
हरियाणा के सोनीपत के गांव असावरपुर में 3 दिन से 250 फुट ऊंचे टावर पर चढ़े किसान सुनील के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. किसान की मांगों को लेकर अब तक कोई उच्च अधिकारी न तो उसे मनाने पहुंचा है और न ही किसी तरह के आश्वासन की बात सामने आई है. वहीं, राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला गुरुवार को असावरपुर पहुंचे और किसान सुनील के परिवार और ग्रामीणों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी एजुकेशन सिटी से जुड़ा मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है. उनके अनुसार 8 से 10 गांवों के लोग करीब 10 साल तक धरने पर बैठे रहे थे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को पुनर्विचार करने के आदेश दिए थे, लेकिन समाधान आज तक नहीं निकला.
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किसान सुनील का मामला भी इस समय हाईकोर्ट में विचाराधीन है. ऐसे में इस तरह मकान और स्कूल तोड़ना गलत है. उन्होंने आरोप लगाया कि सुनील के साथ अन्याय हुआ है, और वह न्याय के लिए कोर्ट की शरण में गया है. यह मामला दो दशक से लंबा चल रहा है और हजारों लोग इससे प्रभावित हैं, लेकिन हरियाणा सरकार समाधान नहीं कर पाई. बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भाजपा के नेता सिर्फ वादे करते हैं, उन्हें निभाते नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि सोनीपत में एटलस साइकिल की फैक्ट्री लगाई गई थी, लेकिन मौजूदा बीजेपी सरकार ने उस क्षेत्र को रेजिडेंशियल कॉलोनी में बदल दिया.
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बोलते हुए चौटाला ने ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव को लेकर कहा कि मिडिल ईस्ट में स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रंप के आदेशों का पालन कर रहे हैं और देश को उसकी कीमत चुकानी पड़ रही है. उनके अनुसार केंद्र सरकार ट्रंप के कहने पर तेल और गैस की खरीद कर रही है, जबकि सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए मामले को और गंभीरता से लेने की आवश्यकता है.
चौटाला ने कहा कि पहले रसोई गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर असर डाला गया और अब हरियाणा सरकार दोबारा केरोसिन बांटने की तैयारी कर रही है, जिससे हालात की गंभीरता समझी जा सकती है. उन्होंने बैंकिंग सिस्टम पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर केवल एक बैंक में नहीं, बल्कि पूरे इंडिया में सर्वे कराया जाए तो सभी जगह घोटाले सामने आएंगे. राज्यसभा चुनाव पर टिप्पणी करते हुए दुष्यंत चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में हुड्डा की बड़ी नाकामी सामने आई है, जहां 37 में से 9 वोट उनके खिलाफ गए. चौटाला ने हुड्डा से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की.