सोयाबीन बाजार में तेजी बरकरार, कई राज्यों में भाव MSP से काफी ऊपर

सोयाबीन बाजार में तेजी बरकरार, कई राज्यों में भाव MSP से काफी ऊपर

अगस्त 2026 में सोयाबीन के थोक भाव मजबूत रहे. छत्तीसगढ़ में मासिक आधार पर 21.8% की सबसे बड़ी तेजी दर्ज हुई, जबकि देश का औसत भाव 6,867 रुपये प्रति क्विंटल रहा. जानिए राज्यवार सोयाबीन के ताजा होलसेल रेट.

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सोयाबीन बाजार में तेजी बरकरार, कई राज्यों में भाव MSP से काफी ऊपरसोयाबीन के भाव में तेजी

सोयाबीन के थोक बाजार में अगस्त 2026 के दौरान कीमतें मजबूत बनी हुई हैं. कई प्रमुख उत्पादक राज्यों में भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर कारोबार कर रहे हैं. राज्यवार आंकड़ों के अनुसार देश में सोयाबीन का औसत थोक भाव अगस्त 2026 में 6,867.04 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जो जुलाई 2026 के 6,826.60 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले मामूली बढ़त दिखाता है.

सबसे अधिक औसत थोक भाव तमिलनाडु में दर्ज किया गया, जहां सोयाबीन 9,385.12 रुपये प्रति क्विंटल बिका. इसके बाद तेलंगाना में 6,888.99 रुपये, मध्य प्रदेश में 6,682.72 रुपये और कर्नाटक में 6,739.68 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे.

छत्तीसगढ़ में दाम में बड़ी तेजी

मासिक आधार पर सबसे बड़ी तेजी छत्तीसगढ़ में देखने को मिली. यहां अगस्त में सोयाबीन का औसत भाव 6,412.89 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो जुलाई के मुकाबले 21.8 प्रतिशत अधिक है. वहीं उत्तर प्रदेश में भी कीमतों में 2.6 प्रतिशत और तेलंगाना में 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

दूसरी ओर कुछ राज्यों में मामूली नरमी रही. गुजरात में कीमतें 4.3 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 3.8 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 2.9 प्रतिशत, राजस्थान में 2.4 प्रतिशत, कर्नाटक में 0.9 प्रतिशत और तमिलनाडु में 0.7 प्रतिशत घटीं. हालांकि इन राज्यों में भी भाव पिछले साल की तुलना में काफी ऊंचे बने हुए हैं.

सालाना आधार पर तमिलनाडु में बड़ी बढ़त

सालाना आधार पर देखें तो सभी प्रमुख राज्यों में सोयाबीन के भाव में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सबसे बड़ी सालाना बढ़त तमिलनाडु में 107.8 प्रतिशत रही. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में 53.9 प्रतिशत, गुजरात में 50.9 प्रतिशत, तेलंगाना में 48 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 47 प्रतिशत और मध्य प्रदेश में 46.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.

विशेषज्ञों का मानना है कि सोयाबीन की मजबूत मांग, तेल उद्योग की खरीद और आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण बाजार में भाव ऊंचे बने हुए हैं. आगामी फसल आगमन के साथ बाजार की दिशा पर मौसम और उत्पादन के अनुमान का असर देखने को मिल सकता है.

सोयाबीन के दाम पर मॉनसून का असर

इस बार मॉनसून की कम बारिश के चलते सोयाबीन की बुवाई कम हुई है जिसका असर दाम पर देखा जा रहा है. बाजार में अभी से ऐसी बातें चल गई हैं कि आने वाले समय में सोयाबीन की उपज कम होगी और आयात पर अधिक निर्भरता बढ़ेगी. इससे भी दाम में तेजी के संकेत है.

खाद्य तेलों के आयात में सोयाबीन की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है. पश्चिम एशिया तनाव के बाद सोयाबीन सहित बाकी खाद्य तेलों के दाम भी बढ़े हैं जिसका असर देसी बाजार में सोयाबीन के दाम पर देखे जा रहे हैं. फिलहाल इसमें किसी नरमी के संकेत नहीं हैं.

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