Uttarakhand Weather Update: 30 जून तक होगी मूसलाधार बारिश, बाढ़ से बचने के लिए बांधों पर सायरन लगाएगी सरकार

Uttarakhand Weather Update: 30 जून तक होगी मूसलाधार बारिश, बाढ़ से बचने के लिए बांधों पर सायरन लगाएगी सरकार

उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश के आसार हैं. अभी कई जगहों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही हैं. बादल फटने की घटना भी सामने आई है. इस बीच उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि बाढ़ के खतरे से बचने के लिए बांधों और संवेदनशील जगहों पर सायरन लगाया जाएगा.

उत्तराखंड में कई जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही हैं (फोटो साभार-India Today/PTI)उत्तराखंड में कई जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही हैं (फोटो साभार-India Today/PTI)
क‍िसान तक
  • Dehradun,
  • Jun 26, 2023,
  • Updated Jun 26, 2023, 12:41 PM IST

उत्तराखंड में बारिश से लोगों के बुरे हालात हैं. यहां तेज बारिश के साथ बादल फटने की घटनाएं सामने आ रही हैं. कई जगह से लैंडस्लाइड की भी खबरें हैं. बात सबसे पहले चमोली जिले के नंदानगर घाट मोटर मार्ग की, जहां अचानक पहाड़ का आधा हिस्सा भारी बारिश के चलते टूटकर सड़क पर आ गया. इससे नंदा नगर घाट को जाने वाली सड़क बाधित हो गई है. सड़क को खोलने का काम लोक निर्माण विभाग के द्वारा शुरू कर दिया गया है लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश से लगातार लैंडस्लाइड होती जा रही है. इस समय चमोली जनपद में सबसे ज्यादा नंदा नगर घाट मोटर मार्ग पर लैंडस्लाइड हो रहे हैं और रास्ता बंद पड़ा हुआ है.

उत्तराखंड के सभी जिलों में मॉनसून तेज हो गया है. प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रविवार को झमाझम बारिश के बाद अभी भी बारिश वाले बादलों का डेरा बना हुआ है. चारधाम में प्रशासन मौसम की स्थिति के बीच सावधानी बरतते हुए बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों को ट्रेकिंग के लिए छोड़ रहा है. गौरीकुंड-केदारनाथ यात्रा के लिए 3000 से अधिक लोगों को आगे जाने की अनुमति दी गई है. 

केदारनाथ यात्रा फिर शुरू

केदारनाथ यात्रा शनिवार को स्थगित होने के बाद फिर से शुरू हो गई है. प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है और इसलिए तीर्थयात्रियों को कम संख्या में जाने की अनुमति दी जा रही है. आईएमडी ने उत्तराखंड में 30 जून तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

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उत्तराखंड में मॉनसून की तेजी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग संभावित बाढ़ के खिलाफ चेतावनी देने के लिए बांधों और संवेदनशील क्षेत्रों में सायरन लगाएगा. आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत सिन्हा ने बताया, 'मैंने अधिकारियों को फ्लड प्लान लागू करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है.' आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत आपदा प्रबंधन विभाग टेलीकॉम कंपनियों के टावरों पर सायरन भी लगाएगा. उत्तराखंड में अभी केवल चार फ्लड वार्निंग सिस्टम लगे हैं. रंजीत सिन्हा ने यह भी खुलासा किया कि ''कुमाऊं वॉर्निंग सेंटर अभी लखनऊ केंद्र को रिपोर्ट कर रहा है, हमने उनसे देहरादून को रिपोर्ट करने के लिए कहा है.'' सूत्रों का कहना है कि सरकार संवेदनशील इलाकों में 250 से ज्यादा अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने जा रही है. अभी तक केवल 32 वॉर्निंग सिस्टम ही काम कर रही हैं.

कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

उत्तराखंड मौसम विभाग ने सोमवार के लिए राज्य के नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. रुद्रप्रयाग में भारी बारिश के कारण जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ यात्रा स्थगित की थी जिसे फिर से शुरू कर दिया गया है.

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कई जिलों के लिए मौसम कार्यालय द्वारा जारी 'ऑरेंज अलर्ट' के बीच रविवार को उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति की समीक्षा करने के लिए देहरादून में आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और चार धाम तीर्थयात्रियों को मौसम की जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा पर आगे बढ़ने की सलाह दी.

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