Gujarat News: खाद के लिए कतार में लगने की बजाय किसानों ने जूतों को लाइन लगा दी, वीडियो वारयल

Gujarat News: खाद के लिए कतार में लगने की बजाय किसानों ने जूतों को लाइन लगा दी, वीडियो वारयल

रापर तालुका संघ में उपस्थित किसानों ने बताया किया कि यदि खाद आपूर्ति करने वाली सरकारी कंपनियां नियमित रूप से आपूर्ति करें, तो लंबी कतारों से बचा जा सकता है. इसके लिए सरकारी नियम के मुताबिक ऑनलाइन खाद बुकिंग प्रक्रिया में देरी के कारण ऐसी स्थिति देखने को मिली है. इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया में तेजी लाना जरूरी है.

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Gujarat News: खाद के लिए कतार में लगने की बजाय किसानों ने जूतों को लाइन लगा दी, वीडियो वारयलगुजरात केकिसानों का वीडियो वायरल फाइल फोटो

गुजरात में यूरिया खाद पाने में दिक्कतों का सामना कर रहे किसानों की एक तस्वीर कच्छ जिले के रापर तहसील से सामने आई है. यहां किसान खाद वितरण केंद्रों पर शुक्रवार को खाद पाने के लिए पहुंचे. यहां कुछ दिनों के अंतराल के बाद एक साथ खाद वितरण का काम शुरू हुआ था. इस वजह से बड़ी संख्या में किसान खाद लेने के लिए उमड़ पड़े. धूप में खाद लेने के लिए खड़े होने की बजाय किसानों ने अपने जूतों और चप्पल की ही कतार लगा दी.  देखते ही देखते ये विडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो गया.  

इस मामले को लेकर कच्छ के किसानों ने बताया कि वर्तमान समय में रापर तालुका के तीन स्थानों पर खादों का वितरण चल रहा है. हालांकि, किसानों के बीच यह आम राय है कि यदि सरकार के कृषि विभाग द्वारा डिस्पैच वितरण प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, तो किसानों को खाद लेने में आसानी होगी. किसानों का कहना है कि डिस्पैच में आने वाली दिक्कतों की वजह से किसानों को खाद लेने में समस्या हो रही है. खाद समय पर नहीं बांटे जाते हैं जिससे किसान एक साथ वितरण केंद्रों पर पहुंच जाते हैं. यह समस्या तभी सुलझेगा जब वितरण की प्रक्रिया को सुधारा जाएगा. 

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रापुरा तालुका की घटना

रापर तालुका संघ में उपस्थित किसानों ने बताया किया कि यदि खाद आपूर्ति करने वाली सरकारी कंपनियां नियमित रूप से आपूर्ति करें, तो लंबी कतारों से बचा जा सकता है. इसके लिए सरकारी नियम के मुताबिक ऑनलाइन खाद बुकिंग प्रक्रिया में देरी के कारण ऐसी स्थिति देखने को मिली है. इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया में तेजी लाना जरूरी है. किसानों को पहले ऑनलाइन बुकिंग का प्रोसेस पूरा करना होता है, फिर ऑनलाइन टोकन के जरिये ही किसानों को खाद मिलती है. 

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यूरिया किल्लत की आती हैं खबरें 

देश का अन्नदाता जहां कई प्राकृतिक समस्याओं से जूझ रहा है, वहीं किसानों को यहां खाद की जरूरत ज्यादा सता रही है. ऐसी समस्या केवल गुजरात में ही नहीं है बल्कि बाकी के राज्यों में भी देखी जा सकती है. दरअसल, किसानों को अपनी फसलों के लिए एकमुश्त खाद की जरूरत होती है जबकि सप्लाई उसके मुताबिक नहीं मिल पाती. यहां डिमांड और सप्लाई में अंतर के चलते खादों के लिए मारामारी देखी जाती है. गुजरात में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया. इस घटना का वीडियो इसलिए वायरल हो रहा है क्योंकि तेज धूप की वजह से किसानों ने लाइन में खुद लगने की बजाय जूते और चप्पलों की लाइन लगा दी.(कच्छ से कौशिक कंठेचा की रिपोर्ट) 

 

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