तीन राज्यों में दुग्ध समितियों ने दूध के दाम बढ़ाएदेश के अलग–अलग राज्यों में डेयरी किसानों को राहत देने के लिए दूध की खरीद कीमतों में बढ़ोतरी की गई है. ओडिशा, केरल और पंजाब में सहकारी दुग्ध संघों और राज्य सरकारों ने दूध के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है, जिससे लाखों किसानों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है.
ओडिशा राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ (OMFED) ने दूध की खरीद कीमत में 1 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. अब OMFED को दूध सप्लाई करने वाले किसानों को 39.05 रुपये प्रति लीटर भुगतान किया जाएगा, जबकि पहले यह दर 38.05 रुपये प्रति लीटर थी. यह नई दर 1 मई 2026 से लागू हो गई है.
OMFED ने बताया कि चारा, पशु आहार, घास और दवाइयों की लागत लगातार बढ़ रही थी, जिसका असर दूध उत्पादन पर पड़ रहा था. ऐसे में किसानों को राहत देने और उनकी आय बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है.
राज्यभर में OMFED से जुड़े लगभग 3 लाख डेयरी किसान इस बढ़ोतरी से लाभान्वित होंगे. किसानों ने इस फैसले का स्वागत किया है और नई दरों पर संतोष जताया है.
केरल में सहकारी दुग्ध संघ मिल्मा (Milma) ने भी दूध की कीमतों में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. हालांकि, यह बढ़ी हुई दरें 20 मई के आसपास लागू होने की संभावना है.
दरअसल, केरल में विधानसभा चुनावों को लेकर आचार संहिता 6 मई तक लागू है, इसलिए फिलहाल इस फैसले की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है. इससे पहले राज्य सरकार ने मिल्मा के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी, जिसमें दूध के दाम 4 से 6 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाने की बात कही गई थी.
मिल्मा के चेयरमैन के. एस. मणि ने कहा कि अगली बोर्ड बैठक में अंतिम फैसला लेकर नई दरों की औपचारिक घोषणा की जाएगी. उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया पूरी होने में लगभग 10 दिन का समय लग सकता है.
पंजाब सरकार ने भी डेयरी किसानों को बड़ी राहत दी है. राज्य में मिल्कफेड (वेरका) से जुड़े किसानों के लिए दूध की खरीद कीमत में 20 रुपये प्रति किलो फैट की बढ़ोतरी की गई है. यह फैसला भी 1 मई से लागू हो गया है.
सरकार के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य किसानों को बेहतर दाम देना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और सहकारी दुग्ध व्यवस्था को और सशक्त बनाना है.
इस फैसले से सीधे तौर पर 2.5 लाख किसान लाभान्वित होंगे. सरकार का कहना है कि इससे डेयरी फार्मिंग ज्यादा लाभकारी बनेगी और निजी दूध खरीदने वाली कंपनियों पर भी दरें बढ़ाने का दबाव पड़ेगा.
सरकारी अनुमान के अनुसार, इस फैसले से राज्य के करीब 30 लाख डेयरी किसानों को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा हो सकता है और पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हर महीने लगभग 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी बढ़ेगी.
तीनों राज्यों में दूध के दाम बढ़ाने के फैसले ऐसे समय में आए हैं, जब डेयरी किसानों को उत्पादन लागत बढ़ने की वजह से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था. सरकारों और सहकारी संस्थाओं के इन कदमों से किसानों की आय में सुधार और डेयरी क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
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