भोपाल में राज्यस्तरीय गौपालक सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पशुपालकों के लिए कई बड़े ऐलान किए. प्रदेश में 168 नई गौ-एम्बुलेंस, उत्कृष्ट गौपालकों के लिए ₹1 लाख तक पुरस्कार और दूध उत्पादन को बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया.गौशालाओं और पशुपालकों को करीब ₹100 करोड़ की सहायता भी दी गई.
मध्यप्रदेश में गौशालाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 सितंबर को इंदौर से ₹66.74 करोड़ की सब्सिडी ऑनलाइन DBT के जरिए जारी करेंगे. इस राशि से 5.40 लाख से अधिक गोवंश के भरण-पोषण और बेहतर व्यवस्थापन में मदद मिलेगी.
मध्य प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए 2,973 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना को मंजूरी मिली है. अगले 5 साल में दुग्ध सहकारी समितियां 7,331 से बढ़कर 26 हजार गांवों तक पहुंचेंगी. दूध संग्रहण, प्रोसेसिंग और सांची दूध की बिक्री क्षमता को भी कई गुना बढ़ाने का लक्ष्य है.
मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाने की तैयारी तेज हो गई है.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए NDDB के साथ एमओयू किया गया है और हर साल 1 लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करने की योजना जल्द शुरू होगी.
मध्यप्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की दिशा में सरकार ने डेयरी क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश में करीब 2 हजार नई दुग्ध सहकारी समितियां गठित की गई हैं.दूध संग्रह में 27% की बढ़ोतरी के साथ 2028-29 तक 3,827 और समितियां बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
मध्यप्रदेश की आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना ने सिवनी जिले के युवा रोबिन्स झारिया की जिंदगी बदल दी है. 10 लाख रुपये के बैंक ऋण और 33 प्रतिशत सब्सिडी की मदद से शुरू किए गए डेयरी व्यवसाय से वह आज हर महीने 60 से 75 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं.उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ किया. किसान कल्याण वर्ष के तहत 16 विभागों के समन्वय से किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू किया गया. इस दौरान डेयरी पर 10 लाख रुपये तक अनुदान, दिन में कृषि बिजली, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार समेत कई बड़ी घोषणाएं की गईं.
मध्य प्रदेश के मत्स्य पालन क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. कुवैत की एक कंपनी प्रदेश में 7,430 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इस परियोजना से करीब 35 हजार रोजगार सृजित होंगे और 6 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक मत्स्य निर्यात का लक्ष्य रखा गया है.
मध्यप्रदेश में मत्स्य क्षेत्र को नई उड़ान देने की तैयारी शुरू हो गई है.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर हर जिले में हैचरी विकसित की जाएगी, जबकि एकीकृत मत्स्योद्योग नीति-2026 के तहत 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से मछली बीज उत्पादन, रोजगार सृजन, मोती उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा.
PMFME योजना के तहत 27 लाख रुपए के ऋण और 10 लाख रुपए के अनुदान की मदद से बैतूल के जयप्रकाश चिकाने ने ‘दूध गंगा डेयरी’ की स्थापना की. नौकरी की तलाश से स्वरोजगार तक का यह सफर उन्हें हर महीने 40 हजार रुपए की शुद्ध आय दिला रहा है, साथ ही डेयरी के माध्यम से करीब 20 युवाओं को रोजगार भी मिला है.
मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री पशु एंबुलेंस सेवा पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है.वर्ष 2023 से संचालित इस सेवा के माध्यम से अब तक 15.44 लाख से अधिक पशुपालकों को घर बैठे पशु उपचार, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और टेलीवेट परामर्श की सुविधा मिल चुकी है.
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