पराली जलाने पर सख्त कार्रवाई: 8 किसानों पर मुकदमे, इतना लगा जुर्माना

पराली जलाने पर सख्त कार्रवाई: 8 किसानों पर मुकदमे, इतना लगा जुर्माना

हरियाणा के करनाल जिले में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि विभाग और जिला प्रशासन लगातार किसानों को जागरूक कर रहे थे. इसके बावजूद कुछ किसानों ने लापरवाही बरतते हुए खेतों में फसल अवशेषों को आग के हवाले कर दिया.

यूपी बना पराली का नया हॉटस्पॉटयूपी बना पराली का नया हॉटस्पॉट
कमलदीप
  • karnal,
  • May 07, 2026,
  • Updated May 07, 2026, 4:33 PM IST

हरियाणा के करनाल जिले में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि विभाग और जिला प्रशासन लगातार किसानों को जागरूक कर रहे थे. किसानों को समझाया गया था कि गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बची पराली या फसल अवशेषों में आग लगाने से पर्यावरण और मिट्टी दोनों को नुकसान पहुंचता है. इसके बावजूद कुछ किसानों ने लापरवाही बरतते हुए खेतों में फसल अवशेषों को आग के हवाले कर दिया. ऐसे मामलों के सामने आने के बाद कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है. विभाग ने इससे संबंधित 8 किसानों पर जुर्माना लगाया है और उनके खिलाफ मामला भी दर्ज कराया गया है.

पराली जलाने पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन का कहना है कि फसल अवशेष जलाने पर पूरी तरह रोक है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी. इसे लेकर कृषि और किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जिले में अब तक गेहूं के फसल अवशेष जलाने के कुल 172 मामले सामने आए हैं.  उन्होंने बताया कि गांव स्तरीय कमिटियों और एनफोर्समेंट टीमों द्वारा सभी मामलों की जांच की गई. जांच में 130 मामले हादसों से जुड़े पाए गए, जिनमें शॉर्ट सर्किट या अन्य अज्ञात कारणों से आग लगने की बात सामने आई. वहीं, 24 मामलों में खेतों में आगजनी की पुष्टि नहीं हुई, जबकि 2 घटनाएं जंगलात क्षेत्र की निकलीं.  इसके अलावा 7 मामलों की जांच अभी भी जारी है.

8 किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

हालांकि, जांच के दौरान 9 मामलों में यह साफ पाया गया कि खेतों में जानबूझकर आग लगाई गई थी. इन मामलों में कार्रवाई करते हुए 8 किसानों के खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कराया गया है. इन किसानों पर वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 39 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 (ए) के तहत केस दर्ज किए गए हैं.

किसानों पर लगाए गए 40 हजार के जुर्माने

डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि कार्रवाई की जद में आए किसानों में से पांच किसान करनाल के असंध क्षेत्र से हैं, जबकि दो-दो किसान घरौंडा और निसिंग खंड से संबंधित हैं. विभाग ने इन सभी किसानों पर नियमों के तहत 40-40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इतना ही नहीं, इन किसानों के “मेरी फसल मेरा ब्योरा” पोर्टल रिकॉर्ड में रेड एंट्री भी कर दी गई है. इसका असर यह होगा कि संबंधित किसान अगले दो फसल सीजन तक अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर नहीं बेच सकेंगे.

कृषि विभाग ने की किसानों से ये अपील

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनके प्रबंधन के लिए उपलब्ध आधुनिक तकनीकों और मशीनों का इस्तेमाल करें. विभाग का कहना है कि पराली जलाने से न सिर्फ पर्यावरण प्रदूषित होता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित होती है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है. इसलिए नियमों का पालन करना सभी किसानों की जिम्मेदारी है. 

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