आंध्र प्रदेश ने रचा इतिहास, 2026 Food Planet Prize के टॉप 4 फाइनलिस्ट में शामिल

आंध्र प्रदेश ने रचा इतिहास, 2026 Food Planet Prize के टॉप 4 फाइनलिस्ट में शामिल

भारत के लिए यह गर्व की बात है कि लंबी सूची में कुल 6 भारतीय पहलें शामिल थीं, जिसमें AI GENIX, APCNF, NatureDots की AquaNurch, BioPrime AgriSolutions, GRAVIS और Varaha Climate थीं, लेकिन इनमें से सिर्फ APCNF ही वह पहल बनी जो फाइनलिस्ट के अंतिम चरण तक पहुंच पाई.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • May 07, 2026,
  • Updated May 07, 2026, 6:55 PM IST

आंध्र प्रदेश कम्युनिटी मैनेज्ड नेचुरल फार्मिंग (APCNF) कार्यक्रम ने दुनिया भर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इसे 2026 के प्रतिष्ठित 'फ़ूड प्लैनेट प्राइज' के लिए दुनिया के चार फाइनलिस्ट में शामिल किया गया है. इस पुरस्कार को पाने के लिए दुनियाभर से 1,000 से ज्यादा नामांकन आए थे. इन सभी में से छंटनी के बाद 35 पहलों की एक लंबी सूची तैयार की गई, जिसमें 19 देशों और 6 महाद्वीपों की चुनिंदा पहलें शामिल थीं. इसके बाद और कड़ी प्रक्रिया के बाद सिर्फ 4 पहलों को अंतिम फ़ाइनलिस्ट के रूप में चुना गया.

भारत के लिए यह गर्व की बात है कि लंबी सूची में कुल 6 भारतीय पहलें शामिल थीं, जिसमें AI GENIX, APCNF, NatureDots की AquaNurch, BioPrime AgriSolutions, GRAVIS और Varaha Climate थीं, लेकिन इनमें से सिर्फ APCNF ही वह पहल बनी जो फाइनलिस्ट के अंतिम चरण तक पहुंच पाई और वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकी. 

APCNF को चुना गया फाइनलिस्ट

2020 में इस पुरस्कार की शुरुआत के बाद से APCNF पहली भारतीय पहल है, जिसे फ़ूड प्लैनेट प्राइज के लिए फाइनलिस्ट चुना गया है. यह उपलब्धि इस बात को दिखाती है कि आंध्र प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री  एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है और इस दिशा में मजबूत नीतियां बना रही है. 

स्वीडन में 2019 में 'कर्ट बर्गफोर्स फ़ाउंडेशन' द्वारा शुरू किया गया 'फ़ूड प्लैनेट प्राइज' दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण पुरस्कार माना जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया की खाद्य प्रणाली में सुधार लाना है. यह पुरस्कार उन कोशिशों और पहलों को दिया जाता है जो खाने के उत्पादन, उसके वितरण और उपयोग के दौरान पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करती हैं और साथ ही पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को मजबूत बनाने में मदद करती हैं. बता दें कि इसकी शुरुआत उद्यमी और परोपकारी कर्ट बर्गफ़ोर्स ने की थी. 

विजेता को मिलेंगे इतने करोड़ रुपये

खाद्य प्रणालियों के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर लगातार बढ़ता दबाव और यह अनुमान कि 2050 तक दुनिया की आबादी 10 अरब तक पहुंच जाएगी, इस बात की जरूरत को दिखाता है कि टिकाऊ और बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले समाधान खोजे जाएं. इसी को ध्यान में रखते हुए यह पुरस्कार उन नए और प्रभावी तरीकों की तलाश करता है, जो पूरी खाद्य श्रृंखला यानी उत्पादन से लेकर वितरण और उपभोग तक में बड़े बदलाव ला सकें. 

इस पुरस्कार के तहत 2026 में विजेता को करीब 14 करोड़ रुपये दिए जाएंगे, जबकि हर फ़ाइनलिस्ट को करीब 1.4 करोड़ रुपये मिलेगा. पिछले कुछ वर्षों में भी कई महत्वपूर्ण विजेता चुने गए हैं. 2025 में स्वीडन की कंपनी NitroCapt को उसकी कम प्रदूषण वाली उर्वरक तकनीक के लिए यह पुरस्कार मिला था. वहीं, 2024 में C40 Food Systems को बड़े शहरों में टिकाऊ और स्वस्थ खाद्य प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया गया था. 

APCNF से जुड़े हैं 18 लाख से ज्यादा किसान

आंध्र प्रदेश कम्युनिटी मैनेज्ड नेचुरल फार्मिंग (APCNF) कार्यक्रम को 2026 के 'फूड प्लैनेट प्राइज' के लिए दुनिया के चार फाइनलिस्ट में शामिल किया गया है. यह एक सरकारी पहल है, जिसे खासतौर पर महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और 'किसान से किसान' मॉडल के जरिए लागू किया जाता है. इसके तहत किसान एक-दूसरे को प्राकृतिक खेती के तरीके सिखाते हैं. यह कार्यक्रम 8,168 ग्राम पंचायतों में फैला हुआ है और करीब 9 लाख हेक्टेयर जमीन पर लागू है. इससे 18 लाख से ज्यादा किसान जुड़े हुए हैं. इसकी शुरुआत 2016 में हुई थी. इसका उद्देश्य ऐसी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है जो मिट्टी की सेहत, प्राकृतिक जीवाणुओं और स्थानीय पारंपरिक ज्ञान पर आधारित हो. 

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर

यह कार्यक्रम दुनिया में कृषि के तरीके बदलने की दिशा में एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है. इसका उद्देश्य खेती के पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को कम करना है. इसमें रासायनिक खाद और दवाइयों का कम इस्तेमाल किया जाता है, जिससे लगभग 50–60 फीसदी तक पानी की बचत होती है और ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन भी 23–60 फीसदी तक घट सकता है. इस मॉडल को बड़े स्तर पर अपनाने की क्षमता भी इसकी खास ताकत है, क्योंकि इसे सरकारी सिस्टमों के जरिए आसानी से फैलाया जा सकता है. 

APCNF एक समुदाय आधारित मॉडल पर काम करता है, जिसमें महिलाओं के स्वयं सहायता समूह अहम भूमिका निभाते हैं. इससे 30 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं. यह व्यवस्था किसानों को एक-दूसरे से सीखने और प्राकृतिक खेती अपनाने में मदद करती है. इससे किसानों को कई फायदे मिलते हैं खर्च कम होता है, आमदनी ज्यादा स्थिर होती है, और वे मौसम और जलवायु के बदलावों का बेहतर तरीके से सामना कर पाते हैं. साथ ही इससे लोगों को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं. Food Planet Prize की जूरी जून 2026 में स्वीडन के Bastad में मिलेगी, जहां फाइनलिस्ट अपने काम का प्रस्तुतीकरण करेंगे और फिर विजेता की घोषणा की जाएगी. 

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