बकरीद पर कुर्बानी के लिए खास छह तरह की नस्ल के बकरों की डिमांड रहती है.26 या 27 मई को देश में बकरीद मनाई जाएगी. तीन दिन तक कुर्बानी का ये त्यौहार मनाया जाता है. इस मौके पर बकरों की कुर्बानी दी जाती है. कुर्बानी के लिए कई-कई दिन पहले से बकरों की खरीद-फरोख्त शुरू हो जाती हैं. जो मुस्िातम कुर्बानी करते हैं वो बाजार और हाट से बकरे खरीदकर लाते हैं. अभी बकरीद में करीब 25 दिन बाकी हैं, और इसके साथ ही बाजार और हाट में बकरों का आना शुरू हो गया है. लेकिन गोट एक्सपर्ट की मानें तो मई में गर्मी तेज हो जाती है. तापमान भी अच्छा खासा चढ़ जाता है. ऐसे में बाजार और गांवों की हाट से बकरों को ट्रांसपोर्ट कर घर तक लाना बहुत मुश्किल हो जाता है.
बकरों की हैल्थ पर भी इसका खासा असर पड़ता है. जिसके चलते घर लाने के बाद खासतौर पर 24 घंटे तक उनके खानपान को लेकर भी बहुत अलर्ट रहने की जरूरत होती है. क्योंकि अक्सर ये शिकायत आती हैं कि बकरा मंडी से जैसे ही बकरा घर पहुंचता है तो वो बीमार हो जाता है. खाना पीना कम कर देता है या कई बार तो बिल्कुल भी खाना नहीं खाता है. अगर बकरीद के लिए बकरा लाने से पहले इन सब सवालों पर ध्यान दिया तो फिर बकरा बीमार नहीं पड़ेगा और आराम से सब कुछ खाएगा भी.
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