
गुजरात के मोरबी जिले में किसानों का आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा. जिले के जेतपर गांव में बड़ी संख्या में किसान निजी कंपनी द्वारा लगाए जा रहे बिजली के खंभों के लिए मिलने वाले मुआवजे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि उनकी जमीन का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन इसके बदले उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा. इसी मांग को लेकर किसान पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हैं और अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.
किसानों के बढ़ते विरोध को देखते हुए गुजरात सरकार के राज्य मंत्री कांतिभाई अमृतिया आंदोलन स्थल पर पहुंचे. उनके साथ हलवद के विधायक प्रकाशभाई वरमोरा और भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे. मंत्री ने किसानों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना.
किसानों ने मंत्री के सामने अपनी मांगें रखीं और कहा कि जब तक उन्हें संतोषजनक मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. किसानों का कहना है कि बिजली परियोजना के कारण उनकी खेती और जमीन प्रभावित हो रही है, इसलिए उन्हें उचित आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए.
आंदोलन के दौरान किसानों ने अपनी मांगों को लेकर ट्रैक्टर रैली भी निकाली. रैली के माध्यम से किसानों ने प्रशासन और सरकार तक अपना संदेश पहुंचाने का प्रयास किया. इसके बाद किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मुआवजे की मांग दोहराई.
किसानों का कहना है कि वे विकास कार्यों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनकी जमीन और हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए. उनका मानना है कि सरकार और कंपनी को किसानों के नुकसान का उचित मूल्य देना चाहिए.
राज्य मंत्री कांतिभाई अमृतिया ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि करीब एक सप्ताह पहले कंपनी अधिकारियों, पुलिस और किसानों के साथ बैठक आयोजित की गई थी. हालांकि उस बैठक में दोनों पक्षों की मांगों और अपेक्षाओं को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी, इसलिए कोई समाधान नहीं निकल सका.
उन्होंने बताया कि इसके बाद वे कुछ दिनों के लिए इलाज के सिलसिले में मुंबई गए थे, लेकिन वहां रहते हुए भी किसानों और अधिकारियों के संपर्क में बने रहे. लौटने के बाद उन्होंने फिर से पूरे मामले की जानकारी ली और समाधान निकालने की दिशा में प्रयास शुरू किए.
राज्य मंत्री ने कहा कि किसानों की मुख्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और गृह राज्य मंत्री के साथ चर्चा की गई है. उन्होंने दावा किया कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और सकारात्मक रुख अपना रही है.
कांतिभाई अमृतिया ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भी पहुंचाया जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा.
इस पूरे मामले को लेकर अब सभी की नजरें आगामी बैठक पर टिकी हैं. राज्य मंत्री की मौजूदगी में कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों, पुलिस प्रशासन, कंपनी प्रतिनिधियों और किसान नेताओं के साथ बैठक आयोजित की जाएगी.
बैठक में किसानों की मांगों, मुआवजे की राशि और अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी. उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक से आंदोलन का कोई सकारात्मक समाधान निकल सकता है.
फिलहाल जेतपर गांव में आंदोलन जारी है और किसान सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया गया और उचित मुआवजा दिया गया तो वे बातचीत के लिए तैयार हैं. वहीं प्रशासन और सरकार भी इस मामले को जल्द सुलझाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. अब देखना होगा कि कल होने वाली बैठक किसानों और सरकार के बीच चल रहे इस विवाद को खत्म कर पाती है या नहीं. (राजेश अंबालिया का इनपुट)
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