Desi Cow Breed: ये 10 देसी नस्ल की गाय खरीदने से पहले इन बातों पर जरूर दें ध्यान

Desi Cow Breed: ये 10 देसी नस्ल की गाय खरीदने से पहले इन बातों पर जरूर दें ध्यान

Desi Cow Breed अभी तक गायों की रजिस्टर्ड नस्ल की संख्या 51 थी जो अब बढ़कर 55 हो गई है. नई लिस्ट में रोहिलखंडी, पोडा थुरुपू, नारी, डागरी, थूथो, श्वेता कपिला, हिमाचली पहाड़ी, पूर्णिया, कथानी, सांचौरी और मासिलुम है. नागालैंड की थूथो नस्ल भी रजिस्टर्ड हो गई है. लेकिन सबसे ज्यादा जरूरत इस बात की होती है कि गाय खरीदते वक्त ज्यादा दूध देने वाली गाय पूरी जांच के बाद ही खरीदी जाए. 

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बाजार में गाय के दूध और दूध से बने घी की डिमांड बढ़ गई है. खासतौर से देसी नस्ल की गाय के दूध-घी की. उसकी एक बड़ी वजह ए2 दूध की मार्केटिंग है. सोशल मीडिया पर ए2 के नाम से दूध बेचने वालों की बाढ़ सी आ गई है. हर कोई ए2 के नाम से दूध और घी की मार्केटिंग कर रहा है. उसकी खूबि‍यां बताई जा रही हैं. घी के दाम भी अच्छे खासे वसूले जा रहे हैं. यही वजह है कि एकदम से देसी गायों की डिमांड बढ़ गई है. कुछ खास नस्ल की गायों की खरीद-फरोख्त हो रही है. जिसके राज्य और शहर को जो नस्ल सूट करती है वो उसी नस्ल की गाय खरीद रहा है. 

एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक बाजार में गायों की 8-9 ऐसी नस्ल है जो खूब खरीदी जा रही हैं. एक नस्ल पुंगनूर ऐसी भी है जो शौक के लिए पाली जा रही है. मध्य प्रदेश, यूपी, राजस्थान, गुजरात और बिहार में देसी नस्ल की गायों की सबसे ज्यादा संख्या है. लेकिन खरीदारी करते वक्त पूरी जांच-पड़ताल करना भी बहुत जरूरी है. . लेकिन खरीदारी करते वक्त पूरी जांच-पड़ताल करना भी बहुत जरूरी है. एक्सपर्ट के बताए टिप्स के मुताबिक ही प्योर नस्ल की पहचान की जा सकती है.

गाय खरीदने से पहले देखें ये निशानियां 

गाय के दूध की एक और खास बात ये है कि इसके दूध से बने घी को अगर बिलोकर बनाया जाता है तो उसका महत्व और बढ़ जाता है. मध्य प्रदेश, यूपी, राजस्थान, गुजरात और बिहार में देसी नस्ल की गायों की सबसे ज्यादा संख्या है. लेकिन खरीदारी करते वक्त पूरी जांच-पड़ताल करना भी बहुत जरूरी है. 

  • गिर गाय की पहचान लटके हुए कान, काली आंखें और फैले हुए सींग होते हैं. गुजरात की नस्ल है.    
  • साहीवाल गाय की पहचान उसका लाल और भूरा रंगा होता है. मूल रूप से पाकिस्तान की नस्ल है.   
  • राठी गाय भूरे, सफेद और लाल रंग की धब्बेादार होती है. इसका मूल स्थान राजस्थान है. 
  • नागोरी गाय की थूथन सींग और खुर पूरी तरह से काले होते हैं. ये राजस्थान के जोधपुर की नस्ल है. 
  • थारपारकर गाय के कान के अंदर की त्वचा का रंग पीला होता है और ये राजस्थान की नस्ल‍ है.     
  • हरियाणवी गाय ज्यालदातर सफेद या भूरे रंग में पाई जाती है. इनका चेहरा संकरा और सींग बड़े होते हैं. नाम के मुताबिक ही ये हरियाणा की नस्ल् है. 
  • कांकरेज गाय की पहचान इसके बड़े सींग हैं और ये ज्याादातर गुजरात में ही पाई जाती है. 
  • बद्री गाय का बड़ा ही महत्वै है. इसकी पहचान भी खासतौर पर रंग से ही होती है. ये भूरे, सफेद, लाल और काले रंग में होती है. इसका मूल निवास  उत्तराखंड है. 
  • लाल सिंधी गाय नाम के मुताबिक पूरी तरह से लाल रंग की होती है. इसकी नाक भी लाल रंग की ही होती है. ये नस्ल. मूल रूप से पाकिस्तान की है.
  • पुंगनुर  गाय कद में बहुत छोटी होती है. ये तीन से पांच लीटर तक दूध देती है. पीएम भी इसकी तारीफ कर चुके हैं. ये आंध्र प्रदेश में पाई जाती है. 

गायों से जुड़ी खास जानकारियां 

  • ए2 दूध को देसी घी के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. 
  • ए2 दूध में ए, डी, ई और के जैसे पोषक तत्व होते है. 
  • ए2 दूध स्वा‍द में बेहतर होता है साथ में पाचन क्रिया को भी अच्छा बनाता है. 
  • ए2 दूध में बीमारियों से लड़ने की भी क्षमता होती है. 
  • मेरठ, यूपी में देश का सबसे बड़ा कैटल रिसर्च सेंटर बनाया गया है. 
  • गायों की संख्या बढ़ाने के लिए आर्टिफिशल सीमेन टेक्नोलॉजी भी इस्तेमाल की जा रही है. 

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