विदिशा क्षेत्र में गेहूं खरीदी व्यवस्था की समीक्षा के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने स्लॉट बुकिंग, बारदाना और तौल व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही.
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी तेज रफ्तार से जारी है, जहां 1.45 लाख किसानों से 63.27 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है और 920 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है. सरकार ने स्लॉट बुकिंग क्षमता बढ़ाने और केंद्रों पर सुविधाएं मजबूत करने जैसे कदम उठाए हैं.
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी प्रक्रिया को तेज करने के लिए खरीद केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ा दी गई है. सरकार ने स्लॉट क्षमता भी बढ़ाई है, जिससे ज्यादा किसानों की उपज समय पर खरीदी जा सकेगी और भुगतान प्रक्रिया भी जारी है.
ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर होती है. दो महीने की अवधि वाली मूंग की खेती से किसानों की अच्छी आमदनी भी बढ़ी है.
मध्यप्रदेश में खरीफ 2026 से पहले कृषि विभाग ने ‘नवाचार प्रबंधन अभियान’ शुरू किया है, जिसके तहत किसानों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाएं और जैविक खेती से जोड़ने की तैयारी है. सरकार का फोकस लागत घटाकर उत्पादन और आय बढ़ाने पर है.
एमपी में गेहूं खरीदी तेज हो गई है और अब तक करीब 19 लाख टन उपार्जन हो चुका है. सरकार ने स्लॉट बुकिंग की आखिरी तारीख तय कर दी है, ऐसे में किसानों के लिए समय रहते प्रक्रिया पूरी करना जरूरी हो गया है.
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ सरकार ने खरीद प्रक्रिया तेज कर दी है. हजारों किसानों से लाखों क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है और भुगतान सीधे खातों में पहुंच रहा है. बड़ी संख्या में किसानों ने स्लॉट बुक कराए हैं, जिससे इस बार रिकॉर्ड खरीदी के संकेत मिल रहे हैं.
रायसेन मेले में PZTM जैसी पराली-आधारित तकनीकें यहां लाइव डेमो के जरिए दिखाई जा रही हैं, जो किसानों को आकर्षित कर रही हैं क्योंकि मध्य प्रदेश में भी धान-गेहूं सिस्टम में पराली प्रबंधन की जरूरत है।
भोपाल में MSP पर गेहूं खरीदी शुरू होते ही किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का दाम मिल रहा है, जो मंडी से बेहतर है. केंद्रों पर तौल, भंडारण और सुविधाओं से किसान संतुष्ट नजर आए.
रायसेन जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इस वर्ष सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख 9 अप्रैल तय की गई है. जानकारी के अनुसार, वेयर हाउस के अंदर और बाहर लगभग 10 हजार क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है.
Madhya Pradesh Wheat Procurement: मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की तारीख में फिर बदलाव किया गया है, अब 9 अप्रैल से MSP पर खरीद शुरू होगी. सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने और बोनस के साथ बेहतर दाम देने का फैसला किया है, साथ ही व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश भी जारी किए हैं.
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