Drinking Water for Animal: बढ़ गया तापमान, पशुओं को पानी पिलाने के जारी हुए टिप्स, बचाएंगे नुकसान से

Drinking Water for Animal: बढ़ गया तापमान, पशुओं को पानी पिलाने के जारी हुए टिप्स, बचाएंगे नुकसान से

Drinking Water for Animal गर्मी के इस मौसम में पशुओं के लिए साफ और ताजा पानी पीना क्यों जरूरी है, पानी ना पीने पर किस तरह की परेशानी हो सकती है, उसके लक्षण क्या हैं और परेशानी होने पर किस तरह के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं. इसी तरह की टिप्स और एडवाइजरी गर्मियों में एक्सपर्ट की ओर से जारी की जाती है. 

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Drinking Water for Animal: बढ़ गया तापमान, पशुओं को पानी पिलाने के जारी हुए टिप्स, बचाएंगे नुकसान सेडेयरी से अधिक कमाई की टिप्स

तापमान ने अब अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है. कहीं तापमान 39 डिग्री तो कहीं कहीं 42 डिग्री को छू रहा है. ऐसे में इंसान ही नहीं पशुओं को भी पीने के पानी की बहुत जरूरत होती है. गर्म हवाओं और चढ़ते तापमान के दौरान बेशक पशुओं को एक वक्त खाने को मिले, लेकिन पीने के पानी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए. अगर ऐसे वक्त में पशुओं के शरीर में पानी की कमी हो गई थी तो फिर कई तरह की गंभीर बीमारियां पशुओं को अपनी चपेट में ले लेती हैं. ये ज्यादातर मौसमी बीमारियां होती हैं. इसमे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रैस भी शामिल है. 

यही वजह है कि मौसम में बदलाव आते ही एनिमल एक्सपर्ट ने पीने के पानी को लेकर अपने-अपने टिप्स यानि सुझाव देना शुरू कर दिया है. वेटरनरी यूनिवर्सिटी राजूवास, बीकानेर के एक्सपर्ट भी हर साल पशुओं के पानी पीने संबंध में एडवाइजरी जारी करते हैं. एनिमल एक्सपर्ट का यहां तक कहना है कि अगर गर्मियों के दौरान पशुओं की खुराक में हरे चारे की मात्रा भरपूर रखी जाए तो एक किलो हरे चारे से तीन से चार लीटर तक पानी की कमी पूरी हो जाती है. 

तापमान 35 पार होते ही करें ये जरूरी काम 

  • पशुओं को बार-बार पानी पिलाते रहें. 
  • जहां तक संभव हो पशुओं को ताजा और ठंडा पानी ही पिलाएं.
  • पशुओं के शरीर पर भी दिन में कम से कम तीन बार पानी का छिड़काव करें. 
  • पशुओं को सूखी तूड़ी 30 फीसद और हरा चारा 70 फीसद खिलाएं. 
  • ताजा तूड़ी खिलाने से पहले उसे भिगो लें. शाम को भिगोकर रखी गई तूड़ी सुबह खिलाएं. 
  • पशु के सामने हमेशा नमक की ढेली रखें, इसे चाटने से प्याकस लगती है. 
  • पशुओं को सुबह-शाम नहलाएं जरूरी. 
  • जहां पशु बांधे जाते हैं वहां भी पानी का छिड़काव करें. 
  • पशुओं को छायादार जगह पर बांधना चाहिए. 
  • पानी की कमी महसूस होने पर घर पर ही नमक-चीनी से तैयार घोल पिलाते रहना चाहिए.  

पशुओं में पानी की कमी की ऐसे करें पहचान  

जब पशुओं में पानी की कमी हो जाती है तो कई तरह के लक्षण से इसे पहचाना जा सकता है. जैसे पशुओं को भूख नहीं लगती है. सुस्ती और कमजोर हो जाना. पेशाव गाढ़ा होना, वजन कम होना, आंखें सूख जाती हैं, चमड़ी सूखी और खुरदरी हो जाती है और पशुओं का दूध उत्पादन भी कम हो जाता है. और सबसे बड़ी पहचान ये है कि जब हम पशु की चमढ़ी को उंगलियों से पकड़कर ऊपर उठाते हैं तो वो थोड़ी देर से अपनी जगह पर वापस आती है. 

कम हुआ पीने का पानी तो होंगे ये नुकसान 

पानी की कमी होने पर पशुओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जैसे चारा खाने और उसे पचाने की क्षमता कम हो जाती है. शरीर के जरूरी पोषक तत्वा मल-मूत्र के जरिए बाहर निकलने लगते हैं. पशुओं की दूध उत्पादन और प्रजनन क्षमता पर असर पड़ने लगता है. खून गाढ़ा होने लगता है. बछड़े और बछड़ियों को पेचिस लग जाती है. बड़े पशुओं को दस्त लग जाते हैं.

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