Mango Ban: जापान के बाद नेपाल ने बैन किया भारत का आम, एक्‍शन के पीछे बताई ये वजह

Mango Ban: जापान के बाद नेपाल ने बैन किया भारत का आम, एक्‍शन के पीछे बताई ये वजह

नेपाल सरकार ने भारत से आने वाले आम के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है. नेपाल का कहना है कि गुणवत्ता जांच और कीटनाशक से जुड़े मुद्दों के कारण यह कदम उठाया गया है.

Nepal Bans Indian Mango ImportNepal Bans Indian Mango Import
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 09, 2026,
  • Updated Jun 09, 2026, 5:51 PM IST

जापान के बाद भारत के आम को लेकर अब नेपाल ने भी सख्ती दिखानी शुरू कर दी है. नेपाल सरकार ने भारत से आम के आयात पर रोक लगा दी है. इसके पीछे सीमा क्षेत्रों में क्वारंटीन जांच व्यवस्था की कमी और आयातित आम में तय सीमा से अधिक कीटनाशक अवशेष मिलने की आशंका को वजह बताया गया है. इस फैसले के बाद नेपाल के बाजारों में स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाले आम की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ गई है.

स्थानीय किसानों को मिला बड़ा मौका

नेपाल सरकार के इस कदम को वहां के किसान सकारात्मक संकेत मान रहे हैं. भारतीय आम का आयात सीमित होने से नेपाल के आम उत्पादकों को इस बार सीधे प्रतिस्पर्धा का सामना नहीं करना पड़ेगा. खासकर मधेश प्रांत के किसानों को इससे फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

नेपाल में घरेलू उत्पादन पड़ सकता है कम

हालांकि, नेपाल के कृषि क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों ने यह माना है कि सिर्फ स्थानीय उत्पादन से पूरे देश की मांग पूरी करना आसान नहीं होगा. नेपाल में आम का उत्पादन सीमित समय के लिए होता है और इसका मुख्य सीजन मई के मध्य से जुलाई के मध्य तक रहता है. ऐसे में लंबे समय तक आयात प्रतिबंध बने रहने पर बाजार में आपूर्ति का दबाव बढ़ सकता है.

इन इलाकों पर टिका है नेपाल का आम उत्पादन

नेपाल के मधेश प्रांत के सिराहा, सप्तरी और धनुषा जिले आम उत्पादन के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं. यहां से बड़ी मात्रा में आम देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाया जाता है. लेकिन व्यापारियों का कहना है कि घरेलू उत्पादन पूरे साल की मांग संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है.

जूस उद्योग और कारोबार पर भी दिख सकता है असर

नेपाल में आम पर आधारित उद्योग भी इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं. फल प्रसंस्करण और जूस निर्माण से जुड़ी इकाइयों को कच्चे माल की उपलब्धता को लेकर चुनौती बढ़ सकती है. कारोबारियों का कहना है कि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए नियंत्रित आयात जरूरी हो सकता है.

व्यापारियों ने सरकार को दिया दूसरा रास्ता

फल कारोबारियों ने सरकार से अपील की है कि पूरी तरह रोक लगाने के बजाय सीमा पर क्वारंटीन और गुणवत्ता जांच व्यवस्था को मजबूत किया जाए. उन्‍होंने सुझाव दिया कि परीक्षण के बाद सुरक्षित पाए जाने वाले भारतीय फलों को बाजार में आने की अनुमति दी जाए. व्यापारियों का यह भी दावा है कि अगर प्रतिबंध लंबे समय तक जारी रहा तो नेपाल में आम की कीमतें और बढ़ सकती हैं.

कीमतों को लेकर भी बढ़ी चिंता

नेपाल की राजधानी काठमांडू में फिलहाल आम की कीमत पहले से ऊंचे स्तर पर बनी हुई है. कारोबारियों को आशंका है कि अगर आयात जल्द शुरू नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है. केले के आयात में पहले आई कमी का उदाहरण देते हुए व्यापारी चेतावनी दे रहे हैं कि फलों की उपलब्धता और कीमत दोनों प्रभावित हो सकती हैं. (पीटीआई)

MORE NEWS

Read more!