी और समय पर सिंचाई आवश्यक है. खड़ी चारा फसलों में सिंचाई और यूरिया से उपरिवेशन करें. सोनापाट की बुवाई के लिए खेत की तैयारी करें. बसंत कालीन मक्का में सिंचाई करें. गरमा मूंग में भुआ पिल्लू के नियंत्रण के लिए डायमेथोएट 30 ई. सी का 1.5 एम. एल प्रति 1 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें.
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