Solar Drier: देसी जुगाड़ से बनाया सस्ता सोलर ड्रायर, सब्जी-फल सुखाकर बढ़ेगी किसानों की कमाई

Solar Drier: देसी जुगाड़ से बनाया सस्ता सोलर ड्रायर, सब्जी-फल सुखाकर बढ़ेगी किसानों की कमाई

नागालैंड के फेक जिले के किसान सबयुविजो जुडो ने देसी जुगाड़ से सोलर ड्रायर बनाकर खेती की बड़ी समस्या का समाधान निकाला है. महज 5–8 हजार रुपये की लागत वाला यह ड्रायर सब्जी, फल और मसालों को सुरक्षित तरीके से सुखाकर किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर रहा है.

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क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Jan 08, 2026,
  • Updated Jan 08, 2026, 4:27 PM IST

संघर्ष और परेशानी इंसानों को नई राह दिखाते हैं. यही राह किसी बड़ी कामयाबी तक ले जाती है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है नागालैंड में जिला फेक के पोरबा गांव के रहने वाले सबयुविजो जुडो ने. वे अक्सर सब्जियों को सही ढंग से सुखाने और उसे बेचकर अच्छी कमाई को लेकर परेशान रहते थे. प्रोसेसिंग के लिए सब्जी, फल और मसालों को अगर समय पर कटाई के बाद सही ढंग से न सुखाएं तो जल्द खराब हो जाते हैं. इससे खेती की पूरी लागत चौपट हो जाती है. इसी समस्या से जूझते हुए जुडो ने देसी जुगाड़ से ड्रायर बनाया, वह भी सोलर से चलने वाला.

समस्या का ऐसे निकला समाधान

जुडो ने अपनी तरह बाकी किसानों की परेशानी को भी देखा और समझा. उन्होंने पाया कि किसान कड़ी मेहनत और परिश्रम से सब्जी-फल तैयार करता है, लेकिन उससे प्रोसेस्ड आइटम बनाने के लिए ड्रायर की बड़ी कमी रहती है. इससे किसानों को बड़ा नुकसान होता है. हालांकि बाजार में ड्रायर आते हैं, लेकिन बहुत महंगे और बिजली से चलने वाले जबकि दूर-दराज के इलाकों में हमेशा बिजली नहीं रहती.

देसी जुगाड़ से बनाया सोलर ड्रायर

इन सभी समस्याओं को देखते हुए जुडो ने सस्ते में और देसी जुगाड़ से एक सोलर ड्रायर तैयार कर दिया. इसमें न बिजली का झंझट है और न ही अधिक कीमत का. यह ड्रायर पूरी तरह से रिसाइकिल सामानों से बनाया गया है. इसमें लकड़ी, एल्युमीनियम कैन, बॉक्स और पुराने पंखे के पुर्जे लगाए गए हैं. यह देसी जुगाड़ पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर चलता है और किसी तरह के बाहरी ईंधन की जरूरत नहीं होती.

ड्रायर से इन फसलों को सुखा सकते हैं किसान

इस सोलर ड्रायर की मदद से किसान कीवी, लेदु, पर्सीमन, हल्दी और किंग मिर्च जैसी अधिक रेट वाली फसलों को सुखाया जा सकता है. सुखाने का काम बिल्कुल सुरक्षित होता है जिससे उपज को कोई नुकसान नहीं होता. इसकी कीमत महज 5000 रुपये से लेकर 8000 रुपये तक है जो कि बाजार में मिलने वाले ड्रायर से 90 फीसद तक सस्ता है. खास बात यह है कि इसमें सुखाने का समय भी बाकी ड्रायर की तुलना में 30 परसेंट कम लगता है.

हर मौसम में इस्तेमाल होने वाली मशीन

बाकी विशेषताओं की बात करें तो इसे हर मौसम में इस्तेमाल कर सकते हैं. यहां तक कि मॉनसून और बारिश में भी यह ड्रायर किसानों के काम आता है. उन क्षेत्रों के लिए यह बहुत सुविधाजनक है जहां बिजली कम होती है. सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसान इस ड्रायर को खुद से भी तैयार कर सकते हैं. इसे बनाने में लगने वाला माल अपने घर से इकट्ठा कर वे ड्रायर तैयार कर सकते हैं. यह मशीन इतनी हल्की है कि खेत, आंगन या छत कहीं भी रख सकते हैं और सुखाने का काम कर सकते हैं.

क्वालिटी मेंटेन रखता है यह ड्रायर

ICAR की एक रिपोर्ट बताती है, इस ड्रायर की बनावट ऐसी है जिससे उपज सुखाने की गति बढ़ जाती है और उत्पाद में नमी समान रूप से कम होती है. इससे उपज का रंग, स्वाद और पोषण क्वालिटी बेहतर बनी रहती है, और बाजार में अधिक दाम मिलता है. यह तकनीक कटाई के बाद होने वाली हानि को कम करने के साथ स्टोरेज अवधि भी बढ़ाती है.

चूंकि इसका ऑपरेशन खर्च लगभग शून्य है, इसलिए यह सिस्टम छोटे किसानों के लिए लंबे समय तक लाभदायक साबित होती है. इस प्रकार का इनोवेशन न केवल किसानों की आय बढ़ाता है, बल्कि स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और किसानों की खेती में भी मजबूती दिलाता है.

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