मध्य प्रदेश के सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी राहत! भावांतर योजना के तहत खरीफ 2026 की फसल के पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 24 अक्टूबर 2026 कर दी गई है.पहले रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर थी.
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के किसान गुरु पवार ने स्वीट कॉर्न की खेती से अपनी किस्मत बदल दी. परासिया के बिचकवाड़ा गांव के गुरु पवार करीब 70 एकड़ में स्वीट कॉर्न उगाकर लगभग 40 लाख रुपये की शुद्ध आय हासिल कर चुके हैं.
MP Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना लागू करने और 17 अक्टूबर तक पंजीयन कराने का फैसला लिया गया.
कटनी के भैंसवाही गांव के किसान विनोद मौर्य ने 10 एकड़ खेत में अदरक, बैंगन, सूरन और उड़द जैसी कई फसलों की खेती कर फसल विविधीकरण का मॉडल तैयार किया है. आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती से उन्हें हर साल करीब 4 से 5 लाख रुपये की आय हो रही है.
धार जिले के किसान सुमित भाटिया ने ‘परियोजना जल धारा’ के तहत ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्चिंग और ट्रेलिसिंग तकनीक अपनाकर अपनी खेती की तस्वीर बदल दी. पारंपरिक मक्का-कपास की खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने 1.5 एकड़ जमीन से होने वाली सालाना कृषि आय ₹72 हजार से बढ़ाकर ₹2 लाख से ₹2.5 लाख तक पहुंचाई.
मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान, ज्वार और बाजरा की MSP पर खरीद के लिए किसान पंजीयन जारी है. अब तक 3 लाख 5 हजार 82 किसान पंजीयन करा चुके हैं. प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं.
MP Soybean Registration 2026: भावांतर योजना के तहत सोयाबीन किसानों का पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक होगा. जानें मुफ्त पंजीयन केंद्र, ₹50 शुल्क, आधार वेरिफिकेशन, बैंक खाता और भुगतान से जुड़ी जरूरी जानकारी.
बालाघाट के सुरेंद्र जैतवार ने RAD योजना का लाभ लेकर खेती को विविधीकृत कृषि मॉडल में बदला. एक ही खेत में मछलीपालन, मुर्गीपालन, पशुपालन, फलोद्यान, हल्दी, सिंघाड़ा और जिमीकंद जैसी गतिविधियां संचालित हो रही हैं. खेत में 100 से अधिक फलदार और उपयोगी पौधे भी लगाए गए हैं.
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश से किसानों की परेशानी बढ़ गई है. केन और मिढासन नदी समेत कई नदी-नाले उफान पर हैं और खेतों में पानी भरने से उड़द, मूंग, तिल और धान की फसल को नुकसान हुआ है.
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अरहर फसल प्रदर्शनों का निरीक्षण किया गया.जिले में अरहर का रकबा पिछले वर्ष के 4,000 हेक्टेयर से बढ़कर 12,300 हेक्टेयर पहुंच गया है. अधिकारियों ने किसानों को उन्नत तकनीक, MSP पर खरीदी और कृषि मैपर एप पर पंजीयन की जानकारी दी.
बालाघाट के कारंजा में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत किसानों को धान में तना छेदक, माहू और शीथ ब्लाइट की पहचान व नियंत्रण की जानकारी दी गई. किसानों को जीवामृत, नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र के उपयोग के साथ जैविक एवं अनुशंसित रासायनिक उपाय बताए गए.
छिंदवाड़ा के परासिया के किसान सोविंद उइके तीन वर्षों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती कर रहे हैं. जैविक हाट में 30 सप्ताह में करीब 90 हजार रुपये की सब्जियां बेचकर उन्होंने खेती और सीधे बाजार से जुड़ने की नई राह बनाई है.
बालाघाट में धान की फसल को कीट-व्याधियों से बचाने के लिए कृषि विभाग ने खेतों का निरीक्षण तेज कर दिया है.ओरम्हा में रात्रिकालीन किसान संगोष्ठी आयोजित कर किसानों को कीट-रोग की पहचान और नियंत्रण के उपाय बताए गए। मोहगांव खुर्द, खारा, सिवनीकला और सारद में खेतों के निरीक्षण के दौरान माहू और लीफ ब्लाइट का प्रकोप पाया गया.
मध्य प्रदेश में मूंग और उड़द की फसल को जल्दी सुखाने के लिए पैराक्वाट के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक इसके अवशेष मिट्टी और पानी तक पहुंच सकते हैं.
सागर के खिमलासा गांव के किसान अमित जैन ने 7 एकड़ में ब्रोकली, रेड कैबेज, चाइना कैबेज और लेट्यूस जैसी विदेशी सब्जियों की खेती शुरू की.उनकी उपज सागर से लेकर भोपाल, इंदौर और दिल्ली तक सप्लाई होती है.आधुनिक तकनीक और सरकारी सब्सिडी की मदद से वह सालाना लाखों रुपये की आमदनी कमा रहे हैं.
सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र में आंधी-तूफान और बारिश से मक्का व उड़द की फसलों को नुकसान हुआ है. किसानों ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को ज्ञापन देकर मुआवजे की मांग की. मंत्री ने सुरखी, जैसीनगर और राहतगढ़ में जल्द फसल सर्वे कराने के निर्देश दिए.
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