किसान न हों परेशान, बिहार में यूरिया-DAP का भरपूर स्टॉक, कृषि मंत्री का दावा

किसान न हों परेशान, बिहार में यूरिया-DAP का भरपूर स्टॉक, कृषि मंत्री का दावा

बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि किसान खेती पर ध्यान दें. राज्य में उर्वरकों की किसी भी तरह की कमी नहीं है. हाल के समय में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध किए जाएंगे.

11 नवंबर को बिहार में दूसरे चरण का मतदान होना है. (Photo: ITG)11 नवंबर को बिहार में दूसरे चरण का मतदान होना है. (Photo: ITG)
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • Jun 12, 2026,
  • Updated Jun 12, 2026, 3:41 PM IST

मॉनसून की एंट्री के साथ ही किसान खरीफ सीजन की खेती की तैयारी में जुट गए हैं. इसके साथ ही किसान उर्वरकों की खरीदारी को लेकर दुकानदारों से संपर्क करना शुरू कर चुके हैं. वहीं, बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि किसान खेती पर ध्यान दें. राज्य में उर्वरकों की किसी भी तरह की कमी नहीं है. हाल के समय में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध किए जाएंगे. अमेरिका, इजरायल के साथ ईरान के बीच जारी तनाव की वजह से खाद संकट के बादल छाए हुए हैं.

सरकार के पास खाद का इतना है स्टॉक

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य के किसान खेती पर ध्यान दें. खाद को लेकर उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है. हाल के समय में राज्य में अलग-अलग प्रकार के उर्वरकों की आवश्यकता के अनुरूप स्टॉक उपलब्ध है, जिसमें यूरिया: 2.35 लाख मीट्रिक टन, डी.ए.पी. (DAP): 4.56 लाख मीट्रिक टन, एन.पी.के. (NPK): 8.82 लाख मीट्रिक टन, एम.ओ.पी. (MOP): 1.71 लाख मीट्रिक टन, एस.एस.पी. (SSP): 1.17 लाख मीट्रिक टन हाल के समय में खाद मौजूद है.

खाद की कालाबाजारी करने वालों पर चलेगा डंडा

कृषि मंत्री ने कहा कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और तय मूल्य से अधिक पर बिक्री को रोकने के लिए विभाग 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है. इसके लिए मुख्यालय स्तर पर गठित 'उड़नदस्ता दल' (Flying Squad) और जिला कृषि अधिकारियों की जांच टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं. वहीं, वर्ष 2026-27 में यानी 10 जून तक निम्नलिखित कार्रवाई करते हुए गड़बड़ी पाए जाने पर कुल 43 उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.  इसके साथ ही कुल 213 उर्वरक प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है. वहीं, इस तिथि तक अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं यानी नेपाल सीमा से सटे जिलों के 19 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. साथ ही 123 उर्वरक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं.

नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल की निगरानी

कृषि मंत्री ने बताया कि नेपाल सीमा से सटे बिहार के जिलों में खाद की तस्करी और कालाबाजारी को रोकने के लिए कृषि विभाग विशेष रूप से सक्रिय है. इन क्षेत्रों में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर निरीक्षण दल द्वारा लगातार छापेमारी और निगरानी की जा रही है. वहीं, अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बिहार के जिलों में खाद की तस्करी और कालाबाजारी करने वाले कुल 142 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और उनके लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं. इसके साथ ही उर्वरक प्रतिष्ठानों के पॉस (PoS) मशीन में प्रदर्शित खाद की मात्रा और भौतिक रूप से उपलब्ध मात्रा का कड़ाई से सत्यापन किया जा रहा है.

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