Advertisement

महाराष्ट्र पशुपालन News

महाराष्ट्र में भयंकर सूखा: 8.5 लाख मवेशियों पर मंडराया संकट, किसान ने सरकार को दी अनोखी चेतावनी

महाराष्ट्र में भयंकर सूखा: 8.5 लाख मवेशियों पर मंडराया संकट, किसान ने सरकार को दी अनोखी चेतावनी

Oct 09, 2026

महाराष्ट्र के बीड जिले में सूखे से खरीफ की 75% फसलें तबाह हो गई हैं. 8.5 लाख से अधिक मवेशियों के लिए केवल 2 महीने का चारा बचा है. पढ़ें जिला प्रशासन का एक्शन प्लान.

फसल बर्बाद, चारा-पानी खत्म... मराठवाड़ा में मवेशी बेचने बाजार पहुंच रहे किसान

फसल बर्बाद, चारा-पानी खत्म... मराठवाड़ा में मवेशी बेचने बाजार पहुंच रहे किसान

Oct 07, 2026

मराठवाड़ा में गंभीर सूखे से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. फसलें बर्बाद होने और चारा-पानी के संकट के कारण छत्रपति संभाजीनगर के वडोद बाजार में किसान मजबूरी में अपने मवेशी बेचने पहुंच रहे हैं.

बीड में चारा-पानी का संकट, भेड़-बकरियों को लेकर भटक रहे चरवाहे, चारा छावनी खोलने की मांग

बीड में चारा-पानी का संकट, भेड़-बकरियों को लेकर भटक रहे चरवाहे, चारा छावनी खोलने की मांग

Oct 06, 2026

महाराष्ट्र के बीड में चारा और पानी की किल्लत से चरवाहों की परेशानी बढ़ गई है. भेड़-बकरियों के लिए चारा और पीने का पानी नहीं मिलने का दावा करते हुए चरवाहों ने प्रशासन से चारा छावनियां शुरू करने और टैंकरों से पानी उपलब्ध कराने की मांग की है.

खारे पानी को मीठा बनाकर उगाया औषधियों का बाग, किसान देवाराम ने रची सफलता की कहानी

खारे पानी को मीठा बनाकर उगाया औषधियों का बाग, किसान देवाराम ने रची सफलता की कहानी

Jan 28, 2026

राजस्थान के तपते थार रेगिस्तान से सफलता की एक अनोखी कहानी सामने आई है, जहां एक किसान ने अपनी मेहनत और नवाचार से नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया. उन्होंने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर न केवल खारे पानी को मीठा बनाया, बल्कि उस पानी से बंजर जमीन पर औषधीय पौधों का एक हरा-भरा बाग भी तैयार कर दिया.

महाराष्ट्र में किसानों के साथ मछुआरों को भी बड़ा नुकसान, नितेश राणे बोले-  नुकसान की पूरी भरपाई होगी

महाराष्ट्र में किसानों के साथ मछुआरों को भी बड़ा नुकसान, नितेश राणे बोले- नुकसान की पूरी भरपाई होगी

Oct 04, 2025

नितेश राणे ने छत्रपति संभाजीनगर का दौरा करते हुए कहा कि बारिश और बाढ़ से किसानों के साथ-साथ मछुआरों का भी बहुत बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है. राणे ने कहा कि सरकार किसानों की तरह ही मछुआरों को भी भरपूर मदद देगी. तालाबों, पिंजरों और जाल का जो नुकसान हुआ है, उसका पंचनामा लगभग पूरा हो चुका है.

किसानों के मवेशियों को नहीं मिल रहे खरीदार, आर्थिक तंगी के लिए बजरंग दल को ठहराया जिम्मेदार!

किसानों के मवेशियों को नहीं मिल रहे खरीदार, आर्थिक तंगी के लिए बजरंग दल को ठहराया जिम्मेदार!

Jul 21, 2025

वाशिम जिले के व्यापारियों और किसानों ने बजरंग दल को ठहराया जिम्मेदार. किसानों ने कहा कि माता पिता को संभालना मुश्किल, तो जानवरों को कैसे पालें. जानवर नहीं बिके तो आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या करना पड़ेगा.

दक्षिण महाराष्ट्र की शान है खिल्लारी बैल, खेती से लेकर रेसिंग तक में आता है काम

दक्षिण महाराष्ट्र की शान है खिल्लारी बैल, खेती से लेकर रेसिंग तक में आता है काम

Jun 25, 2024

खिल्लारी बैल दक्षिण महाराष्ट्र की शान हैं. लेकिन अब यह नस्ल कम होती जा रही है. खिल्लारी नस्ल में भी कई तरह के बैल पाए जाते हैं. इसकी उत्पत्ति मैसूर राज्य के मवेशियों की हल्लीकर नस्ल से हुई है. इसका नाम "खिलार" से आया है, जिसका अर्थ है मवेशियों का झुंड और खिल्लारी का अर्थ है चरवाहा. ज्यादातर खिल्लारी बैल मूल रूप से दक्षिण महाराष्ट्र के सतारा जिले से हैं.

पशुपालन के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बनाया मोबाइल ऐप, जानिए कैसे करेगा काम, क्या होगा फायदा?

पशुपालन के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बनाया मोबाइल ऐप, जानिए कैसे करेगा काम, क्या होगा फायदा?

Mar 07, 2024

कृषि मंत्री धनंजय मुंडे ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण न केवल पशुओं के लिए चारे और पानी की व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि पशुधन के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है. संकर गायों और भैंसों में दूध उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. ऐसा देखा गया है कि इसकी वजह से गायों के दूध उत्पादन में 5 से 20 प्रतिशत की कमी आई है. ऐसे में यह मोबाइल ऐप पशुपालकों को सलाह देगा.

Milk Subsidy: मार्च तक लागू रहेगी 5 रुपये लीटर की दूध सब्सिडी, जानिए क्या है पैसा मिलने का तरीका

Milk Subsidy: मार्च तक लागू रहेगी 5 रुपये लीटर की दूध सब्सिडी, जानिए क्या है पैसा मिलने का तरीका

Feb 27, 2024

किसानों को यह फायदा दिलाने के लिए आंदोलन चलाने वाले किसान नेता अजीत नवले का कहना है कि योजना का फायदा लेने के लिए हर किसान को आवेदन करने की जरूरत नहीं है. जिस दुग्ध संघ में जितना दूध खरीदा जाता रहा है उसमें सरकार उतने का पैसा डाल देगी और वो संघ इसका फायदा किसानों को देंगे. दुग्ध संघ ही अप्लाई करेंगे.

महाराष्ट्र में बढ़ा चारा संकट, अकोला से दूसरे ज‍िले में चारा ले जाने पर लगी रोक

महाराष्ट्र में बढ़ा चारा संकट, अकोला से दूसरे ज‍िले में चारा ले जाने पर लगी रोक

Feb 21, 2024

अकोला जिले में उत्पादित चारा, मुर्गी फीड एवं टोटल मिक्स राशन (टीएमआर) को दूसरे जिलों में ले जाने पर रोक लगा दी गई है. ताक‍ि आने वाले समय में ज‍िले में चारे का संकट और बड़ा न हो. ऐसी ही रोक परभणी जिले में भी लागू की गई है. राज्य में सूखे की वजह से बढ़ा है संकट. 

महाराष्ट्र के परभणी में सूखे से बढ़ा पशुपालन पर संकट, दूसरे जिले में चारा ले जाने पर रोक

महाराष्ट्र के परभणी में सूखे से बढ़ा पशुपालन पर संकट, दूसरे जिले में चारा ले जाने पर रोक

Feb 02, 2024

वर्तमान में, परभणी जिले में औसत से कम वर्षा के कारण, इस अवधि के दौरान जानवरों के लिए चारे की कमी गंभीर होने की संभावना है. जिले में पिछले वर्ष की बुवाई रिपोर्ट के अनुसार 1 अप्रैल 2023 से 3 लाख 65 हजार 174 मीट्रिक टन चारा शेष है. यह लगभग अप्रैल 2024 तक चलेगा. ऐसे में चारे की कम उपलब्धता को देखते हुए भविष्य में चारे की कमी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है.