पाटन के केमोरी में उड़द की नई किस्म IPU-13-01 का निरीक्षण, किसानों को फसल प्रबंधन की दी जानकारी

पाटन के केमोरी में उड़द की नई किस्म IPU-13-01 का निरीक्षण, किसानों को फसल प्रबंधन की दी जानकारी

पाटन के ग्राम केमोरी में कृषि अधिकारियों ने उड़द की नई किस्म IPU-13-01 का खेत निरीक्षण किया. इस दौरान किसानों को किस्म की विशेषताओं के साथ फसल प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण और बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई.

धर्मेंद्र सिंह
  • Jabalpur ,
  • Aug 18, 2026,
  • Updated Aug 18, 2026, 7:45 AM IST

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम केमोरी में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की टीम ने कृषक राजेश यादव के खेत का निरीक्षण किया. इस दौरान खेत में कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई उड़द की नई किस्म IPU-13-01 की फसल का जायजा लिया गया और किसानों को फसल प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई.

निरीक्षण के दौरान कृषक राजेश यादव ने बताया कि पहले वे अगेती मटर की बुवाई करने के लिए इस अवधि में अपने खेत को खाली छोड़ देते थे. कृषि विभाग की ओर से उन्हें उड़द की नई किस्म IPU-13-01 का बीज उपलब्ध कराया गया. कम अवधि में पककर तैयार होने वाली इस किस्म की बुवाई से अब वे मटर की फसल से पहले उड़द की अतिरिक्त फसल ले पा रहे हैं.

किसान ने बताया कि इससे खेत का बेहतर उपयोग होने के साथ ही उन्हें अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिला है. कम समय में तैयार होने वाली फसल होने के कारण आगामी फसल की तैयारी भी समय पर की जा सकती है. कृषि विभाग की इस पहल से किसान को फसल चक्र में एक अतिरिक्त फसल शामिल करने का लाभ मिल रहा है.

उड़द की फसल में कीट प्रकोप की पहचान

फसल निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ. इंदिरा त्रिपाठी ने उड़द की फसल में शुरुआती भुनगी (कीट) का प्रकोप देखा. उन्होंने किसान को फसल को संभावित नुकसान से बचाने के लिए तत्काल आवश्यक प्रबंधन उपाय अपनाने की सलाह दी.

उन्होंने जैविक एवं सुरक्षित उपाय के तौर पर नीम ऑयल का छिड़काव करने की सलाह दी. साथ ही फसल की नियमित निगरानी करने और कीटों का प्रकोप बढ़ने की स्थिति में कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की बात कही.

किसानों को फसल प्रबंधन की जानकारी

कृषि अधिकारियों ने मौके पर मौजूद किसानों को उड़द की फसल में नियमित निगरानी, समय पर कीट एवं रोग नियंत्रण तथा संतुलित फसल प्रबंधन के महत्व की जानकारी दी. अधिकारियों ने कहा कि नई और कम अवधि में तैयार होने वाली किस्मों को अपनाकर किसान अपने खेत का बेहतर उपयोग कर सकते हैं और फसल विविधीकरण के माध्यम से अतिरिक्त आय का अवसर भी प्राप्त कर सकते हैं.

निरीक्षण के दौरान तहसीलदार कटंगी मर्यादा बागड़े, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पाटन सीमा राउत सहित कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय कृषक उपस्थित रहे.

कृषि विभाग की टीम ने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसलों की नियमित निगरानी करें और किसी भी प्रकार के कीट या रोग का प्रकोप दिखाई देने पर समय रहते कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर उचित प्रबंधन उपाय अपनाएं.

 

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