Artificial Insemination: वीर्य को इंफेक्शन फ्री बनाते हैं ये 18 काम, खरीदने से पहले आप भी जांच लें लिस्ट Artificial Insemination: वीर्य को इंफेक्शन फ्री बनाते हैं ये 18 काम, खरीदने से पहले आप भी जांच लें लिस्ट
Artificial Insemination पशुपालक बैल का वीर्य खरीदते वक्त इस बात का खास ख्याल रखें कि जिस सीमेन सेंटर से खरीदा जा रहा है वहां बायो सिक्योरिटी के 25 से ज्यादा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं. गेट में एंट्री से लेकर लैब तक जाने वाले व्यक्ति को सैनेटाइज किया जा रहा है या नहीं. पशुओं की नस्ल सुधार और उन्हें तमाम तरह की बीमारियों से बचाने के लिए कृत्रिम गर्भाधान की तकनीक इस्तेमाल की जा रही है.
frozen semen caseनासिर हुसैन - New Delhi,
- Mar 13, 2026,
- Updated Mar 13, 2026, 9:52 AM IST
प्राकृतिक गर्भाधान महंगा पड़ता है. प्राकृतिक गर्भाधान के लिए मैचिंग का बुल मिलना मुश्किल हो जाता है. प्राकृतिक गर्भाधान में इंफेक्शन का खतरा बना रहता है. प्राकृतिक गर्भाधान में बुल और उसके परिवार की हिस्ट्री मिलने की उम्मीद कम होती है. वहीं प्राकृतिक गर्भाधान के चलते गाय और भैंस को चोट लगने का खतरा बना रहता है. इन्हीं सब को देखते हुए पशुपालकों के बीच अब कृत्रिम गर्भाधान (आर्टिफिशल इंसेमीनेशन) का चलन बढ़ रहा है. कृत्रिम गर्भाधान को लेकर पशुपालकों के बीच जागरुकता आ रही है. अब पशुपालक अपनी गाय-भैंस को कृत्रिम तरीके से गाभिन कराने के लिए खूब जांच-पड़ताल के बाद ही बैल के वीर्य (सीमेन) की स्ट्रा खरीद रहे हैं. ये इंफेक्शन फ्री भी होती है. लेकिन बुल से वीर्य लेने और उसे स्टोरेज करने तक वीर्य को इंफेक्शन से बचाना कोई आसान नहीं होता है.
एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक वीर्य को इंफेक्शन से बचाने के लिए 18 खास टिप्स पर काम करना होता है. बैल का फ्रोजन वीर्य (सीमेन) बेचने वाले सीमेन सेंटर के लिए एक गाइड लाइन तैयार की गई है. इस गाइड लाइन का पालन करते हुए सेंटर को बायो सिक्योरिटी से जुड़े नियमों का पालन करना होता है. एक्सपर्ट का कहना है कि पशुपालकों को भी वीर्य की स्ट्रॉ खरीदते वक्त इस पर गौर कर लेना चाहिए कि वहां नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं. वर्ना वीर्य के जरिए गाय-भैंस के संक्रमित होने का खतरा बना रहता है.
सीमेन सेंटर को ऐसे बनाएं इंफेक्शन फ्री
- सीमेन सेंटर को चारों ओर से अच्छी तरह कवर किया जाता है.
- बैल शेड, वीर्य संग्रह और प्रोसेसिंग लैब को सेंटर एरिया में एक अलग सुराक्षित तरीके से बनाया जाता है.
- क्वारंटीन स्टेशन को एक खास दीवार से घेरकर परिसर में ही अलग जगह बनाया जाता है.
- सभी वाहन और कर्मचारियों के पैर और टायर डीप बाथ एरिया से गुजारे जाते हैं.
- हाई अलर्ट एरिया में जाने से पहले कर्मचारियों और विजिटर के लिए शॉवर और चेंज रूम बनाए जाते हैं.
- सीमेन सेंटर में धूल कम करने के लिए खूब पेड़ लगाए जाते हैं.
- क्वारंटीन स्टेशन के लिए अलग से कर्मचारी रखे जाते हैं.
- पशु के संपर्क में आने वाले कर्मचारियों की टीबी-ब्रुसेलोसिस की दो साल में एक बार जांच की जाती है.
- सीमेन सेंटर में आने वाले सभी मेहमानों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है.
- सीमेन सेंटर में आने वाले सभी वाहनों को सेंटर के बाहर ही पार्क किया जाता है.
- पशुओं को सेंटर में तभी एंट्री दी जाती है जब वो क्वारंटीन समेत सभी तरह के टेस्ट पास कर लेते हैं.
- किसी भी बीमार जानवर को तुरंत अलग कर उसका इलाज किया जाता है.
- बैल शेड को नियमित आधार पर साफ और कीटाणु रहित किया जाता है.
- वीर्य कलेक्शन और प्रोसेसिंग लैब को हर रोज काम के बाद कीटाणु रहित किया जाता है.
- वीर्य कलेक्शन के समय पशु के वक्ष, पेट के निचले और सामने के हिस्से को खासतौर पर साफ किया जाता है.
- पशुओं को चारा, दाना और पानी इस तरह से दिया जाता है कि उसका पशुओं की हैल्थ पर खतरा ना हो.
- सेंटर में पशु को भूख, प्यास, परेशानी दर्द और चोट से मुक्त रखा जाता है.
- हाई अलर्ट एरिया में जानें के लिए कर्मचारियों को खास गियर और जूते दिए जाते हैं.
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