
देशभर में कई राज्यों में मौसम का अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है. इस बीच, एक बार फिर मौसम में बड़ा बदलाव होने की संभावना बन रही है. मौसम विभाग के अनुसार, दो पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक सक्रिय हो रहे हैं, जिससे उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक बारिश, बर्फबारी, तेज हवा और घने कोहरे का खतरा बना हुआ है. कई राज्यों के लिए कोहरा और ठंड को लेकर येलो से ऑरेंज अलर्ट जैसी स्थिति बन रही है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है.
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में घने से बहुत घना कोहरा पड़ने की आशंका है. आज पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह और रात के समय दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह सकती है. वहीं, हरियाणा और पंजाब के अलग-अलग जिलों में कोल्ड वेव की स्थिति भी बन सकती है. आईएमडी ने उत्तराखंड में पाला पड़ने की आशंका भी जताई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है.
आईएमडी के मुताबिक, आज उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा, लेकिन इसके बाद कुछ दिनों तक 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभव है. वहीं, मध्य भारत में अगले 24 घंटे में रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी के बाद फिर गिरावट आ सकती है. इसके अलावा महाराष्ट्र और गुजरात में भी न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़त दर्ज होने के आसार हैं. हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे बना रह सकता है.
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली और एनसीआर में आज आसमान सामान्यत: बादलों से ढका रहेगा. सुबह के समय कई इलाकों में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है. इस दौरान न्यूनतम तापमान 9 से 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा, जिससे ठंड का अहसास बना रहेगा. आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली में उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चलेंगी और रफ्तार कम रहेगी.
आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 30 जनवरी के बाद बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां तेज होने वाली हैं. 31 जनवरी और 1 फरवरी को इन इलाकों में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
वहीं, राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर हल्की बारिश और आंधी की संभावना है. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में फरवरी की शुरुआत में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इसके अलावा पूर्वी भारत में फिलहाल भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में कोहरे की समस्या बनी रह सकती है.
मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है. उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा में खड़ी फसलों को पाले से बचाने के लिए हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी गई है. सब्जी और फल पौधों को ढककर रखने से नुकसान कम किया जा सकता है. तेज हवा और ओलावृष्टि की आशंका वाले क्षेत्रों में बागवानी फसलों को सहारा देना जरूरी है. आईएमडी ने पशुपालकों को सलाह दी है कि वे पशुओं को ठंड और बारिश के दौरान शेड में रखें और सूखा बिछावन उपलब्ध कराएं.