यहां से किराए पर मशीन लेकर खेती कर सकते हैं किसान, नहीं होगी खरीदने की झंझट

यहां से किराए पर मशीन लेकर खेती कर सकते हैं किसान, नहीं होगी खरीदने की झंझट

भारत में आज भी ऐसे कई किसान हैं जो थोड़े गरीब हैं और वह कृषि के क्षेत्र में कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं, क्योंकि बहुत से किसान ऐसे हैं जो अपनी आर्थिक स्थिति के कारण खेती-बाड़ी में आधुनिक मशीनों का प्रयोग नहीं कर पाते हैं. ऐसे में गरीब किसान भी अब रेंट पर मशीन लेकर खेती कर सकता है. आइए जानते हैं कैसे.

किराए पर मिलेगा मशीन किराए पर मिलेगा मशीन
संदीप कुमार
  • Noida,
  • Sep 01, 2024,
  • Updated Sep 01, 2024, 2:33 PM IST

कृषि के क्षेत्र में आए दिन नए-नए तकनीक के अविष्कार हो रहे हैं. इन तकनीकी यंत्रों के आने से किसानों के लिए खेती-किसानी करना काफी काफी हद तक आसान हो गया है. वहीं, इन मशीनों के आने से किसानों की मेहनत और लागत और समय में भी काफी कमी आई है. लेकिन, भारत में आज भी ऐसे कई किसान हैं जो थोड़े गरीब हैं और वह कृषि के क्षेत्र में कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं, क्योंकि बहुत से किसान ऐसे हैं जो अपनी आर्थिक स्थिति के कारण खेती-बाड़ी में आधुनिक मशीनों का प्रयोग नहीं कर पाते हैं. ऐसा इससिए क्योंकि उनके पास उन महंगी मशीनों को खरीदने के लिए पैसे हैं. ऐसे में अब गरीब किसान यहां से किराए पर मशीन लेकर खेती कर सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे. 

यहां से ले सकते हैं कृषि मशीन

अब देश के आर्थिक स्थिति से जुझ रहे कमजोर किसान भी कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से कृषि मशीनों को किराए पर ले सकते हैं. यहां से मशीन लेकर किसान अपने खेती-किसानी को आसान बना सकते हैं. साथ ही कृषि उत्पादन को बढ़ा सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे ले सकते हैं यहां से किराए पर कृषि मशीन.

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क्या है कस्टम हायरिंग सेंटर

केंद्र सरकार की ओर से देश के किसानों को राहत पहुचाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए एक नई योजना की शुरूआत की गई है. इस योजना में देश के किसानों को खेती करने के लिए महंगी मशीनों को खरीदने की जरूरत नहीं होगी और किसान खेती करने के लिए कृषि यंत्रों को किराए पर भी ले सकते हैं. इसके लिए किसान  CHC Farm Machinery यानी कस्टम हायरिंग सेंटर मोबाइल ऐप की मदद से कृषि यंत्रों को किराए पर ले सकते हैं. यह सभी कृषि यंत्र आसानी से किराए पर सस्ते दामों पर उपलब्ध हो जाएंगे.

छोटे किसानों को होता है फायदा

इस मोबाइल ऐप में देश की 12 भाषाओं को शामिल किया गया है, इसके अलावा तकरीबन 40,000 तक कस्टम हायरिंग सेवा केन्द्रों को रजिस्ट्रर्ड किया गया है, जिसमें लगभग 1,20,000 से अधिक कृषि यंत्रों को किराए पर दिया जाता है. कस्टम हायरिंग सेंटर की मदद से कोई भी किसान सस्ते दाम पर  खेती में इस्तेमाल होने वाले य़ंत्रों का चुनाव कर उसे किराए पर ले सकते हैं. देश के अधिकतर छोटे और सीमांत किसानों को इस योजना का लाभ प्राप्त होगा, जिससे देश के छोटे और सीमांत किसान कृषि यंत्रों को उचित मूल्य पर किराए पर लेकर आसानी से खेती कर सकते हैं.

मशीन से बढ़ा सकते हैं उत्पादन

कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसान कृषि मशीनों को किराए पर ले लेकर अपने कृषि उत्पादन को बढ़ा सकते हैं. CSC के तहत आधुनिक मशीनरी का उपयोग कर किसान अपने कृषि कार्यों में मजबूती ला सकते हैं. वहीं. किसानों को इससे खेती में कम लागत आएगा. इससे उनके समय का भी बचत होगा. इसके अलावा किसानों की आर्थिक सुरक्षा भी रहेगी.

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