सागर जिले के बीना के ग्राम मंडी बमोरा के किसान वीरेंद्र रघुवंशी ने करीब डेढ़ एकड़ में ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की है. कृषि विभाग के मार्गदर्शन में ड्रिप सिंचाई और वैज्ञानिक तकनीकों से खेती की जा रही है.हाई-वैल्यू फसल से किसान को बेहतर और दीर्घकालीन आय की उम्मीद है.
पाटन के ग्राम केमोरी में कृषि अधिकारियों ने उड़द की नई किस्म IPU-13-01 का खेत निरीक्षण किया. इस दौरान किसानों को किस्म की विशेषताओं के साथ फसल प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण और बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई.
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों की परेशानी एक बार फिर बढ़ गई है. सरकार और किसानों के बीच 60% कोटा यानी प्रति एकड़ 3 क्विंटल मूंग खरीदी पर सहमति बनी थी, लेकिन किसानों का आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर 3 क्विंटल की जगह सिर्फ 2.88 क्विंटल की तुलाई हो रही है.
मध्यप्रदेश सरकार ने किसान वर्ष में सोयाबीन किसानों को बड़ी सौगात दी है. सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम भाऊखेड़ी में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने को मंजूरी दी गई है. वहीं, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए 795.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है.
सागर में आलू, प्याज और लहसुन की खेती के लिए आधुनिक प्लांटर-डिगर मशीन किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है.यह मशीन बुवाई से लेकर खुदाई तक का काम कर 40 से 60% तक श्रम बचाती है, लागत घटाती है और उत्पादन बढ़ाने में मदद करती है.
जबलपुर के किसान कृष्ण कुमार सिंह लोधी ने पारंपरिक खेती छोड़ ईरानी अकरकरा जैसी औषधीय फसल अपनाकर नई मिसाल पेश की है.कम पानी, कम लागत और 6-8 महीने में तैयार होने वाली इस फसल से उन्हें बेहतर मुनाफे की उम्मीद है और अब दूसरे किसान भी इससे प्रेरित हो रहे हैं.
NAFED के निदेशक अशोक ठाकुर ने किसान तक से खास बातचीत में बताया कि संगठन ने दलहन खरीदी क्षमता 1.25 लाख टन से बढ़ाकर 76 लाख टन कर दी है.साथ ही 7 लाख टन प्याज बफर स्टॉक, किसानों के बच्चों की पढ़ाई पर मुनाफे का 1% खर्च करने की योजना और मध्य प्रदेश की प्याज खरीद में आने वाली चुनौतियों पर भी खुलकर बात की.
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए MSP पर मूंग उपार्जन 25% से बढ़ाकर 60% करने का फैसला लिया है.साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त और उपार्जन की अंतिम तिथि 20 अगस्त कर दी गई है. खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था भी फिलहाल स्थगित कर दी गई है.
मध्य प्रदेश में MSP पर 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर किसान आंदोलन तेज हो गया है.मुख्यमंत्री आवास के बाहर डटे किसानों के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान से नया विवाद खड़ा हो गया है. शिवराज ने कहा कि केंद्र 87% खरीद की स्वीकृति पहले ही दे चुका है, जबकि अतिरिक्त खरीदी राज्य सरकार अपने बजट से कर सकती है.
मध्य प्रदेश में MSP पर 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन उग्र हो गया है। हजारों किसान बैरिकेड तोड़कर मुख्यमंत्री आवास के करीब पहुंच गए. सरकार के साथ कई दौर की वार्ता के बावजूद समाधान नहीं निकला है, जबकि किसानों ने साफ कर दिया है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
मध्य प्रदेश में MSP पर 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है. हजारों किसान भोपाल में डटे हैं, सड़क पर रसोई बनाकर आंदोलन कर रहे हैं और मुख्यमंत्री आवास के घेराव की मांग पर अड़े हैं.किसानों का कहना है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
MSP पर 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है.सरकार से देर रात हुई वार्ता बेनतीजा रही.आज हजारों किसान भोपाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे, जबकि राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
भोपाल में मूंग की 100% MSP खरीदी की मांग को लेकर हजारों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया. मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ते किसानों को रोकने के लिए SAF, RAF और 20 से अधिक थानों की पुलिस तैनात की गई. आंदोलन के बीच सरकार और किसान संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है.
मध्य प्रदेश में MSP पर 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर 19 किसान संगठनों का आंदोलन तेज हो गया है. 2,000 से अधिक किसान होशंगाबाद से पैदल मार्च करते हुए भोपाल पहुंच चुके हैं.किसानों ने मुख्यमंत्री आवास घेरने का ऐलान किया है, जबकि राजधानी की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
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