Winter Cropसर्दी के मौसम में किसान हरी सब्जियों की खेती करते हैं, लेकिन ज्यादा ठंड के कारण कई बार पौधे ठीक से नहीं बढ़ पाते. जब तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है, तो पौधों की बढ़वार धीमी हो जाती है. साथ ही, अगर खेत में जरूरत से ज्यादा पानी भर जाता है, तो जड़ों को नुकसान पहुंचता है और फसल कमजोर हो जाती है.
अगर सब्जियों की ग्रोथ रुक गई है, तो सबसे पहले खेत की मिट्टी देखें. अगर मिट्टी बहुत ज्यादा गीली है, तो सिंचाई तुरंत बंद कर दें. ज्यादा पानी से पौधे सड़ सकते हैं. खेत में हल्की नमी रहना ही सब्जियों के लिए सही होता है.
पौधों की बढ़वार तेज करने के लिए एक आसान और सस्ता घोल बनाया जा सकता है. इसके लिए 2 किलो ट्राइकोडर्मा, 2 किलो गुड़, 1 किलो बेसन और 200 लीटर पानी लें. इन सबको अच्छे से मिलाकर 7 दिन तक सड़ने दें. इसके बाद इस घोल का खेत में प्रयोग करें. इससे पौधों की गलन रुकती है और वे फिर से तेजी से बढ़ने लगते हैं.
सब्जियों की अच्छी ग्रोथ के लिए 2 ग्राम WDG सल्फर प्रति लीटर पानी में मिलाकर धूप निकलने पर छिड़काव करें. इससे पौधे मजबूत होते हैं और बीमारी से बचाव होता है.
सर्दी के मौसम में सब्जियों की फसल में यूरिया का इस्तेमाल बिल्कुल न करें. इससे पौधों को नुकसान हो सकता है और ग्रोथ और भी रुक सकती है.
अगर किसान सही समय पर सिंचाई रोकें, सही घोल का प्रयोग करें और दवाइयों का सही तरीका अपनाएं, तो सर्दी में भी सब्जियों की फसल फिर से हरी-भरी हो सकती है. थोड़ी सी समझदारी से किसानों को अच्छा उत्पादन और ज्यादा लाभ मिल सकता है.
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