मध्यप्रदेश की आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना ने सिवनी जिले के युवा रोबिन्स झारिया की जिंदगी बदल दी है. 10 लाख रुपये के बैंक ऋण और 33 प्रतिशत सब्सिडी की मदद से शुरू किए गए डेयरी व्यवसाय से वह आज हर महीने 60 से 75 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं.उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ किया. किसान कल्याण वर्ष के तहत 16 विभागों के समन्वय से किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू किया गया. इस दौरान डेयरी पर 10 लाख रुपये तक अनुदान, दिन में कृषि बिजली, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार समेत कई बड़ी घोषणाएं की गईं.
मध्य प्रदेश के मत्स्य पालन क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. कुवैत की एक कंपनी प्रदेश में 7,430 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इस परियोजना से करीब 35 हजार रोजगार सृजित होंगे और 6 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक मत्स्य निर्यात का लक्ष्य रखा गया है.
मध्यप्रदेश में मत्स्य क्षेत्र को नई उड़ान देने की तैयारी शुरू हो गई है.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर हर जिले में हैचरी विकसित की जाएगी, जबकि एकीकृत मत्स्योद्योग नीति-2026 के तहत 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से मछली बीज उत्पादन, रोजगार सृजन, मोती उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा.
PMFME योजना के तहत 27 लाख रुपए के ऋण और 10 लाख रुपए के अनुदान की मदद से बैतूल के जयप्रकाश चिकाने ने ‘दूध गंगा डेयरी’ की स्थापना की. नौकरी की तलाश से स्वरोजगार तक का यह सफर उन्हें हर महीने 40 हजार रुपए की शुद्ध आय दिला रहा है, साथ ही डेयरी के माध्यम से करीब 20 युवाओं को रोजगार भी मिला है.
मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री पशु एंबुलेंस सेवा पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है.वर्ष 2023 से संचालित इस सेवा के माध्यम से अब तक 15.44 लाख से अधिक पशुपालकों को घर बैठे पशु उपचार, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और टेलीवेट परामर्श की सुविधा मिल चुकी है.
गोकुल धाम नीति 2025 के तहत मध्यप्रदेश सरकार स्वावलंबी गौशालाओं का विकास करेगी, जहां न्यूनतम 5 हजार गौवंश का पालन अनिवार्य होगा.योजना में 30% दुधारू नस्ल की गायें, डेयरी विकास, जैविक खाद, बायो-CNG और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर फोकस किया गया.
मध्यप्रदेश में ‘हिरण्यगर्भा अभियान’ पशुपालन क्षेत्र में नई क्रांति ला रहा है. अभियान के तहत अब तक 15 लाख से अधिक पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान किया जा चुका है, जिससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, उन्नत नस्ल तैयार करने और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है.
मध्य प्रदेश शासन की क्षीर धारा योजना से श्वेत क्रांति को गति मिलेगी. इस योजना के माध्यम से जनपद के चयनित ग्रामों में उन्नत नल के पशुओं के माध्यम से सरकार किसानों की आय के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तैयारी में जुटी है.
मध्यप्रदेश अब तेजी से देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है. दूध उत्पादन बढ़ाने, डेयरी नेटवर्क के विस्तार और पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए राज्य सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है. वहीं, Sanchi ब्रांड की बढ़ती मांग ने प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनने की दिशा में नई रफ्तार दे दी .
मध्य प्रदेश सरकार ने पशुपालकों के लिए ‘गोरस मोबाइल ऐप’ तैयार किया है, जिससे गाय-भैंस के संतुलित आहार, नस्ल सुधार और उत्पादन बढ़ाने से जुड़ी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध होगी. यह ऐप वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने और आय बढ़ाने में मदद करेगा.
Indore Milk Powder Plant: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदौर में 76.5 करोड़ रुपये की लागत से बने मिल्क पाउडर प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन किया. यह प्लांट प्रतिदिन 30 मीट्रिक टन दूध पाउडर का उत्पादन कर सकता है.
MP कैबिनेट बैठक में प्रदेश में बेसहारा गौवंश की समस्या से निपटने के लिए पशुपालन और डेयरी विभाग के तहत "मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति : 2025" को मंजूरी दी गई है. अब प्रदेश की गौ-शालाओं को प्रति गोवंश के रख-रखाव (चारे) के लिए हर दिन 40 रुपये दिए जाएंगे. दूध पर बोनस मिलना भी जल्द शुरू हो सकता है. पशुपालन योजना का नाम भी बदल दिया गया है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि राज्य में कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर सरकार का ध्यान केंद्रित है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा है. राज्यभर में दू्ग्ध समितियां बनाई जाएंगी जो दूध खरीद से लेकर दूध उपकरण या पशु खरीद के लिए किसानों को अनुदान दिलाएंगी.
अगले पांच वर्षों के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) मध्यप्रदेश राज्य कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और इससे जुड़े दुग्ध संघों के प्रबंधन और संचालन की जिम्मेदारी संभालेगा. मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित हुई पशुपालन एवं डेयरी विभाग की बैठक में इस पर सहमति बनी.
वायरल वीडयो में दिख रहा है कि गायों को जबरदस्ती नदी के अंदर हांका जा रहा है. जिससे गाएं पानी में डूब रही हैं, जबकि कुछ गाय निकलने का प्रयास कर रही है, लेकिन दूसरे छोर पर भी एक व्यक्ति खड़ा है जो गायों को बाहर निकलने नहीं दे रहा है.
गांव में मोटरसाइकिल में सवार होकर दो चोर आए और उन्होंने रास्ते में चर रही एक बकरी को उठाया और बाइक में बैठाकर भागने लगे. जब ग्रामीणों ने चोरों को बकरी को ले जाते हुए देखा तो ग्रामीणों ने चोरों को रोकने का प्रयास किया. पर इसके बावजूद चोर मोटरसाइकल का फायदा उठाते हुए तेजी से गांव से बाहर भागने में सफल रहे.
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में आवारा पशुओं की समस्या पर नियंत्रण के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. सरकार की तरफ से जारी एक अधिकारिक प्रेस रिलीज में इस बात की जानकारी दी गई है.
राज्य सरकार की इस योजना से पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. साथ ही सड़क पर घूमने वाली गायों से भी निजात मिलेगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए और उनकी आय बढ़ाने के लिए पशुपालन से संबंधित एक नई योजना की शुरुआत की जाएगी.
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में चारा-भूसा की आपूर्ति बनाए रखने व कानून-व्यवस्था को देखते हुए कलेक्टर हरजिंदर सिंह ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं. जिसके तहत तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक पशु चारे को जिले के बाहर निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया है.
कड़कनाथ मुर्गा मध्य प्रदेश के झाबुआ का ब्रीड है. इसलिए भारत सरकार ने इसे झाबुआ का कड़कनाथ नाम से जीआई टैग दिया है. कड़कनाथ मुर्गे की सबसे बड़ी खासियत है कि इसके मांस, खून और पंख का कलर भी काला ही होता है. साथ ही इसकी हड्डी भी काली होती है. इसमें आयरन और प्रोटीन देसी मुर्गे के मुकाबले ज्यादा होता है.
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