Sugarcane Farming: किसान ने इस खास तरीके से की गन्ने की खेती, पैदावार में हुई दोगुनी बढ़ोतरी

Sugarcane Farming: किसान ने इस खास तरीके से की गन्ने की खेती, पैदावार में हुई दोगुनी बढ़ोतरी

एक गन्ना किसान ने नए तरीके को अपनाकर अपनी पैदावार दोगुनी कर दी है. उनके इस नए तरीके के लिए, इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) ने पिछले महीने उन्हें "इनोवेटिव फार्मर" सर्टिफिकेट से सम्मानित किया है. आइए जानते हैं कौन सा है ये तरीका और क्या हैं इसके फायदे.

गन्ने की खेतीगन्ने की खेती
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jan 09, 2026,
  • Updated Jan 09, 2026, 3:23 PM IST

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक गन्ना किसान ने नए तरीके को अपनाकर अपनी पैदावार दोगुनी कर दी है. दरअसल, गन्ना किसान ने "ट्रेंच पिट तरीके" का इस्तेमाल करके और अलग-अलग बीज की किस्मों के साथ प्रयोग करके अपनी पैदावार बढ़ा ली है. उनके इस नए तरीके के लिए, इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) ने पिछले महीने उन्हें "इनोवेटिव फार्मर" सर्टिफिकेट से सम्मानित किया है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार बिसन ने बताया कि गोला तहसील के मेदईपुरवा गांव के रहने वाले 40 साल के अचल मिश्रा ने अपनी फसलों से बने ऑर्गेनिक उत्पादों की बिक्री के लिए एक किसान उत्पादक संगठन (FPO) भी बनाया है, जिससे कई दूसरे किसान भी जुड़ रहे हैं.

इस तरीके से किसान ने की गन्ने की खेती

किसान अचल मिश्रा बताया कि लॉ में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने खेती करने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि हालांकि, गन्ने की खेती के पारंपरिक तरीकों को अपनाने के बजाय उन्होंने नया ट्रेंच पिट तरीका और नए बीज की किस्मों का इस्तेमाल किया, जो स्थानीय मौसम की स्थितियों के लिए उपयुक्त हैं.

नए तरीके से हुई दोगुनी पैदावार

किसान ने आगे कहा कि इससे गन्ने की फसल की पैदावार में काफी बढ़ोतरी हुई, जो पहले 300 क्विंटल प्रति एकड़ थी, वह बढ़कर 550 से 600 क्विंटल प्रति एकड़ हो गई है. अपने प्रयोगों के कारण मिश्रा को पिछले साल "मिलेनियम फार्मर" पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

कृषि वैज्ञानिक ने की किसान की तारीफ

चंद्र शेखर आज़ाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर से जुड़े किसान विज्ञान केंद्र (KVK) के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार बिसन ने गन्ने की खेती में अचल मिश्रा के तरीकों की तारीफ की. बिसन ने कहा कि मिश्रा ने ट्रेंच पिट तरीके को अपनाने के अलावा, अपनी गन्ने की फसलों से अधिकतम पैदावार पाने के लिए अलग-अलग गन्ने के बीज की किस्मों पर सफलतापूर्वक प्रयोग किया. उन्होंने कहा कि इंटरक्रॉपिंग के साथ उनके प्रयोग, जिसमें एक साथ तिलहन के पौधे, दालें और यहां तक ​​कि फूल उगाना शामिल था, उससे भी उनको आय बढ़ाने में सकारात्मक परिणाम मिले.

किसान ने खुद का बनाया है FPO

वैज्ञानिक ने बताया कि अचल मिश्रा ने अपनी फसलों से बने उत्पादों की बिक्री के लिए एक FPO बनाया है, जिसमें गुड़ और काला नमक चावल शामिल हैं. जिला गन्ना अधिकारी (DCO) वेद प्रकाश सिंह ने कहा कि अचल मिश्रा ने गन्ने की खेती में अपने नए प्रयासों से जिले के अन्य गन्ना किसानों को प्रति हेक्टेयर फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है. वेद प्रकाश सिंह ने कहा कि गन्ने की खेती में अचल मिश्रा का योगदान सराहनीय था.

इंटरक्रॉपिंग विधि से करते हैं इन फसलों की खेती

अपनी इंटरक्रॉपिंग विधि के बारे में बताते हुए, किसान अचल मिश्रा ने कहा कि उन्होंने अपनी गन्ने की फसल के लिए बनाई गई ट्रेंच पिट के बीच की जगहों में सरसों, आलू, लहसुन और गेंदा बोया. उन्होंने कहा कि इन इंटरक्रॉप्स ने न सिर्फ गन्ने के पौधों को माइक्रोन्यूट्रिएंट्स दिए, बल्कि मेरी इनकम भी बढ़ाई. (PTI) 

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