लखनऊ में शुरू हुआ 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव', पशुधन मंत्री धर्मपाल बोले- अब गाय कसाई को देखकर नहीं कांपती...

लखनऊ में शुरू हुआ 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव', पशुधन मंत्री धर्मपाल बोले- अब गाय कसाई को देखकर नहीं कांपती...

Dugdha Swarn Mahotsav 2026: धर्मपाल सिंह ने कहा- वर्तमान में हमारे पास 7,500 गो संरक्षण केंद्र हैं, जहां लगभग 13.5 लाख गायों का पालन-पोषण किया जा रहा है. इन पर प्रतिदिन ₹8 करोड़ से अधिक का खर्च आता है. उन्होंने कहा कि सरकार अकेले सब कुछ नहीं कर सकती. मैं उद्यमियों और सक्षम नागरिकों से अपील करता हूं कि वे किसी भी एक गोशाला (200-300 गायों वाली) को एक वर्ष के लिए गोद लें. 

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लखनऊ में शुरू हुआ 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव', पशुधन मंत्री धर्मपाल बोले- अब गाय कसाई को देखकर नहीं कांपती...कैबिनेट मंत्री, दुग्ध विकास, पशुधन एवं राजनैतिक पेंशन धर्मपाल सिंह

लखनऊ के गोमती नगर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दो दिवसीय 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026' का भव्य आयोजन किया गया. इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री, दुग्ध विकास, पशुधन एवं राजनैतिक पेंशन धर्मपाल सिंह ने फीता काट कर दुग्ध महोत्सव का शुभारंभ किया. इस दौरान अवनीश अवस्थी मुख्यमंत्री सलाहगार,मुकेश कुमार मेश्राम अपर मुख्य सचिव दुग्ध विकास,धनलक्ष्मी के दुग्ध आयुक्त एवं महानिदेशक मत्स्य और निदेशक पशुपालन विभाग डॉ मेमपाल सिंह मौजूद रहे.

निराश्रित गोवंश सड़कों या खेतों में न दिखे

मीडिया से बातचीत में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कहा कि पिछली सरकारों और वर्तमान सरकार में यही अंतर है कि पहले पशु चोरी के डर से किसान परेशान रहता था, लेकिन आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज है. अब गाय कसाई को देखकर नहीं कांपती, बल्कि कसाई कानून को देखकर कांपता है. हमारा लक्ष्य है कि निराश्रित गोवंश सड़कों या खेतों में न दिखे, बल्कि उन्हें उचित संरक्षण और प्रेम मिले. आप सभी इस कार्य में सहयोग दें.

गाय के गोबर में लक्ष्मी का वास

उन्होंने कहा कि शास्त्र कहते हैं कि गाय के गोबर में लक्ष्मी का वास होता है. मूत्र में गंगा मैया बसती हैं और इसका दूध अमृत के समान है. विशेष रूप से साहीवाल जैसी देसी नस्लों का दूध सर्वोत्तम माना जाता है. कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सपा के इशारे पर काम कर रहे हैं. गोमाता के प्रति हमारी जिम्मेदारी और सरकार के प्रयासों के बारे में मैं कुछ बातें साझा करना चाहता हूं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गो संरक्षण के लिए दी जाने वाली दैनिक राशि को 30 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है.

गो संरक्षण पर प्रतिदिन 8 करोड़ रुपये का खर्च

धर्मपाल सिंह ने कहा- वर्तमान में हमारे पास 7,500 गो संरक्षण केंद्र हैं, जहां लगभग 13.5 लाख गायों का पालन-पोषण किया जा रहा है. इन पर प्रतिदिन 8 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आता है. उन्होंने कहा कि सरकार अकेले सब कुछ नहीं कर सकती. मैं उद्यमियों और सक्षम नागरिकों से अपील करता हूं कि वे किसी भी एक गोशाला (200-300 गायों वाली) को एक वर्ष के लिए गोद लें. 

139 लाभार्थियों को भेजी गई नंद बाबा पुरस्कार की धनराशि

मुख्य अतिथि धर्मपाल सिंह, मंत्री, पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन, उप्र० सरकार द्वारा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले पशुपालकों एवं उद्यमियों को पुरस्कृत किया गया. साथ ही प्रदेश के समस्त जनपदों के विकासखण्ड स्तर पर चयनित 139 लाभार्थियों को वर्ष 2024-25 के नंद बाबा पुरस्कार की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हरतान्तरित की गयी.

सफल किसान से विशेषज्ञ शामिल

महोत्सव में अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम और दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. समेत कई अधिकारी, किसान और विशेषज्ञ शामिल हुए है. महोत्सव में दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण से जुड़ी नई तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई गई है. प्रथम सत्र में गो पूजन, प्रदर्शनी का उद्घाटन, नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत ब्लॉक स्तरीय पुरस्कार वितरण, प्रगतिशील गोपालकों, अग्रणी निवेशकों एवं प्रतिभाशाली नवाचारों का सम्मान किया गया.

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