एमपी में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का दायरा बढ़ा दिया गया है. लंबी लाइन और भीड़ से परेशान किसानों के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है. अब 28 मई तक खरीदी होगी. पढ़ें खरीद, भुगतान से जुड़ी पूरी जानकारी...
भीषण गर्मी में धान की नर्सरी को बचाना किसानों के लिए इन दिनों बेहद मुश्किल हो रहा है .नर्सरी में भरा जा रहा पानी काफी गर्म हो जा रहा है जिसके चलते अंकुरण पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है. ऐसे में किसानों के लिए कृषि विशेषज्ञों की यह सलाह बहुत काम की है.
मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का आंकड़ा 90 लाख मीट्रिक टन से आगे निकल गया है. सरकार ने अब तक 12 लाख से ज्यादा किसानों से खरीद कर 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है.
मध्यप्रदेश का नीमच देश की अनोखी हर्बल मंडी बन चुका है, जहां औषधीय फसलों के फूल, पत्ती, जड़ और बीज तक की नीलामी होती है. किसानों को कई फसलों के लाखों रुपये प्रति क्विंटल दाम मिल रहे हैं.बढ़ती मांग से औषधीय खेती किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा जरिया बन रही है.
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी का आंकड़ा 87 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है और लक्ष्य पूरा करने के लिए 13 प्रतिशत से भी कम खरीदी होना शेष है. इस बीच, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने सोमवार को खरीद से जुड़े आंकड़े पेश किए हैं.
मध्यप्रदेश का गेहूं ओमान, यमन, यूएई, कतर, सऊदी अरब, बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में अपनी खास पहचान बना चुका है. इन देशों में प्रदेश के शरबती गेहूं की खास मांग है.
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी अभियान एक महीने में 56 प्रतिशत पूरा हो चुका है और अब तक किसानों को 10,403.17 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. 9.38 लाख किसानों से 56.45 लाख मीट्रिक टन खरीदी दर्ज हुई है. सरकार ने तौल और भुगतान की समय सीमा बढ़ाकर प्रक्रिया को तेज किया है.
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