
किसान आंदोलन 2021 के चर्चित लखीमपुर-खीरी हिंसा मामले में एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी शुक्रवार को सुनवाई हुई, जहां अदालत ने मामले की धीमी सुनवाई पर चिंता जताते हुए निचली अदालत को ट्रायल में तेजी लाने के निर्देश दिए. पूर्व केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा टेनी से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि सुनवाई तय समय सीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने जांच अधिकारी से मामले की ताजा स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है.
आरोपी आशीष मिश्रा की तरफ से एडवोकेट सिद्धार्थ दवे ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मामले की सुनवाई में लंबे समय से कोई प्रगति नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में किसी भी गवाह से पूछताछ नहीं की गई. वकील ने अदालत को यह भी बताया कि कई गवाहों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद वे अदालत में पेश नहीं हुए. अब तक केवल 44 गवाहों के बयान दर्ज हो पाए हैं, जबकि मामले में अभी कई अहम गवाहों से पूछताछ बाकी है.
सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश ने मामले की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि अगर अदालत में 3 गवाहों को बुलाया जाता है, तो 7 से 8 गवाहों को तलब किया जाना चाहिए, ताकि कुछ गवाहों के अनुपस्थित रहने की स्थिति में बाकी गवाहों से पूछताछ की जा सके. मुख्य न्यायाधीश ने यह भी सवाल उठाया कि आधिकारिक गवाह आखिर लगातार गैरहाजिर कैसे हो सकते हैं? वहीं, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने अदालत में आरोप लगाया कि गवाहों को गवाही से पहले पुलिस की ओर से धमकाया जाता है, जिसकी वजह से कई गवाह अदालत में पेश होने से बच रहे हैं.
CJI ने कहा कि लेटेस्ट रिपोर्ट से पता चलता है कि पहले ट्रायल में 238 गवाह हैं, जिनमें से 124 से पूछताछ होनी बाकी है, जिसमें से अब तक सिर्फ 44 से पूछताछ हुई है. हमें यह देखकर निराशा हुई कि स्टेटस रिपोर्ट में गवाह के पेश न होने का कोई कारण नहीं बताया गया है. हम जज को गवाहों की मौजूदगी पक्का करने के लिए कानूनी कदम उठाने का निर्देश देते हैं.
लखीमपुर खीरी जिले में 3 अक्टूबर 2021 को नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान सड़क पर उतर आए थे. आरोप है कि केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने विरोध कर रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी. इसके बाद हिंसा हुई थी. इस हिंसा में चार किसानों समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी.