धान खरीदी की तारीख बढ़ाने के लिए कांग्रेस का चक्का जाम, इन मुद्दों को लेकर उठाई मांग

धान खरीदी की तारीख बढ़ाने के लिए कांग्रेस का चक्का जाम, इन मुद्दों को लेकर उठाई मांग

धान खरीदी को लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी ने कई जगहों पर सांकेतिक सड़क जाम किया. पार्टी ने दावा किया कि लाखों किसान अभी भी अपनी धान की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर नहीं बेच पाए हैं.

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धान खरीदी की तारीख बढ़ाने के लिए कांग्रेस का चक्का जाम, इन मुद्दों को लेकर उठाई मांगधान की खरीदी (सांकेति‍क तस्‍वीर)

छत्तीसगढ़ में धान खरीद को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया है. दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर सांकेतिक सड़क जाम किया और 31 जनवरी को खत्म होने वाली धान खरीद की अवधि बढ़ाने की मांग की. इसके अलावा विपक्षी पार्टी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर अपने 'मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान के तहत विकास खंडों में भी प्रदर्शन किया. पार्टी ने दावा किया कि लाखों किसान अभी भी अपनी धान की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर नहीं बेच पाए हैं.

धान खरीद की तारीख बढ़ाने की मांग

राज्य कांग्रेस प्रमुख दीपक बैज ने कहा कि राज्य सरकार को खरीद की समय सीमा एक महीने बढ़ा देनी चाहिए. साथ ही यह तय करना चाहिए कि सभी किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदा जाए. बता दें कि धान खरीद की अवधि 31 जनवरी को खत्म होने वाली है, लेकिन बड़ी संख्या में किसान छूट गए हैं.

लाखों किसानों का नहीं हुआ है रजिस्ट्रेशन

उन्होंने आरोप लगाया कि तीन लाख से ज़्यादा किसान अभी भी अपना धान नहीं बेच पाए हैं, जबकि 4.7 लाख से ज़्यादा किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं हो पाया है. बीजेपी सरकार जानबूझकर रुकावटें पैदा कर रही है, ताकि किसान अपनी फसल बिचौलियों को कौड़ियों के भाव बेचने पर मजबूर हों, जिससे सरकार को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान न करना पड़े.

ऑफलाइन टोकन वितरण शुरू करने की मांग 

दीपक बैज ने कहा कि अगर खरीद की अवधि नहीं बढ़ाई गई, तो किसानों को भारी वित्तीय नुकसान होगा और वे कर्ज में डूब जाएंगे. उन्होंने मांग की है कि ऑनलाइन टोकन जारी करना फिर से शुरू किया जाए, सभी सहकारी समितियों में ऑफलाइन टोकन वितरण शुरू किया जाए, और सरकार यह सुनिश्चित करे कि किसानों से धान का हर दाना घोषित MSP पर खरीदा जाए.

टोकन रद्द होने से हजारों किसान प्रभावित

कांग्रेस नेता ने कहा कि किसानों को धान बेचने के लिए पहले जारी किए गए टोकन रद्द कर दिए गए, जिससे हजारों किसान प्रभावित हुए. बैज ने दावा किया कि किसान गुस्से में हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत, कांग्रेस ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर कर रही है और ग्रामीण मजदूरों को उनकी आजीविका से वंचित करने की कोशिश कर रही है. (PTI)

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