Sheep Meat: बकरे नहीं भेड़ों के मीट की बढ़ रही है डिमांड, आखि‍र क्या है वजह? 

Sheep Meat: बकरे नहीं भेड़ों के मीट की बढ़ रही है डिमांड, आखि‍र क्या है वजह? 

Sheep Meat कुछ वक्त पहले तक भेड़ का मतलब ऊन उत्पादन होता था. लेकिन बीते कुछ साल से भेड़ की अपनी खास पहचान ऊन पीछे छूट गई है. जबकि उसके मीट का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है. देश के कुछ राज्य ऐसे हैं जहां भेड़ के मीट की डिमांड दूसरे राज्यों से भेड़ लाकर पूरी की जा रही है. डिमांड के चलते ही देश के बहुत सारे राज्यों में भेड़ पालन भी बढ़ रहा है. 

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Sheep Meat: बकरे नहीं भेड़ों के मीट की बढ़ रही है डिमांड, आखि‍र क्या है वजह? Goat and sheep Farming

बाजार में जहां नजर डालों तो बकरे का मीट नजर आता है. बकरीद पर भी कुर्बानी के लिए सबसे ज्यादा बकरों की ही खरीद-फरोख्त होती है. मतलब जब भी मीट की बात होती है तो पहला नंबर बकरे का ही आता है. और इसके बाद किसी मीट के बारे में बात होती है तो वो चिकन है. देश में सबसे ज्यादा चिकन ही खाया जाता है. लेकिन एक चौंकाने वाली खबर ये है कि बकरों को पीछे छोड़ते हुए बाजार में भेड़ के मीट की डिमांड बढ़ रही है. देश के कई राज्य ऐसे हैं जो अपनी घरेलू डिमांड को पूरा करने के लिए दूसरे राज्यों से भेड़ें खरीद रहे हैं. 10 साल में ही भेड़ के मीट की डिमांड में 250 फीसद से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी जा रही है. 

इसी के चलते भेड़ पालन भी तेजी से बढ़ रहा है. सरकार भी भेड़ों के मीट की डिमांड को देखते हुए विदेशों से ऐसी नस्ल मंगा रही है जिनकी ग्रोथ तेजी से होती है. कुल मिलाकर स्वाद के बाजार में भेड़ बकरों पर भारी पड़ रही हैं. देश के पांच राज्य ऐसे हैं जहां भेड़ बड़ी ही तेजी से वहां के मीट बाजारों में छा गई हैं. बढ़ती डिमांड के बारे में फूड एक्सपर्ट का कहना है कि भेड़ के मीट में होने वाले फैट के चलते बिरयानी टेस्टी बनती है. इसीलिए भेड़ के मीट को ज्यादा पसंद किया जा रहा है.

किस राज्य में कितना खाया गया मीट

  • 2014-15 में आंध्र प्रदेश में दो लाख टन मीट खाया गया.  
  • 2024-25 में आंध्र प्रदेश में 4.18 लाख टन मीट खाया गया.  
  • 2024-25 में तेलंगाना में 3.65 लाख टन मीट खाया गया.  
  • 2014-15 में कर्नाटक में 29 हजार टन मीट खाया गया.  
  • 2024-25 में कर्नाटक में 1.65 लाख टन मीट खाया गया.  
  • 2014-15 में तमिलनाडु में 35 हजार टन मीट खाया गया.  
  • 2024-25 में तमिलनाडु में 62 हजार टन मीट खाया गया.  
  • 2014-15 में राजस्थान में 39 हजार टन मीट खाया गया.  
  • 2024-25 में राजस्थान में 57 हजार टन मीट खाया गया.  
  • 2014-15 में जम्मू-कश्मीर में 19 हजार टन मीट खाया गया.  
  • 2024-25 में जम्मू-कश्मीर में 23 हजार टन मीट खाया गया.  

देश में मीट उत्पादन के आंकड़े 

  • 2014-15 में देश में मीट के लिए काटी गईं भेड़ों की संख्या 3.23 करोड़. 
  • 2024-25 में देश में मीट के लिए काटी गईं भेड़ों की संख्या 8.31 करोड़. 
  • 2014-15 में देश में मीट के लिए काटे गए बकरों की संख्या 8.81 करोड़. 
  • 2024-25 में देश में मीट के लिए काटे गए बकरों की संख्या 13.45 करोड़. 
  • 2014-15 में देश में भेड़ का 4.31 लाख टन मीट उत्पादन हुआ था.  
  • 2024-25 में देश में भेड़ का 11.86 लाख टन मीट उत्पादन हुआ था.  
  • 2024-25 में देश में सभी तरह के मीट का कुल उत्पादन 1.05 करोड़ टन हुआ था. 
  • 2024-25 में कुल मीट उत्पादन में चिकन की हिस्सेदारी 49 फीसद की है.
  • 2024-25 में कुल मीट उत्पादन में भेड़ की हिस्सेदारी 11.29 फीसद की है.
  • 2024-25 में कुल मीट उत्पादन में बकरे की हिस्सेदारी 15.06 फीसद की है. 
  • 2024-25 में कुल मीट उत्पादन में भैंस की हिस्सेदारी 18.42 फीसद की है. 

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